जीवदया अभियान की पशु सेवा: गौशाला पहुँचकर जानें पशुओं की स्थिति, पदाधिकारियों ने किया निरीक्षण
थांदला। जीवदया अभियान समय-समय पर मानव करुणा और पशु सेवा के लिए अनेक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। मूक प्राणियों के प्रति दया, करुणा और सेवा की भावना को समाज में स्थापित करने का संकल्प लेकर यह संगठन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जीवदया अभियान के पदाधिकारियों का एक दल पेटलावद-बामनिया मार्ग के मध्य स्थित मारुति गोपाल गौशाला पहुँचा, जहाँ उन्होंने पशु सेवा करते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं और संचालन की विस्तृत समीक्षा की।
गौशाला में पशुओं की स्थिति देखकर प्रसन्नता व्यक्त की
निरीक्षण दल में जीवदया अभियान के राष्ट्रीय संयोजक पवन नाहर, प्रदेश कार्यकारिणी डायरेक्टर आत्माराम शर्मा, जिला प्रभारी अशोक कारीगर, और श्रीमंत अरोरा शामिल थे। सभी ने गोपाल गौशाला का भ्रमण कर पशुओं की मौजूदा स्थिति, देखभाल, भोजन-चारा व्यवस्था और प्रबंधन प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
निरीक्षण के बाद पदाधिकारियों ने कहा कि गौशाला में पशुओं की सेहत, स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, यह देखकर हर्ष की अनुभूति हुई। उन्होंने गौशाला संचालकों की सेवाभावना और समर्पण के लिए धन्यवाद भी दिया। पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की व्यवस्थाएँ अन्य गौशालाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।
जीवदया अभियान का उद्देश्य – मूक प्राणियों की रक्षा और मानव सेवा
जीवदया अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एम.एल. जैन, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुनील झालोका, और राष्ट्रीय मुख्य महासचिव मनीष जैन (कुमठ) ने बताया कि संगठन का लक्ष्य केवल गौशालाओं का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि पूरे देश में जीवदया की भावना को घर-घर पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संतों के आशीर्वाद से संचालित जीवदया अभियान आने वाले समय में देशभर में सदस्यता विस्तार अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक जीवदया प्रेमियों को संगठन से जोड़ना है ताकि मूक पशु-पक्षियों के संरक्षण के साथ मानव सेवा का वृहत नेटवर्क तैयार हो सके।
पदाधिकारियों ने किया जीवदया प्रेमियों को जुड़ने का आह्वान
जीवदया अभियान की ओर से समस्त जीवप्रेमियों को यह संदेश दिया गया कि समाज में मूक प्राणियों की करुणा का संकल्प हर व्यक्ति को लेना चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि—
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जीवदया केवल पशु सेवा तक सीमित नहीं, यह मानवता का मूल भाव है।
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एकजुट होकर ही समाज में दया, करुणा और सेवा का वातावरण स्थापित किया जा सकता है।
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पशुओं के संरक्षण, इलाज, भोजन और आश्रय के लिए सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है।
उन्होंने देशभर के जीवदया प्रेमियों से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया ताकि अभियान को और गति मिल सके तथा अधिक से अधिक मूक प्राणियों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सके।
गौशालाओं के माध्यम से बढ़ेगी पशु सेवा की गुणवत्ता
जीवदया अभियान का मानना है कि प्रत्येक क्षेत्र में सुचारू रूप से संचालित गौशालाएँ पशुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी कहा गया कि—
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जर्जर, घायल, बीमार और असहाय पशुओं को सही समय पर उपचार मिले
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गौशालाओं में चारे व जल की निरंतर उपलब्धता रहे
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स्वच्छता और सुरक्षा का बेहतर प्रबंधन किया जाए
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समाज के जागरूक लोग आगे आकर सहयोग करें
इस दिशा में संगठन लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
समापन
पेटलावद-बामनिया स्थित मारुति गोपाल गौशाला का यह निरीक्षण जीवदया अभियान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से संगठन मूक प्राणियों के कल्याण और मानव सेवा की भावना को समाज में विस्तार दे रहा है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जीवदया अभियान सदैव जीव-कल्याण और सेवा कार्यों में अग्रणी रहेगा।



