केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च झाबुआ में निकाला गया। महात्मा गांधी प्रतिमा पर 21 छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग उठाई गई। पढ़ें पूरी खबर।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च: झाबुआ में 21 छात्रों को श्रद्धांजलि, युवाओं की जीत का दावा
झाबुआ | प्रतिनिधि – मनीष कुमट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च झाबुआ में निकाला गया, जहां जिला कांग्रेस ने इसे देशभर के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद टंट्या मामा की प्रतिमा से महात्मा गांधी प्रतिमा तक विजय मार्च निकाला।
विजय मार्च क्यों निकाला गया?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च झाबुआ शहर में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निकाला गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह केवल किसी व्यक्ति के इस्तीफे का विषय नहीं बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों, अभिभावकों और युवाओं की आवाज की जीत है।
विजय मार्च शहीद टंट्या मामा की प्रतिमा से प्रारंभ होकर महात्मा गांधी प्रतिमा तक पहुंचा। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए।
महात्मा गांधी प्रतिमा पर 21 छात्रों को श्रद्धांजलि
मार्च के समापन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कैंडल जलाकर दो मिनट का मौन रखा।
इस दौरान कथित पेपर लीक प्रकरण से जुड़े 21 छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण विद्यार्थियों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी के नेतृत्व का किया उल्लेख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार युवाओं की समस्याओं को संसद से लेकर सड़क तक उठाया।
नेताओं का कहना था कि छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के कारण केंद्र सरकार पर जवाबदेही बनी और अंततः शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत और युवाओं के संघर्ष की सफलता बताया।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रणाली की खामियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और प्रतियोगी परीक्षाओं पर विश्वास कम हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि विभिन्न परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने युवाओं को निराश किया है और अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि—
- प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
- दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
- राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए।
नेताओं ने कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नटवर डोडियार, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता साबिर फिटवेल, जिला कांग्रेस महामंत्री हर्ष जैन, बबलू कटारा, लोकेंद्र बिलवाल, आईटी सेल अध्यक्ष वसीम सैयद, किलू भूरिया, पार्षद धूमा भाबर, रशीद कुरैशी, अब्दुल करीम, गोलू कुरैशी, गोरी कटारा, दीपू डोडियार, सुनीता अलावा, मालू डोडियार, आयुष ओहरी, रेखा हटीला, मारिया वड़किया, सायरा बानो, निर्मला गोयल, प्रेम गुंडिया, अनिल भाबोर, आदेश भूरिया, ओवैस शेख, दीपक मखोडिया, गुफरान कुरैशी, अरुण मकवाना, पुनीत भानपुरिया, मधु कटारा, सुमन बघेल, संतोष कुमारी सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय मार्च झाबुआ में राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन रहा। कांग्रेस ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया, जबकि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराई। कार्यक्रम में 21 छात्रों को श्रद्धांजलि देकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
