Khajuraho Meeting 2025: खजुराहो में CM मोहन यादव की अहम समीक्षा बैठक, विभागीय कामकाज, निवेश, महिलाओं के रोजगार और MSME विकास पर विशेष फोकस
छतरपुर जिले के पर्यटन नगरी खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के विकास को गति देने वाली प्रमुख योजनाओं और नीतियों की व्यापक समीक्षा करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह उच्च स्तरीय बैठक महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर, खजुराहो में आयोजित की गई, जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था—
विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा
निवेश एवं औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों का मूल्यांकन
महिलाओं के लिए रोजगार अवसरों की स्थिति
MSME इकाइयों की स्थिति एवं विस्तार
राज्य में Ease of Doing Business को और बेहतर बनाने की रणनीति
वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागवार प्रेजेंटेशन देते हुए दो वर्षों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और जनहितकारी तरीके से लागू किया जाए, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुँचे।
महिलाओं के रोजगार व सुरक्षा पर CM का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक के बाद X (ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए कहा:
“मध्यप्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता महिलाओं के रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। राज्य की उद्योग नीतियाँ, MSME विस्तार, नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति और वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी सुविधाएँ इसी दिशा में हमारा सशक्त कदम हैं।”
उन्होंने बताया कि औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं, जिनका लाभ लाखों युवाओं—विशेषकर महिलाओं—तक पहुँच रहा है।
वन उपज से लाभ — श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि वन उपज का वास्तविक लाभ सीधे श्रमिकों तक पहुँचे।
सरकार का उद्देश्य है—
• वन आधारित उद्योगों को बढ़ावा
• श्रमिकों की कमाई में वृद्धि
• ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण
खजुराहो बैठक में सामने आईं बड़ी उपलब्धियाँ
नीचे वे प्रमुख उपलब्धियाँ हैं जिन पर बैठक के दौरान विस्तार से चर्चा की गई:
1. Ease of Doing Business में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थानों में
राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हुई है।
• ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम
• समयबद्ध अनुमतियाँ
• औद्योगिक क्लस्टर विकास
इन कदमों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
2. तीन नई नीतियों का सफल क्रियान्वयन
मध्यप्रदेश ने उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिए नई नीतियाँ लागू कीं—
• लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को गति
• निर्यात को बढ़ावा
• उद्योगों के लिए सरल और आकर्षक प्रावधान
3. महिलाओं को ‘नाइट शिफ्ट’ में कार्य की अनुमति
यह कदम राज्य में महिलाओं के रोजगार के नए अवसर खोलता है।
साथ ही सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और हेल्पलाइन सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।
4. ₹2.48 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का भूमि आवंटन पूरा
यह मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
• लगभग 2.85 लाख रोजगार सृजित होने की संभावनाएँ
• बड़े उद्योगों के लिए तेज धरातल तैयार
5. उद्योग विस्तार हेतु ₹4,977 करोड़ की सहायता वितरित
राज्य सरकार ने उद्योगों को सब्सिडी, टैक्स छूट और अन्य प्रोत्साहन प्रदान किए।
6. 327 MSMEs और बड़ी इकाइयों में उत्पादन आरंभ
• छोटे और मध्यम उद्योगों में नई ऊर्जा
• 40,516 नए रोजगार सृजित
7. ₹18,685 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज की मंजूरी
इन परियोजनाओं से लगभग 21,835 रोजगार बनने का अनुमान है।
यह दर्शाता है कि निवेशक मध्यप्रदेश को तेजी से उभरते औद्योगिक राज्य के रूप में देख रहे हैं।
8. 26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर स्वीकृत
इनमें शामिल हैं—
• टेक्सटाइल क्लस्टर
• इंजीनियरिंग पार्क
• IT और इलेक्ट्रॉनिक्स जोन
• एग्री बेस्ड इंडस्ट्रियल एरिया
9. PM MITRA Park, धार — 873 हेक्टेयर में कार्य आरंभ
प्रधानमंत्री मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ टेक्सटाइल पार्कों में से एक मध्यप्रदेश में विकसित हो रहा है।
यह राज्य को टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
10. महिलाओं के लिए 5,772 बेड क्षमता वाले 4 वर्किंग वुमन हॉस्टल स्वीकृत
यह सुविधा—
कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास
उद्योग क्षेत्रों में महिला भागीदारी को बढ़ावा
11. व्यापार विस्तार के लिए पाँच नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर में नया कार्यालय
यह नए निवेशकों और उद्योगों के लिए आसान संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करेंगे।
12. प्रत्येक जिले के कलेक्टर कार्यालय में इन्वेस्टमेंट सेंटर
निवेशकों को एक ही स्थान पर—
• जानकारी
• अनुमति
• मार्गदर्शन
• तकनीकी सहायता
सुलभ होती है।
खजुराहो बैठक का व्यापक प्रभाव—क्या बदलेगा?
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक से निम्न प्रभाव स्पष्ट हैं:
1. मध्यप्रदेश में निवेश की गति और तेज होगी
निवेशक—देशी व विदेशी—दोनों राज्य को स्थिर, सक्षम और सुरक्षित औद्योगिक गंतव्य के रूप में देख रहे हैं।
2. रोजगार सृजन में बड़ा उछाल
विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए नई नौकरियाँ खुलेंगी।
3. MSME सेक्टर को नई मजबूती
छोटे उद्योगों की वृद्धि राज्य के आर्थिक ढाँचे को मजबूत करती है।
4. टेक्सटाइल एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरता MP
PM MITRA Park और नई नीतियाँ मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान देंगी।
5. जिला-स्तर पर निवेश को सरल बनाना
कलेक्टर स्तर तक इन्वेस्टमेंट सेंटर बनने से प्रक्रियाएँ तेज होंगी।
निष्कर्ष — खजुराहो में CM की बैठक से विकास की नई राह
खजुराहो में हुई यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि आने वाले वर्षों के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने का एक बड़ा कदम थी।
निवेश, रोजगार, MSME विस्तार, महिला सुरक्षा, औद्योगिक विकास और Ease of Doing Business— ये सभी बिंदु स्पष्ट करते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार एक तेज, पारदर्शी और उद्योग-समर्थक शासन व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।
