Khajuraho होटल कांड: आलू-गोभी में कीटनाशक, पांचवीं मौत, फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा
छतरपुर/ग्वालियर: Khajuraho के गौतम होटल और रिसॉर्ट में हाल ही में हुई फूड पॉइजनिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इस गंभीर मामले में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है और चार अन्य कर्मचारी इलाजरत हैं। यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम के लिए भी एक चुनौती बन गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मृतकों ने आलू-गोभी की सब्जी खाने के तुरंत बाद उल्टी, दस्त और गंभीर बेचैनी की शिकायत दर्ज कराई थी।
फॉरेंसिक जांच में मृतकों के शरीर और खाने में फॉस्फेट कंपाउंड पाए गए हैं। इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि भोजन में कीटनाशक की मौजूदगी ने इस भयावह घटना को अंजाम दिया। अब तक की जांच के अनुसार यह भोजन सभी कर्मचारियों द्वारा एक साथ खाया गया था, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि सब्जी में कीटनाशक जानबूझकर मिलाया गया या गलती से शामिल हो गया।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा: पांचवीं मौत दर्ज
छतरपुर के एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने बताया कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दयाराम रैकवार की भी मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या पांच हो गई। इससे पहले चार अन्य कर्मचारियों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। घटना के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गए। वहीं, SIT की टीम भी पूरी तरह जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट में कीटनाशक पाए जाने की पुष्टि हुई है।
घटना की शुरुआत 8 दिसंबर को हुई, जब इलाज के दौरान पहले तीन कर्मचारियों की मौत हुई। 14 दिसंबर को चौथे और 23 दिसंबर को पांचवें कर्मचारी की मृत्यु दर्ज की गई। कुल 9 कर्मचारियों को उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत पर छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से सभी को गंभीर स्थिति के कारण ग्वालियर रेफर किया गया।
खाने का कारण और कर्मचारियों की स्थिति
Khajuraho के गौतम रिसॉर्ट में काम करने वाले 9 कर्मचारियों ने आलू-गोभी की सब्जी खाई थी। इसके तुरंत बाद सभी को उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत हुई। प्रभावित कर्मचारियों में दयाराम पटेल (50), रामस्वरूप कुशवाहा (47), रोशनी रजक (30), दयाराम रैकवार (70), रवि कोंदर, हार्दिक सोनी (20), प्रागीलाल कुशवाहा (33), गिरजा रजक (35) और प्रियागी कुशवाहा (50) शामिल थे।
सभी को प्राथमिक इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार न होने और लगातार बिगड़ने के कारण पांच लोगों की मृत्यु हो गई। बाकी चार कर्मचारी अभी भी अस्पताल में इलाजरत हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मरने वालों की सूची और गंभीरता
अब तक मरने वालों में प्रियागी कुशवाहा, रामस्वरूप कुशवाहा, गिरजा रजक, हार्दिक सोनी और दयाराम रैकवार शामिल हैं। यह सभी कर्मचारी खजुराहो के गौतम रिसॉर्ट में काम कर रहे थे। उनके अलावा चार अन्य कर्मचारी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
एसपी आदित्य पटले ने कहा, “दुर्भाग्यवश इस मामले में एक और मौत दर्ज की गई। फॉरेंसिक जांच में फॉस्फेट कंपाउंड पाए गए हैं। हमारी टीम घटना की हर बारीकी से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जानबूझकर किया गया अपराध था या गलती से हुआ।”
फॉरेंसिक रिपोर्ट और जांच की दिशा
फॉरेंसिक टीम ने मृतकों के शरीर और खाने में फॉस्फेट कंपाउंड पाए हैं, जो खतरनाक कीटनाशक है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फूड पॉइजनिंग जानबूझकर या गंभीर लापरवाही के कारण हुई। SIT और फॉरेंसिक टीम अब हर एंगल से जांच कर रहे हैं, जिसमें आलू-गोभी की सब्जी में कीटनाशक के स्रोत की पहचान, रिसॉर्ट के किचन और स्टोर रूम की स्थिति की जांच, कर्मचारियों और खाना बनाने वालों से पूछताछ, तथा स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम के बीच रिपोर्टिंग का तालमेल शामिल है। अस्पताल और प्रशासन के अधिकारी लगातार समीक्षा कर रहे हैं ताकि घटना के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों को कानून के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़े।
प्रशासनिक कदम और भविष्य की योजना
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें बनाई हैं। SIT और फॉरेंसिक टीम के अलावा स्थानीय पुलिस लगातार रिसॉर्ट में जांच कर रही है। प्रशासन ने रिसॉर्ट के संचालन और किचन की सफाई की स्थिति की भी जांच शुरू कर दी है।
एसपी आदित्य पटले ने कहा कि जांच के अंतर्गत सभी एंगल को खंगाला जाएगा। जांच पूरी होने तक रिसॉर्ट के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने शहर के अन्य होटल और रिसॉर्ट में फूड सेफ्टी की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष
Khajuraho होटल कांड ने न केवल स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बढ़ा दी है, बल्कि फूड सेफ्टी और रेस्तरां संचालन के मानकों पर भी सवाल खड़ा किया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार आलू-गोभी में कीटनाशक की मौजूदगी ने पांच कर्मचारियों की जान ले ली। अभी भी चार कर्मचारी गंभीर हालत में अस्पताल में हैं।
जांच जारी है और प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग मांगा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और यह घटना फूड सेफ्टी के महत्व को दोबारा रेखांकित करती है।

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