कांकेर में जवानों पर विस्फोट की साजिश: दो दोषियों को 10-10 साल की सश्रम कैद
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश के मामले में भानुप्रतापपुर की एनआईए विशेष अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने सानू कोमरा और अर्जुन साहू को 10-10 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है। इसके साथ ही दोनों पर अलग-अलग दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जनमिलिशिया से जुड़े थे। सुरक्षा बलों ने उन्हें अक्टूबर 2023 में जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र से घेराबंदी करके पकड़ा था।
दोनों दोषियों को समान सजा
इस मामले में अदालत ने सानू कोमरा और अर्जुन साहू, दोनों के लिए समान अवधि के कारावास और समान राशि के जुर्माने का निर्णय दिया है। प्रत्येक दोषी को दस वर्ष की सश्रम कैद भुगतनी होगी और दो हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा। इस प्रकार दोनों पर लगाए गए जुर्माने की कुल राशि चार हजार रुपये है।
फैसला सुरक्षा बलों को विस्फोट के माध्यम से निशाना बनाने की साजिश से संबंधित मामले में सुनाया गया है। उपलब्ध समाचार विवरण में अदालत के निर्णय की प्रमुख जानकारी के रूप में दोषियों के नाम, कारावास की अवधि और अर्थदंड की राशि बताई गई है।
कोयलीबेड़ा क्षेत्र से हुई थी गिरफ्तारी
सानू कोमरा और अर्जुन साहू की गिरफ्तारी अक्टूबर 2023 में हुई थी। सुरक्षा बलों ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में घेराबंदी करके दोनों को पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद उनके विरुद्ध सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश से जुड़ा मामला चला।
घटनास्थल के तौर पर कोयलीबेड़ा क्षेत्र का उल्लेख है, जबकि मामले का फैसला भानुप्रतापपुर की एनआईए विशेष अदालत ने सुनाया है। गिरफ्तारी और सजा के इन विवरणों से मामले का स्थान तथा न्यायिक निर्णय स्पष्ट होता है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में गिरफ्तारी की सटीक तारीख और कार्रवाई के दौरान मौजूद सुरक्षा दल का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
जवानों को निशाना बनाने की थी साजिश
मामले का मुख्य विषय सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट से निशाना बनाने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों की भूमिका इसी साजिश से जुड़ी थी। अदालत ने इस मामले में उन्हें दोषी ठहराकर कारावास और जुर्माने की सजा निर्धारित की है।
यहां घटना के स्वरूप को स्पष्ट समझना जरूरी है। दिए गए विवरण में जवानों को निशाना बनाने की साजिश का उल्लेख किया गया है। किसी वास्तविक विस्फोट, जवानों के घायल होने या जनहानि की जानकारी इसमें शामिल नहीं है। इसलिए मामले को विस्फोट से हमले की साजिश के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
प्रतिबंधित माओवादी संगठन से संबंध
उपलब्ध समाचार सामग्री में सानू कोमरा और अर्जुन साहू को प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जनमिलिशिया से जुड़ा बताया गया है। इसी संबंध और जवानों को निशाना बनाने की साजिश के संदर्भ में दोनों के खिलाफ मामला सामने आया था।
हालांकि, संगठन में उनकी जिम्मेदारी, सदस्यता की अवधि या अन्य गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध नहीं है। इस खबर में उनके संबंध का उल्लेख उसी सीमा तक किया गया है, जितनी जानकारी सामने आई है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी अथवा उसके विरुद्ध निर्णय की जानकारी भी दिए गए विवरण में नहीं है।
भानुप्रतापपुर की विशेष अदालत ने सुनाया निर्णय
दोनों दोषियों को सजा भानुप्रतापपुर की एनआईए विशेष अदालत ने सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद इस मामले में सानू कोमरा और अर्जुन साहू की दोषसिद्धि तथा उन्हें दी गई सजा की जानकारी सामने आई है।
उपलब्ध विवरण में सुनवाई के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों, गवाहों के बयान और अदालत की विस्तृत टिप्पणियों का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी तरह, किन धाराओं के तहत अलग-अलग आरोप तय हुए और उन पर क्या निष्कर्ष दिया गया, इसकी जानकारी भी शामिल नहीं है। इन विषयों की विस्तृत स्थिति न्यायालय के आदेश से ही स्पष्ट हो सकेगी।
कारावास के साथ अर्थदंड भी
अदालत ने दोनों दोषियों को केवल कारावास की सजा नहीं दी, बल्कि आर्थिक दंड भी लगाया है। सानू कोमरा को दस वर्ष की सश्रम कैद और दो हजार रुपये जुर्माना देना होगा। अर्जुन साहू के लिए भी यही सजा निर्धारित की गई है।
कांकेर के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में अक्टूबर 2023 की गिरफ्तारी से जुड़े इस मामले में अब न्यायालय का निर्णय सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैसले का केंद्र जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश और उसमें दोनों दोषियों की भूमिका रही है। सजा के बाद अपील अथवा आगे की न्यायिक प्रक्रिया के संबंध में कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
