—Advertisement—

नौकरी नहीं मिली तो टूट गई शादी, महिला शिक्षक अभ्यर्थियों का छलका दर्द; गेहूं बेचकर भोपाल आंदोलन में पहुंचीं

Author Picture
Published On: 5 September 2026
khjkkhg

—Advertisement—

नौकरी नहीं मिली तो टूट गई शादी, महिला शिक्षक अभ्यर्थियों का छलका दर्द; गेहूं बेचकर भोपाल आंदोलन में पहुंचीं

युवतियों ने कहा—केवल रोजगार ही नहीं, हमारा मान-सम्मान भी छीना; शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर राजधानी भोपाल में चल रहा आंदोलन अब बेरोजगार युवाओं के संघर्ष के साथ उनकी व्यक्तिगत पीड़ा को भी सामने ला रहा है। प्रदेश के दूर-दराज जिलों से आई महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्षों की पढ़ाई, परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक ही नहीं, सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलन में शामिल कुछ युवतियों ने दावा किया कि नौकरी मिलने की उम्मीद में उनके विवाह तय हुए थे, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने के कारण रिश्ते टूट गए। किसी ने खेत का गेहूं बेचकर भोपाल आने का खर्च जुटाया तो किसी ने परिवार से पैसे उधार लेकर आंदोलन में हिस्सा लिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल सरकारी नौकरी के लिए नहीं, बल्कि उनके सम्मान और भविष्य के लिए भी है।

गेहूं बेचकर आंदोलन करने पहुंचीं महिला अभ्यर्थी

भोपाल में चल रहे शिक्षक भर्ती आंदोलन में शामिल होने के लिए कई अभ्यर्थी सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर राजधानी पहुंचे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आई कुछ महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इसके बावजूद भर्ती में पद बढ़वाने और नियुक्ति प्राप्त करने की उम्मीद लेकर वे आंदोलन में शामिल हुई हैं।

एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि भोपाल आने, रहने और भोजन की व्यवस्था के लिए परिवार को घर में रखा गेहूं बेचना पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक बनने के लिए उन्होंने कई वर्षों तक तैयारी की। परीक्षा शुल्क, दस्तावेज, कोचिंग और दूसरे शहर में परीक्षा देने पर भी परिवारों ने काफी पैसा खर्च किया, लेकिन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी रोजगार नहीं मिल सका।

कई अभ्यर्थी सामान्य किसान, मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों से आते हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबी होने और पर्याप्त पद नहीं मिलने के कारण उनकी उम्र भी बढ़ती जा रही है। इससे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के अवसर भी कम हो रहे हैं।

नौकरी नहीं मिली तो टूट गया विवाह का रिश्ता

आंदोलन में शामिल महिला अभ्यर्थियों ने अपनी निजी जिंदगी पर पड़े असर के बारे में भी बताया। कुछ युवतियों का दावा है कि शिक्षक भर्ती में चयन या नियुक्ति की उम्मीद के कारण उनके विवाह तय हुए थे। लंबे समय तक नियुक्ति नहीं मिलने और रोजगार की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर रिश्ते टूट गए।

महिला अभ्यर्थियों ने कहा कि नौकरी नहीं मिलने से केवल उनकी आर्थिक स्वतंत्रता प्रभावित नहीं हुई, बल्कि समाज और रिश्तेदारों के बीच उनका सम्मान भी कम हुआ है। पढ़ाई पूरी करने और पात्रता परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद बेरोजगार रहने पर उन्हें बार-बार सवालों और तानों का सामना करना पड़ता है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की सरकारी नौकरी को उनके सुरक्षित भविष्य से जोड़कर देखा जाता है। नियुक्ति नहीं मिलने से कई परिवारों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। युवतियों ने कहा कि सरकार को भर्ती को केवल आंकड़ों और पदों के रूप में नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़े विषय के रूप में देखना चाहिए।

शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग

आंदोलन कर रहे वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के शिक्षक अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने और रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करने की है। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन भर्ती में उसके अनुपात में पद नहीं दिए जा रहे।

कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में 90 से 99 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का दावा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने निर्धारित पात्रता हासिल की और मेरिट में अच्छे अंक प्राप्त किए, लेकिन सीमित पद होने के कारण नौकरी से वंचित रह गए।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, पात्र और प्रशिक्षित उम्मीदवार नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों पर नियुक्तियां करके विद्यार्थियों और बेरोजगार अभ्यर्थियों—दोनों की समस्या का समाधान किया जा सकता है।

नीलम पार्क में कई दिनों से जारी आंदोलन

राजधानी के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और क्रमिक आंदोलन जारी है। अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अभ्यर्थियों ने मौन प्रदर्शन, धरना और भूख हड़ताल जैसे तरीके अपनाए। आंदोलन में शामिल कुछ अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

के अनुसार, शिक्षक अभ्यर्थी सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में रिक्त पदों का दावा करते हुए भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि रिक्तियों की वास्तविक संख्या और उनमें सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध पदों को लेकर सरकार एवं अभ्यर्थियों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के काफिले तक पहुंचे अभ्यर्थी

अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्रियों के काफिलों के सामने पहुंचकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर हलचल की स्थिति बनी।

के अनुसार, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिलों को रोककर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से विभाग और सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं मिला। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

अभ्यर्थियों ने सरकार से मांगा लिखित आश्वासन

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने, रिक्त पदों का विषयवार विवरण जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा घोषित करे। अभ्यर्थी केवल मौखिक आश्वासन के स्थान पर लिखित निर्णय चाहते हैं।

महिला अभ्यर्थियों ने कहा कि वे वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रही हैं। इस दौरान कई उम्मीदवार निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच गए हैं। परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है। वहीं इस पूरे मामले पर सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के विस्तृत आधिकारिक पक्ष की प्रतीक्षा है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी परिस्थितियों पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए भर्ती एवं नियुक्ति को लेकर जल्द निर्णय लेगी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp