—Advertisement—

झुमरीतिलैया में मना उत्तम आकिंचन धर्म, मुनिश्री सुयश सागर बोले, “किंचित भी मेरा नहीं है, यही आकिंचन धर्म है”

Author Picture
Published On: 24 September 2026
झुमरीतिलैया

—Advertisement—

झुमरीतिलैया में मना उत्तम आकिंचन धर्म, मुनिश्री सुयश सागर बोले, “किंचित भी मेरा नहीं है, यही आकिंचन धर्म है”

झुमरीतिलैया (कोडरमा)। जैन धर्म के सर्वोच्च पर्व दसलक्षण पर्युषण का नवम दिन जैन धर्मावलंबियों ने “उत्तम आकिंचन धर्म” के रूप में मनाया। इस अवसर पर महासंत जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव ने अपनी पीयूष वाणी से भक्तजनों को आकिंचन धर्म का महत्व बताया।jhumritilaiya-koderma-uttam-akinchan-dharm

मुनिश्री सुयश सागर का प्रवचन

गुरुदेव ने कहा कि दुनिया का कोई भी पदार्थ मेरा नहीं है, ऐसा मानना और जानना ही आकिंचन धर्म है। जो बाहर और भीतर एक हो, वहीं आकिंचन धर्म खिलता है। जिस धर्म से परमात्मा का रहस्य प्रकट होता है, वह आकिंचन धर्म है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में स्वस्थ वही है जो निर्विकल्प और निराकुल है। अर्थी सजने से पहले जीवन के अर्थ को समझना जरूरी है, नहीं तो अनर्थ हो जाता है। “मैं” और “मेरे” पन का भाव दुख और वेदना का कारण है।

गुरुदेव ने कहा कि सामान सौ बरस का है, पर पल भर की खबर नहीं है, इसलिए जीवन के सार को समझना आवश्यक है। जीवन से ममत्व और विकल्पों का त्याग ही आकिंचन धर्म है। संसार क्षणभंगुर है, जो कुछ जोड़ा है सब छूट जाएगा। मनुष्य खाली हाथ आया है और खाली हाथ जाएगा। स्वयं को समझना सबसे कठिन काम है, और स्वयं को समझने की दशा ही आकिंचन धर्म है।

महाशांतिधारा और कलश अभिषेक

प्रातःकाल जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनिराज के मुखारविंद से नया मंदिर जी में महाशांतिधारा का पाठ किया गया।

  • बड़ा मंदिर: भगवान पारसनाथ के प्रथम कलश एवं शांतिधारा का सौभाग्य विनोद, ललित, संजय, बबीता, आयुष, विधि जैन गंगवाल परिवार को मिला।
  • पंडुकशिला: श्रीजी का बिहार कराकर भगवान अनंतनाथ के प्रथम कलश एवं शांतिधारा का सौभाग्य सुशील, शुभम जैन ठोलिया परिवार को मिला।
  • पंडाल परिसर: भगवान महावीर स्वामी के श्रीजी बिहार एवं प्रथम अभिषेक-शांतिधारा का सौभाग्य विजय, विवेक जैन छाबड़ा एवं अमरेश, विनीत जैन गंगवाल परिवार को मिला। महाशांतिधारा का सौभाग्य अनूप, शैलेश, दीपक, सार्थक जैन सेठी परिवार एवं विजय, विवेक जैन छाबड़ा परिवार को मिला।
  • नया मंदिर: भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य कैलाश चंद्र, सुशीला जैन काला परिवार (विजयनगर) एवं मुकेश, किरण, अविचल जैन सेठी परिवार को मिला। साथ ही विनय जैन छाबड़ा, अनु जैन अजमेरा और मुकेश जैन गोधा परिवार को भी सौभाग्य प्राप्त हुआ।

43 श्रद्धालुओं ने रखा 10 दिन का निर्जल व्रत

दसलक्षण महापर्व पर 43 महिला-पुरुषों ने 10 दिनों का निर्जल व्रत धारण किया और 16 कारण का व्रत किया। सभी व्रतधारियों को पूज्य गुरुदेव मुनि श्री सुयश सागर एवं मुनि श्री कौशल्य सागर का आशीर्वाद मिल रहा है। समाज के सभी पदाधिकारी, विरागोदय चातुर्मास कमेटी के सभी संयोजक-सहसंयोजक, शिविर संयोजक, वार्ड पार्षद पिंकी जैन, मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने पारणा के लिए अनुमोदना की।

कल अनंत चौदस पर निकलेगी विशाल शोभायात्रा

शुक्रवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के दिन अनंत चौदस पर विशाल शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें पूज्य जैन संत मुनि श्री सुयश सागर जी और मुनि श्री कौशल्य सागर जी का सानिध्य रहेगा। रथ यात्रा में भगवान को विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। 11 घोड़ा बग्गियों में 43 दसलक्षण व्रतधारी एवं 16 कारण व्रतधारियों को बिठाकर नगर भ्रमण कराया जाएगा और फिर नया मंदिर ले जाया जाएगा। विरागोदय संस्कार शिविर में बैठने वाले अभ्यर्थी और समाज के प्रत्येक महिला, पुरुष और बच्चे शोभायात्रा में शामिल होंगे।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp