Kailash Vijayvargiya का बड़ा बयान: “वोट दें या न दें, काम हर हाल में करेंगे”, इंदौर में 2.39 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री Kailash Vijayvargiya ने कहा कि उनकी सरकार और पार्टी ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्य वोट बैंक की राजनीति पर निर्भर नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “हमने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। आप वोट देंगे तो ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे, नहीं देंगे तो भी करेंगे, लेकिन काम जरूर करेंगे।” उनके इस बयान को लेकर कार्यक्रम स्थल पर चर्चा का माहौल बन गया।
दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन पहुंचे मंत्री
जानकारी के अनुसार, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रविवार को विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और नई परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया।
इस अवसर पर वार्ड क्रमांक-1 और वार्ड क्रमांक-5 के लिए कुल 2 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपये की लागत से 10 विकास कार्यों की सौगात दी गई। इन सभी कार्यों का विधिवत भूमिपूजन भी मंत्री द्वारा किया गया।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, स्थानीय बुनियादी ढांचे का सुधार और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र के हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनता की सेवा को बताया सौभाग्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन और जनप्रतिनिधि की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता होना और जनता की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा, “पहला सौभाग्य भाजपा का कार्यकर्ता होना है और दूसरा सौभाग्य जनप्रतिनिधि बनकर जनता की सेवा करना है।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार लगातार इसी दिशा में काम कर रही है।
विकास कार्यों पर सरकार का फोकस
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इंदौर सहित पूरे प्रदेश में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हो सके। उनका कहना था कि विकास कार्यों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है।
राजनीतिक संदेश भी चर्चा में
इस कार्यक्रम में दिया गया उनका बयान राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में रहा। “वोट दें या न दें, काम जरूर करेंगे” वाले बयान को कई लोग जनता के प्रति भरोसे के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदेश के रूप में भी व्याख्यायित कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि विकास कार्यक्रमों के जरिए सरकार जनता से सीधे संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है और जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है।
Kailash Vijayvargiya के पुराने बयानों पर फिर चर्चा
कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं। उनके कई पुराने बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस का कारण बने हैं।
1. लड़कियों के कपड़ों पर टिप्पणी (2023)
2023 में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कुछ लड़कियों के पहनावे पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह बयान काफी विवादों में रहा।
2. रिवीलिंग कपड़ों पर बयान (2025)
2025 में उन्होंने कहा था कि उन्हें कम या रिवीलिंग कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं और वे ऐसी महिलाओं के साथ फोटो नहीं खिंचवाते।
3. ‘लव जिहाद’ पर बयान (2025)
उन्होंने ‘लव जिहाद’ को लेकर इसे एक सामाजिक साजिश बताया था, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
4. ताजमहल को लेकर दावा (2025)
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि ताजमहल मूल रूप से एक मंदिर था, जिसे बाद में मकबरे में बदला गया। इस बयान पर भी विवाद हुआ था।
5. पत्रकार को लेकर टिप्पणी (2025-26)
इंदौर जल प्रदूषण मामले में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने एक पत्रकार को लेकर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद वीडियो वायरल हुआ था और आलोचना हुई थी।
6. विधानसभा में विवादित टिप्पणी (2026)
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ बहस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर “औकात में रहो” जैसी टिप्पणी की थी, जिस पर काफी राजनीतिक विवाद हुआ था।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित इस विकास कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जहां 2.39 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी, वहीं उनका बयान राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया। सरकार एक ओर विकास और जनकल्याण की बात कर रही है, तो दूसरी ओर उनके पुराने बयानों को लेकर राजनीतिक बहस भी लगातार जारी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन विकास कार्यों का लाभ जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है और राजनीतिक बयानबाजी का असर कितनी देर तक चर्चा में रहता है।
