सिंघाना कस्तूरबा गांधी छात्रावास की छात्राएं पूर्व अधीक्षिका की पुनः पोस्टिंग के विरोध में सड़क पर उतरीं
छात्राओं ने लगाया खराब व्यवहार और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलने का आरोप, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी शिकायत
मनावर। मनावर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिंघाना स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में गुरुवार को उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब छात्रावास में रहने वाली बालिकाएं पूर्व अधीक्षिका की पुनः पोस्टिंग के विरोध में सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने पूर्व अधीक्षिका को दोबारा छात्रावास में पदस्थ किए जाने पर विरोध जताते हुए अपनी नाराजगी अधिकारियों के सामने रखी।
बताया जा रहा है कि छात्रावास की पूर्व अधीक्षिका मंजू चौहान को छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों के बाद पूर्व में छात्रावास से हटाया गया था। छात्राओं का आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें थीं।
पूर्व शिकायतों के बाद हटाई गई थीं अधीक्षिका
छात्राओं के अनुसार पूर्व में अधीक्षिका मंजू चौहान के खिलाफ छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं ने व्यवहार और भोजन से संबंधित शिकायतें की थीं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता था और उनके साथ व्यवहार भी ठीक नहीं था।
इन शिकायतों के बाद अधीक्षिका को छात्रावास से हटा दिया गया था। छात्राओं का कहना है कि अधीक्षिका को हटाए जाने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति बेहतर हुई थी।
हालांकि, बुधवार शाम को अधीक्षिका मंजू चौहान की पुनः पोस्टिंग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई।
बुधवार शाम पोस्टिंग के बाद गुरुवार को विरोध
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम पूर्व अधीक्षिका मंजू चौहान की पुनः पोस्टिंग सिंघाना स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में कर दी गई। इसकी जानकारी छात्राओं को मिलने के बाद उन्होंने विरोध जताने का निर्णय लिया।
गुरुवार को छात्राएं छात्रावास से बाहर निकलकर सड़क पर पहुंच गईं और अपनी मांगों तथा आपत्तियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना था कि जिन शिकायतों के आधार पर पूर्व में अधीक्षिका को हटाया गया था, उन्हीं परिस्थितियों में उन्हें दोबारा पदस्थ किया जाना उचित नहीं है।
छात्राओं ने अधिकारियों से मामले में उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने और उनकी सुरक्षा एवं सुविधाओं का ध्यान रखने की मांग की।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
छात्राओं के सड़क पर उतरने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली।
अधिकारियों ने छात्राओं की समस्याएं और उनकी शिकायतें सुनीं। इस दौरान छात्राओं ने पूर्व अधीक्षिका के कार्यकाल से संबंधित अपनी आपत्तियों को अधिकारियों के सामने रखा।
अधिकारियों ने छात्राओं को समझाइश दी और उन्हें वापस छात्रावास लौटने के लिए कहा। बातचीत के बाद छात्राओं को पुनः छात्रावास भेज दिया गया।
छात्राओं की शिकायतों की जांच की मांग
मामले के सामने आने के बाद अब छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर जांच की मांग उठ रही है। छात्राओं का कहना है कि छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलना चाहिए।
विशेष रूप से छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास प्रबंधन के व्यवहार को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की आवश्यकताओं और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए।
फिलहाल अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की गई है। आगे विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।
छात्रावास में सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास
घटना के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। अधिकारियों के समझाने के बाद छात्राएं वापस छात्रावास लौट गईं।
इस घटनाक्रम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावासों में छात्राओं की सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की विभागीय स्तर पर जांच होती है या नहीं और पूर्व अधीक्षिका की पुनः पोस्टिंग को लेकर विभाग आगे क्या निर्णय लेता है।
फिलहाल छात्राओं के विरोध के बाद अधिकारी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। छात्राओं की शिकायतों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
