Jitu Patwari का बड़ा आरोप: MP के स्कूलों से 60 लाख बच्चे गायब, बजट 5 गुना बढ़ा – फिर भी कुपोषण; CBI जांच की मांग
CAG रिपोर्ट के हवाले से शिक्षा विभाग में बड़े घोटाले का दावा | मिड-डे मील और पोषण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
भोपाल।
मध्यप्रदेश की राजनीति एक बार फिर शिक्षा और कुपोषण के मुद्दे पर गर्म हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सीएजी रिपोर्ट (CAG Report) प्रदेश के शिक्षा विभाग में भारी अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। पटवारी ने आरोप लगाया कि MP के सरकारी स्कूलों से लगभग 60 लाख बच्चे गायब हो गए हैं, जबकि इसी अवधि में शिक्षा विभाग का बजट 5 गुना बढ़ गया है।
इसके साथ ही उन्होंने Mid Day Meal Scam, कुपोषण, और बजट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए CBI और ED से जांच की मांग की है।
1. जीतू पटवारी का आरोप – स्कूलों से 60 लाख बच्चे गायब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा:
- वर्ष 2012-13 और 2014-15 के बीच
MP सरकारी स्कूलों में 1 करोड़ 60 लाख बच्चे पढ़ते थे। - वर्तमान में यह संख्या घटकर सिर्फ
1 करोड़ 4 लाख रह गई है।
इस आधार पर उन्होंने दावा किया कि:
“मध्यप्रदेश के स्कूलों से 50 से 60 लाख बच्चे गायब हैं।”
उन्होंने इसे राष्ट्रीय त्रासदी बताया और सवाल उठाए कि इतने बड़े स्तर पर संख्या कैसे कम हो सकती है?
2. शिक्षा विभाग का बजट बढ़ा, लेकिन बच्चों का आंकड़ा घटा – क्यों?
पटवारी के अनुसार:
- पहले School Education Department का बजट लगभग 7,000 करोड़ रुपये था।
- अब यह बढ़कर 37,000 करोड़ रुपये हो गया है।
अर्थात्:
बजट 5 गुना बढ़ा,
लेकिन
बच्चों की संख्या 60 लाख कम हो गई।
उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है और सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
3. बच्चों के बजट की तुलना ‘गाय’ से — पटवारी का तीखा हमला
पत्रकारों से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा:
“आज 12 रुपये बच्चों के बजट पर और 40 रुपये गाय पर खर्च हो रहे हैं। लेकिन दोनों ही कुपोषित हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि:
-
मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक कुपोषित बच्चों वाला राज्य है।
-
बड़ी बात यह कि मुख्यमंत्री इस गंभीर स्थिति की समीक्षा भी नहीं करते।
उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकताओं में गंभीर कमी बताया।
4. मिड-डे मील में करोड़ों का घोटाला – अंजीर, दूध, काजू, सेब कहाँ गए?
पटवारी ने Mid Day Meal Scheme पर सवाल उठाए और कहा:
-
बजट बढ़ने के बाद भी
बच्चों को अंजीर,
काजू,
दूध,
सेब
जैसी चीजें नहीं मिल रहीं।
उन्होंने आरोप लगाया:
“बच्चों का खाना कौन खा रहा है? मंत्री-संत्री और अधिकारी मिलकर बच्चों का हक खा गए।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
5. CBI और ED जांच की मांग – क्यों जरूरी बताया?
पटवारी ने कहा कि:
- शिक्षा विभाग से जुड़े सभी टेंडरों का ऑडिट किया जाए।
- पूरे विभाग की CBI और ED जांच हो।
- साथ ही Social Audit भी करवाया जाए ताकि सच्चाई सबके सामने आए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नारे “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” का क्या हुआ?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में शिक्षा और पोषण से जुड़े फंड का गलत उपयोग हुआ है।
6. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उल्लेख
पटवारी ने कहा कि:
- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है।
- लेकिन समस्या यह है कि राज्य सरकार जमीनी सुधार की दिशा में काम करने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री 11 दिन की विदेश यात्रा पर 34 करोड़ खर्च कर देते हैं, लेकिन कुपोषित बच्चों के लिए समय नहीं है।”
7. किसानों के मुद्दे को भी उठाया – प्याज उत्पादक परेशान
पटवारी ने आरोप लगाया कि:
- किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा।
- विशेष रूप से प्याज के दाम गिरने से किसान बर्बादी की कगार पर हैं।
- सरकार किसानों की “मंदी, संकट और कर्ज” पर ध्यान नहीं दे रही।
उन्होंने इसे किसान विरोधी नीतियों का परिणाम बताया।
8. क्यों बढ़ रहा है विवाद? — पृष्ठभूमि समझें
यह विवाद इसलिए तेज़ हुआ है क्योंकि:
-
CAG रिपोर्ट में शिक्षा बजट की उपयोगिता को लेकर सवाल उठाए गए।
-
लगातार बढ़ते बजट के बाद भी:
- स्कूलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर
- कुपोषण बढ़ता हुआ
- ड्रॉपआउट रेट बढ़ता हुआ
- मिड-डे मील की गुणवत्ता बेहद खराब
इन सब मुद्दों को जोड़कर कांग्रेस अब इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना रही है।
9. क्या कहती है सरकार? – जवाब का सभी को इंतज़ार
सरकार की ओर से इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि:
- कांग्रेस—विशेषकर पटवारी—डेटा को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।
- सरकार ने शिक्षा में रिकॉर्ड निवेश किया है।
- ड्रॉपआउट घटे हैं, बढ़े नहीं।
हालांकि अभी तक सरकार ने CAG रिपोर्ट पर विस्तृत जवाब नहीं दिया है।
10. मामला क्यों गंभीर है? — जनता पर क्या असर
यह मुद्दा इसलिए चर्चा में है क्योंकि:
लाखों बच्चों के भविष्य का सवाल
करोड़ों रुपये के बजट उपयोग पर सवाल
MP में बढ़ता कुपोषण
Mid Day Meal की खराब स्थिति
यदि CBI या ED जांच होती है तो यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला साबित हो सकता है।
