जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानापाव में बड़ा ऐलान किया। महाकाल महालोक की तर्ज पर करीब ₹17 करोड़ से परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक विकसित किए जाएंगे। जानिए पूरी परियोजना में क्या-क्या बनेगा।
जानापाव में बड़ा धार्मिक विकास: ₹17 करोड़ से बनेंगे परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक, CM मोहन यादव ने किया भूमिपूजन
इंदौर, 4 सितंबर 2026। जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जानापाव पहुंचकर महाकाल महालोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान श्री परशुराम लोक एवं भगवान श्रीकृष्ण लोक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पवित्र स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना हम सभी का सौभाग्य है। सरकार जानापाव को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
जानापाव की पावन धरती पर भगवान श्रीकृष्ण को मिला था सुदर्शन चक्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष है। मान्यता के अनुसार इसी पावन धरती पर भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र आगे चलकर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। उन्होंने शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक उसे क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।
5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से गहरा संबंध रहा है। प्रदेश सरकार लगभग 5000 वर्ष पुराने इस गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर जनता के सामने लाने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहां-जहां अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान श्रीराम के चरण जहां-जहां पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना बनाई गई है।
श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े आश्रमों और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को भी विकसित किया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों के विकास के साथ नई पीढ़ी को प्रदेश की सनातन संस्कृति और पौराणिक इतिहास से परिचित कराना है।
₹17 करोड़ से विकसित होंगे जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक का विकास महाकाल महालोक की तर्ज पर किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर इन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत जानापाव में यज्ञ कुंड का पुनर्विकास किया जाएगा। इसके साथ भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन और विभिन्न जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
जानापाव में रोपवे निर्माण भी कार्ययोजना में शामिल
जानापाव आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। रोपवे विकसित होने से पहाड़ी तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के पूरा होने के बाद जानापाव की पहचान महर्षि परशुराम की जन्मस्थली के साथ एक बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत होने की संभावना है।
महाकाल महालोक के बाद धार्मिक पर्यटन में आया बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में बड़ा परिवर्तन आया है। महाकाल महालोक के विकास के बाद उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने का लाभ केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं के रूप में नहीं मिलता, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा होते हैं। इसी दिशा में जानापाव को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को दिया कर्म, धर्म और कर्तव्य का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपाल के रूप में गायों का पालन करते हुए वन-वन विचरण किया और सामान्य जीवन से लेकर महाभारत के विराट प्रसंग तक मानव जीवन को अनेक महत्वपूर्ण संदेश दिए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से पूरी दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, मनुष्य को सत्य और धर्म के लिए खड़ा रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक जैसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना भी है।
जन्माष्टमी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और दही हांडी
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। जन्माष्टमी के उत्साह के बीच दही हांडी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानापाव स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, सुश्री कविता पाटीदार, श्री श्रवण चावड़ा, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राजेंद्र वर्मा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु प्रजापति सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक के निर्माण की शुरुआत के साथ इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य यहां धार्मिक आस्था, आध्यात्मिकता, इतिहास और पर्यटन को एक साथ जोड़ते हुए व्यापक सुविधाएं विकसित करना है।


