Khajrana Ganesh Temple: 13 सितंबर को रातभर खुलेगा खजराना गणेश मंदिर, सवा लाख मोदक का लगेगा भोग; 6 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से होगा श्रृंगार
Khajrana Ganesh Temple गणेश चतुर्थी को लेकर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गणेश पंडाल सजाए जा रहे हैं और भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी बीच इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में भी गणेशोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर में इस बार भी भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का महाभोग लगाया जाएगा। वहीं गणेशोत्सव के 10 दिनों के दौरान भगवान गणेश का रोजाना विशेष और भव्य श्रृंगार किया जाएगा।
गणेशोत्सव के साथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, सजावट, लाइटिंग, प्रसाद वितरण और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
13 सितंबर को रातभर खुलेगा मंदिर का दरबार
गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले 13 सितंबर को हरतालिका तीज के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर रातभर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा। यानी भक्तों को भगवान गणेश के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट लगातार खुले मिलेंगे।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, हरतालिका तीज के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए 13 सितंबर को मंदिर में 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालु रात में भी भगवान गणेश के दर्शन कर सकेंगे।
14 सितंबर से गणेशोत्सव की शुरुआत
मंदिर में गणेशोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ होगा। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर एवं मंदिर प्रशासक क्षितिज सिंघल ध्वजा पूजन करेंगे।
इसके साथ ही मंदिर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। पूरे उत्सव के दौरान मंदिर में अलग-अलग धार्मिक आयोजन किए जाएंगे और भगवान गणेश के विशेष स्वरूपों का श्रृंगार किया जाएगा।
भगवान गणेश को लगेगा सवा लाख मोदकों का महाभोग
Khajrana गणेश मंदिर की परंपरा के अनुसार गणेशोत्सव के पहले दिन भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाएगा। इस साल भी इस परंपरा को जारी रखा जा रहा है।
मंदिर परिसर में जल्द ही मोदक बनाने का काम शुरू किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक करीब 6 दिनों में सवा लाख मोदक तैयार किए जाएंगे। इसके लिए हलवाई खेमजीभाई और उनके करीब 30 सहयोगी 10 सुपर भट्टियों पर मोदक बनाने का काम करेंगे।
श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी और कैलाश पंच के अनुसार, भक्त मंडल की ओर से परंपरा के मुताबिक गणेशोत्सव के पहले दिन यह महाभोग भगवान गणेश को समर्पित किया जाएगा।
10 दिनों तक 11 हजार लड्डुओं का भोग
सवा लाख मोदकों के अलावा गणेशोत्सव के पूरे 10 दिनों तक भगवान गणेश को अलग-अलग प्रकार के लड्डुओं का भोग भी लगाया जाएगा। हर दिन शाम की आरती के समय करीब 11 हजार लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा।
इन लड्डुओं में सोंठ, ड्रायफ्रूट, उड़द सहित विभिन्न सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डुओं का वितरण किया जाएगा।
गणेशोत्सव के दौरान मूंग, उड़द, चावल, चंवला, चना, ज्वार, बाजरा, गेहूं, सूखे मेवे और पंचमेवा जैसी अलग-अलग सामग्री से लड्डू तैयार किए जाएंगे। हर दिन भगवान गणेश को अलग प्रकार के लड्डुओं का भोग लगाने की व्यवस्था की गई है।
6 करोड़ से ज्यादा के स्वर्ण आभूषणों से होगा श्रृंगार
गणेशोत्सव के दौरान खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेश का रोजाना विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान भगवान गणेश को 6 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार इन आभूषणों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद निर्धारित धार्मिक प्रक्रिया के तहत भगवान गणेश का श्रृंगार किया जाता है। गणेशोत्सव के 10 दिनों में भक्तों को भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार के दर्शन होंगे।
80 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी
गणेशोत्सव के दौरान मंदिर में आने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पूरे मंदिर परिसर में 80 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार थानों का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। मंदिर प्रबंधन समिति के करीब 30 सुरक्षा गार्ड नियमित रूप से व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी।
