झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। लड्डू गोपाल की शाही पालकी, आकर्षक झांकियां, फायर शो और सामाजिक सौहार्द ने आयोजन को खास बनाया।
झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा: 9वें वर्ष भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
पालकी में विराजे लड्डू गोपाल; मुस्लिम जमात और गुरु सिंह सभा ने भी बांटी प्रसादी, सामाजिक सौहार्द की दिखी शानदार मिसाल
झिरन्या।
झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा के दौरान गुरुवार-शुक्रवार को पूरे झिरन्या नगर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। श्री श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में लगातार 9वें वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर धर्मलाभ लिया।
समिति के नित्तल पटेल, विक्की शर्मा, प्यूश गंगराड़े और आयुष तिवारी ने बताया कि शाम को श्रीराम मंदिर में अभिषेक-पूजन के बाद लड्डू गोपाल को आकर्षक पालकी में विराजित किया गया। इसके बाद शाम करीब 7:40 बजे भव्य शोभायात्रा शुरू की गई।
झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु
शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रामदेव बाबा मंदिर पहुंची। यात्रा में हजारों की संख्या में सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे पर बज रहे भजनों पर श्रद्धालु झूमते-थिरकते हुए चल रहे थे।
मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन-पूजन किए। वहीं सेवादारों ने दर्जनों स्टॉल लगाकर पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और स्वल्पाहार से यात्रा का स्वागत किया। पूरे मार्ग पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
राजशाही दरबारी झांकी से फायर शो तक रहे प्रमुख आकर्षण
झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा के प्रमुख आकर्षणों में महाराष्ट्र के जलगांव की राजशाही दरबारी झांकी, बाबा श्यामजी की नीले घोड़े पर सवारी, भगवान श्रीकृष्ण व भोलेनाथ की झांकियां और लड्डू गोपाल की शाही पालकी शामिल रही।
इसके साथ ही राधा-कृष्ण डिजिटल फौजी बैंड, अखाड़ा ग्रुप, मलखंब, ढोल-बैंड, फायर शो, आतिशबाजी तथा आकर्षक नगर व मंदिर सजावट ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
सामाजिक सौहार्द की बनी मिसाल
शोभायात्रा में सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी देखने को मिली। मुस्लिम जमात द्वारा श्रद्धालुओं को रसगुल्ले वितरित किए गए, जबकि गुरु सिंह सभा झिरन्या द्वारा पूरी-छोले की प्रसादी बांटी गई।
यात्रा में शामिल लोगों के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। अलग-अलग समाजों द्वारा किए गए स्वागत और प्रसादी वितरण ने आयोजन को विशेष बना दिया।
ध्वज-पताकाओं और विद्युत लड़ियों से सजा झिरन्या
जन्माष्टमी पर्व को लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर ध्वज-पताकाएं लगाई गईं। वहीं कई मंदिरों को फूलों और विद्युत लड़ियों से आकर्षक रूप से सजाया गया। सजावट के कारण नगर का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय नजर आया।
रात 12 बजे रामदेव बाबा मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
झिरन्या सहित आसपास के गांवों में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। झिरन्या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, आकर्षक झांकियां, शाही पालकी, भजन, फायर शो और विभिन्न समाजों की भागीदारी आयोजन की खास पहचान रही।


