जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने जनविश्वास शिविर में उठाईं क्षेत्रीय समस्याएं — दैनिक स्वराज वाणी
पेयजल, बिजली, खाद-बीज और सड़क निर्माण पर अधिकारियों से मांगा जवाब; समस्याओं के समयबद्ध निराकरण की मांग
दैनिक स्वराज वाणी ब्यूरो रिपोर्टर खलील मंसूरी, अलीराजपुर
सेजवाड़ा। मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने क्षेत्र के गांवों से जुड़ी पेयजल, बिजली, सड़क और कृषि संबंधी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य जनता की शिकायतों का समाधान करना है, इसलिए आवेदनों पर प्राथमिकता से कार्रवाई होनी चाहिए। कार्यक्रम में कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
विधायक ने ग्रामीणों की ओर से मिली शिकायतों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। कुछ मामलों में मौके पर ही कार्रवाई संभव है, जबकि अन्य मामलों में संबंधित विभाग को जांच और प्रक्रिया पूरी करनी होती है। उन्होंने कहा कि समाधान में पांच दिन लगें या पंद्रह दिन, लेकिन शिकायतों को लंबित छोड़ने के बजाय उनका निराकरण किया जाना चाहिए।
इटार क्षेत्र में हैंडपंप चालू कराने की मांग
विधायक ने पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को पानी के लिए कुएं तक जाना पड़ रहा है। उन्होंने इटार क्षेत्र के हैंडपंप की समस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि इस संबंध में चार दिन पहले कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई थी। अधिकारियों ने दो दिन में हैंडपंप की रॉड लगाकर उसे चालू करने की बात कही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विधायक ने कहा कि ग्रामीणों को नियमित पानी मिलना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो से तीन दिन में हैंडपंप चालू नहीं किया गया, तो गांव के लोगों के साथ अलीराजपुर जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से मौके की स्थिति की जानकारी लेकर जल्द कार्रवाई करने को कहा।
बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित होने का आरोप
विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसानों को पर्याप्त बिजली देने की बात कही जाती है, लेकिन कई किसानों को पांच घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली कटौती के कारण सिंचाई प्रभावित होती है और ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने जैसी सामान्य जरूरतों में भी परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर खेती और रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए। विधायक ने किसानों की खाद और बीज की उपलब्धता, सिंचाई तथा फसलों के उचित मूल्य से जुड़ी शिकायतें भी शिविर में रखीं।
क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने किसानों को राहत देने और जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का आकलन कर उन्हें समय पर सहायता मिलनी चाहिए।
सड़कों की गुणवत्ता जांचने की मांग
सड़क निर्माण के मुद्दे पर विधायक ने कहा कि केवल सड़क स्वीकृत कर देना पर्याप्त नहीं है। निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों और प्राक्कलन के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में बनी सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की और कहा कि जहां निर्माण में अनियमितता सामने आए, वहां जिम्मेदारों से जवाब लिया जाना चाहिए।
विधायक ने बताया कि इस संबंध में पत्र लिखकर जांच कराने की बात भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि सड़कें ग्रामीणों की आवाजाही और दैनिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए और विकास कार्यों में जनता के धन का उचित उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।
नल-जल योजना का लाभ घरों तक पहुंचाने की मांग
नल-जल योजना को लेकर विधायक ने कहा कि किसी गांव में पानी की टंकी बन जाने भर से योजना पूरी नहीं मानी जा सकती। यदि पाइपलाइन का काम अधूरा है और घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, तो ग्रामीणों को योजना का लाभ कैसे मिलेगा? उन्होंने कलेक्टर से संबंधित विभाग को निर्देश देकर अधूरी पाइपलाइन का काम पूरा कराने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं का उद्देश्य लोगों के घरों तक पानी पहुंचाना है। इसलिए अधूरे कार्यों की समीक्षा कर उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
लंबित आवेदनों पर कार्रवाई का आग्रह
विधायक ने कहा कि संविधान नागरिकों को अपनी बात रखने और समस्याएं सामने लाने का अधिकार देता है। जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह जनता की शिकायतें शासन-प्रशासन तक पहुंचाए। उन्होंने पूर्व में आयोजित शिविर में मिले लगभग 800 आवेदनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ समस्याओं का समाधान हुआ है, लेकिन लंबित मामलों पर भी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और तय समय में उनका निराकरण करने का आग्रह किया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
