NEET पेपर लीक विरोध के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: वीकेंड तक रात 8 बजे बंद होंगी शराब की दुकानें, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वीकेंड समाप्त होने तक राजधानी की सभी शराब की दुकानें सामान्य समय रात 10 बजे के बजाय रात 8 बजे ही बंद कर दी जाएंगी।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। प्रशासन को आशंका है कि सप्ताहांत के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं, जिससे मध्य दिल्ली के कई इलाकों में भीड़ और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जंतर-मंतर पर लगातार जारी है छात्रों का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र बड़ी संख्या में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि NEET परीक्षा में बड़े स्तर पर पेपर लीक हुआ, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इस पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं के कारण कई अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जंतर-मंतर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीड़ और संभावित सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को रिपोर्ट भेजकर सप्ताहांत में प्रदर्शन और अधिक व्यापक होने की संभावना जताई थी।
इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने राजधानी की सभी शराब दुकानों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव करने का निर्णय लिया। प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं।
रात 10 बजे के बजाय अब रात 8 बजे तक ही खुलेगी दुकानें
दिल्ली में सामान्य परिस्थितियों में अधिकांश शराब दुकानें रात 10 बजे तक संचालित होती हैं। हालांकि नए आदेश के तहत वीकेंड तक इन दुकानों को रात 8 बजे ही बंद करना होगा।
गुरुवार को आदेश लागू होने के बाद कई ग्राहक निर्धारित समय पर दुकानों पर पहुंचे, लेकिन दुकानें बंद मिलने के कारण उन्हें बिना खरीदारी किए वापस लौटना पड़ा। अचानक लागू हुए इस फैसले से कई लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों ने जताई नाराजगी
शराब कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि अचानक आदेश जारी होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि पहले से सूचना मिल जाती तो वे अपने स्टॉक और बिक्री की बेहतर योजना बना सकते थे।
व्यापारियों के अनुसार शाम 8 बजे के बाद का समय बिक्री के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में दो घंटे पहले दुकानें बंद करने से दैनिक कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
कई दुकानदारों ने यह भी कहा कि ग्राहकों को आदेश की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वे देर शाम दुकान पर पहुंचे और निराश होकर लौट गए।
बार और रेस्टोरेंट व्यवसाय भी प्रभावित
केवल शराब की खुदरा दुकानों ही नहीं, बल्कि बार और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी इस निर्णय का असर पड़ने की बात सामने आ रही है। कारोबारियों का कहना है कि शराब की आपूर्ति और बिक्री प्रभावित होने से उनके व्यवसाय पर भी दबाव बढ़ा है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं।
20 जुलाई के संसद मार्च में हुई थी झड़प
इस पूरे आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च ने विशेष रूप से प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कथित झड़प होने की खबर सामने आई थी।
रिपोर्टों के अनुसार उस दौरान कई लोग घायल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पथराव, पुलिस कार्रवाई और आंसू गैस के इस्तेमाल जैसी घटनाओं की भी जानकारी सामने आई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी।
इसी घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कथित पेपर लीक मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रही।
छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
परिवारों के साथ धरने पर बैठे छात्र
जंतर-मंतर पर केवल छात्र ही नहीं बल्कि उनके परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए वर्षों तक मेहनत की है और यदि परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चिंता का विषय है।
धरना स्थल पर कई छात्र दिन-रात मौजूद रहकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
संभावित भीड़ और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर सहित आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना रहे और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
NEET परीक्षा से जुड़ा विवाद केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस का विषय बन गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के बिना युवाओं का विश्वास बहाल करना कठिन होगा।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन जारी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है तथा एहतियात के तौर पर वीकेंड तक शराब दुकानों के संचालन समय में बदलाव लागू किया गया है।
आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाएगा और छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाएगा, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। साथ ही राजधानी के नागरिकों को भी सप्ताहांत के दौरान प्रशासन द्वारा लागू किए गए प्रतिबंधों का पालन करना होगा।
