Ketan अग्रवाल हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: मंगेतर सिया और प्रेमी चेतन ने मिलकर रची थी हत्या की साजिश
पुणे के चर्चित कारोबारी Ketan अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को एक सुनियोजित हत्या में बदल दिया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात के पीछे केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की साजिश थी, जिन्होंने मिलकर केतन को लोहागढ़ किले पर धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।
यह घटना उस समय हुई जब Ketan अपनी मंगेतर सिया के साथ किले पर घूमने गया था। बताया जा रहा है कि दोनों की शादी इसी साल नवंबर में राजस्थान के एक भव्य महल में होने वाली थी, जिसकी तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी थीं।
पहले से मौजूद था प्रेमी, पहले से बनी थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। वारदात वाले दिन चेतन चौधरी पहले से ही लोहागढ़ किले पर मौजूद था। जैसे ही केतन और सिया वहां पहुंचे, कुछ देर बाद चेतन भी उनके पीछे-पीछे ऊंचाई वाले हिस्से की ओर गया।
पुलिस के अनुसार, जैसे ही तीनों एक सुनसान और ऊंचाई वाले स्थान पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे एक दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
CCTV फुटेज और मोबाइल जांच से मिला सुराग
पुलिस को जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण CCTV फुटेज मिला, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति हूडी पहने हुए किले की ओर जाता दिखाई दिया। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि चेतन ने घटना वाले दिन अपना मोबाइल घर पर छोड़ दिया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न की जा सके।
वह अपने किसी कर्मचारी का फोन लेकर घटनास्थल पर पहुंचा था और उसी के जरिए सिया से संपर्क बनाए हुए था। पुलिस का कहना है कि यह पूरी योजना काफी सोच-समझकर बनाई गई थी ताकि किसी भी तरह का डिजिटल ट्रेस न छोड़ा जाए।
हत्या के बाद हादसे का नाटक
घटना के बाद सिया ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया ताकि आसपास मौजूद लोग इसे एक दुर्घटना समझें। कुछ ही समय बाद वहां मौजूद गार्ड और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और केतन के परिवार को भी सूचना दी गई।
शुरुआत में मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की तो घटनाओं की कड़ी एक सुनियोजित हत्या की ओर इशारा करने लगी।
सगाई और शादी की तैयारी के बीच रची गई साजिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन और सिया की सगाई फरवरी में हो चुकी थी और दोनों की शादी नवंबर में राजस्थान के एक महल में तय थी। शादी की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं और मेहमानों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था तक की जा रही थी।
इसके बावजूद सिया का अपने पुराने प्रेमी चेतन के साथ संबंध बना रहा, और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
बाली ट्रिप से जुड़ा बड़ा खुलासा
जांच में यह भी पता चला कि हाल ही में केतन और सिया बाली (इंडोनेशिया) घूमने जाने वाले थे। दोनों मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंच भी गए थे, लेकिन उसी दौरान केतन का पासपोर्ट गायब हो गया, जिसके कारण उन्हें यात्रा रद्द करनी पड़ी।
पुलिस का दावा है कि सिया ने ही जानबूझकर केतन का पासपोर्ट छिपाया था ताकि वह विदेश यात्रा पर न जा सके। यह भी साजिश का हिस्सा था, ताकि उनके रिश्ते और भविष्य की योजनाओं में बाधा डाली जा सके।
चेतन की शातिर चाल और मोबाइल ट्रिक
जांच में चेतन की शातिर रणनीति भी सामने आई है। उसने घटना वाले दिन अपना मोबाइल घर पर छोड़ दिया ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। वह अपने कर्मचारी का फोन लेकर किले पर पहुंचा और उसी फोन के जरिए सिया से संपर्क में रहा।
- पुलिस के अनुसार, यह पूरी योजना डिजिटल सबूतों को छिपाने और जांच को भटकाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी जांच और CCTV फुटेज ने सच्चाई सामने ला दी।
पुलिस जांच में कबूलनामे
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
निष्कर्ष
Ketan अग्रवाल हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित किया है कि रिश्तों की आड़ में छिपी साजिशें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। जो मामला पहले एक दुर्घटना लग रहा था, वह अब एक पूर्व नियोजित हत्या के रूप में सामने आया है। पुलिस की जांच ने न केवल इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि तकनीकी साक्ष्य और सतर्क जांच से कितनी जटिल साजिशों का भी खुलासा संभव है।
