भोले की भक्ति में लीन हुए करौंदी के ग्रामीण, 21 किलोमीटर की कावड़ यात्रा निकालकर किया जलाभिषेक
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
सावन के तीसरे सोमवार को निकली चौथी कावड़ यात्रा, महिलाओं ने कलश धारण कर गाए मंगल गीत
पड़ाना। सावन मास के तीसरे सोमवार को करौंदी गांव में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीन ग्रामीणों ने कलश एवं कावड़ यात्रा निकाली। राकी मित्र मंडल करौंदी के तत्वावधान में आयोजित यह चौथी कावड़ यात्रा धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुई। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
श्रद्धालु सुबह करीब 9 बजे श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद यात्रा के लिए रवाना हुए। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए और मंगल गीत गाते हुए यात्रा में हिस्सा लिया, वहीं पुरुष श्रद्धालु कंधों पर कावड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
सावन के तीसरे सोमवार पर निकली कावड़ यात्रा
सावन माह में शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। इसी धार्मिक माहौल के बीच करौंदी गांव में ग्रामीणों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए कावड़ यात्रा निकाली।
श्रीराम मंदिर से शुरू हुई यात्रा में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु उत्साहपूर्वक यात्रा में आगे बढ़ते रहे।
जगह-जगह हुआ कावड़ यात्रियों का स्वागत
करौंदी से सारंगपुर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर तक निकली यात्रा का रास्ते में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। रामपुरिया खेड़ा में चाय-पानी की व्यवस्था की गई और कावड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।
करौंदी गांव में भी ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का फूल बरसाकर स्वागत किया। इसके अलावा रामपुरिया खेड़ा, मंगराना सहित अन्य स्थानों पर भी कावड़ यात्रियों के लिए स्वागत और सेवा की व्यवस्था की गई।

21 किलोमीटर पैदल चले श्रद्धालु
करौंदी से सारंगपुर के कपिलेश्वर महादेव मंदिर तक श्रद्धालुओं ने करीब 21 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए यात्रा की, जबकि पुरुष श्रद्धालु कावड़ लेकर भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़े।
यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कपिलेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक
कावड़ एवं कलश यात्रा के कपिलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद कावड़ में लाए गए पवित्र जल से कपिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से गांव और क्षेत्र में सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश तथा अच्छी फसल की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद महाआरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
भंडारे का भी हुआ आयोजन
जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान सेवा भाव से ग्रामीणों ने कावड़ यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं।
धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।

ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कावड़ यात्रा में सरपंच राकेश परमार, शैलेंद्र परमार, शिवनारायण परमार, कमलेश, माखन सिंह परमार, हनुमत सिंह मारसाब, आत्माराम भिलाला, रोशन सिंह परमार, राजेश, रमेश चंद्र भिलाला, धन सिंह परमार, वकील साहब, सुनीता बाई भिलाला, गंगा भुआ और कमलाबाई भिलाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
इसके अलावा रामपुरिया खेड़ा में बद्री मामा जाट, दिनेश जाट, मानसिंह जाट, सरपंच महेश जाट, घनश्याम जाट, प्रेम परमार, राजेंद्र परमार, मोहनलाल जाट, हरिप्रसाद जाट सहित अन्य लोगों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया।
मंगराना क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि महेश गुर्जर, लोकेंद्र गुर्जर, रोजगार सहायक बृज पाटीदार, शिवप्रसाद गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
धार्मिक एकता और उत्साह का दिखा नजारा
करौंदी से शुरू हुई इस कावड़ एवं कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना दिया। महिलाओं की मंगल गीतों की गूंज, पुरुषों के कावड़ के साथ जयकारे और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यात्रा को विशेष बना दिया।
यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने भगवान शिव की आराधना करते हुए क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन माह में भगवान शिव की भक्ति करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई यात्रा
करीब 21 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं ने कपिलेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक, पूजा और आरती की। इसके बाद प्रसाद एवं भोजन भंडारे के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।
करौंदी की यह चौथी कावड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी। सैकड़ों ग्रामीणों की भागीदारी से पूरा आयोजन उत्साहपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। सावन के तीसरे सोमवार पर निकली इस यात्रा ने क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ के प्रति ग्रामीणों की गहरी आस्था और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया।
