खड़गे ने विपक्षी सांसदों को फिर लंच पर बुलाया, कनॉट प्लेस में बैठक; आगे की रणनीति पर नजर
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों को एक बार फिर दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया है। बैठक दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रस्तावित है। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर जारी विपक्षी विरोध के बीच इस जुटान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोपहर पौने दो बजे पहुंचने का निमंत्रण
एनडीटीवी की सुबह प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी सांसदों को कनॉट प्लेस के रेस्टोरेंट में दोपहर पौने दो बजे पहुंचने का निमंत्रण दिया गया है। रिपोर्ट में लंच के बाद विरोध प्रदर्शन की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, सुबह तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रदर्शन का अंतिम कार्यक्रम या उसके रास्ते को निश्चित नहीं कहा जा सकता।
बैठक में होने वाली बातचीत और उसके बाद नेताओं के बयान से आगे की गतिविधियों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल सांसदों को आमंत्रित किए जाने और बैठक प्रस्तावित होने की जानकारी सामने आई है। इसे बैठक संपन्न होने या किसी निर्णय की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव आयोग और एसआईआर का मुद्दा प्रमुख
विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान जारी है। गुरुवार की बैठक के बाद विरोध की अगली रूपरेखा तय हो सकती है। यह विपक्ष का राजनीतिक रुख है; लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
इस घटनाक्रम में बैठक का महत्व विभिन्न दलों के बीच समन्वय से भी जुड़ा है। साझा कार्यक्रम के लिए समय, स्थान और भागीदारी पर सहमति आवश्यक होती है। इसलिए आमंत्रण के साथ यह भी देखा जाएगा कि कौन से दल अपने प्रतिनिधि भेजते हैं और बातचीत के बाद क्या घोषणा होती है।
बुधवार को भी हुआ था विपक्षी जुटान
गुरुवार का निमंत्रण लगातार दूसरे दिन की लंच बैठक से जुड़ा है। बुधवार, 7 अक्टूबर को खड़गे ने जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में इंडिया गठबंधन के सांसदों को बुलाया था। उस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के कांग्रेस सांसद भी शामिल हुए थे। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, खड़गे और राहुल गांधी वहां पहुंचे थे।
लगातार आयोजित हो रही बैठकों से विपक्ष के अगले कदम पर राजनीतिक ध्यान बढ़ा है। फिर भी प्रत्येक बैठक की भागीदारी और उसके परिणाम अलग हो सकते हैं। बुधवार को उपस्थित नेताओं की सूची को गुरुवार की बैठक में शामिल होने वाले नेताओं की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
पिछले मार्च के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
मंगलवार के विरोध मार्च के बाद विपक्ष और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया था। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था और प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसी घटनाक्रम के बाद बुधवार को विपक्षी नेताओं ने आगे के कदम पर चर्चा के लिए जुटान किया।
कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के साथ पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए 8 अक्टूबर को राज्य इकाइयों से ‘काला दिवस’ मनाने और प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। पुलिस के व्यवहार संबंधी आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
समाजवादी पार्टी की भागीदारी पर भी नजर
बुधवार की लंच बैठक में समाजवादी पार्टी की अनुपस्थिति चर्चा में रही थी। द ट्रिब्यून के अनुसार, पार्टी ने समय पर सूचना नहीं मिलने का कारण बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सभी इंडिया गठबंधन दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कम समय के कारण कुछ प्रतिनिधियों का पहुंचना कठिन रहा।
अब गुरुवार की बैठक में दलों की वास्तविक भागीदारी, साझा बयान और किसी अगले प्रदर्शन की घोषणा पर नजर रहेगी। प्रस्तावित गतिविधियों और संपन्न घटनाओं के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी से ही उसके निर्णय और आगे की रणनीति स्पष्ट होगी।
