जननी सुरक्षा योजना: मध्यप्रदेश में प्रसव पर ₹1,400 तक की सहायता, जानें पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया
भोपाल। मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जननी सुरक्षा योजना संचालित है। इसके तहत पात्र ग्रामीण महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी महिलाओं को 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। मध्यप्रदेश शासन के योजना विवरण के अनुसार, यह सहायता संस्थागत प्रसव से जुड़ी है। लाभ लेने के लिए महिला की पात्रता और संबंधित अस्पताल की स्थिति महत्वपूर्ण होती है।
सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है उद्देश्य
जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ और नवजात मृत्यु को कम करना है। योजना में आर्थिक सहायता के साथ प्रसव तथा प्रसव के बाद की देखभाल को जोड़ा गया है। आशा कार्यकर्ता महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गर्भवती महिलाएं योजना की प्रक्रिया समझने के लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से जानकारी ले सकती हैं। पहले से जानकारी मिलने पर परिवार को प्रसव स्थल, आवेदन और संबंधित अधिकारी के बारे में स्पष्टता रहती है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अलग सहायता राशि
योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की पात्र ग्रामीण प्रसूता को 1,400 रुपये, जबकि शहरी प्रसूता को 1,000 रुपये मिलते हैं। बैतूल जिला प्रशासन की सरकारी वेबसाइट पर भी यही राशि दर्ज है। महिला की ग्रामीण या शहरी श्रेणी के अनुसार सहायता निर्धारित होती है।
इसलिए लाभार्थी का पता और क्षेत्र संबंधी विवरण सही दर्ज होना चाहिए। आवेदन के समय महिला या परिवार संबंधित स्वास्थ्य संस्था से पूछ सकते हैं कि उनकी श्रेणी किस आधार पर दर्ज की गई है और उसके अनुसार कितनी सहायता देय है।
सरकारी अस्पताल में प्रसव पर कौन पात्र?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशानिर्देशों में मध्यप्रदेश विशेष प्राथमिकता वाले राज्यों में शामिल है। इन राज्यों के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं योजना की सहायता के लिए पात्र हैं। इनमें उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला और राज्य अस्पतालों के सामान्य वार्ड शामिल हैं।
इस कारण सरकारी संस्थान में प्रसव कराने वाली महिला की पात्रता को केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों तक सीमित समझना सही नहीं है। हालांकि, व्यक्तिगत मामले में लाभार्थी विवरण और प्रसव संबंधी रिकॉर्ड की प्रक्रिया संबंधित अस्पताल से समझनी चाहिए।
निजी अस्पताल के लिए अलग शर्तें
निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर योजना का लाभ हर महिला को स्वतः नहीं मिलता। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नियमों के अनुसार, मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में प्रसव कराने वाली बीपीएल, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं पात्र श्रेणियों में शामिल हैं।
निजी अस्पताल चुनने से पहले यह पूछना जरूरी है कि वह जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है या नहीं। साथ ही महिला की पात्रता श्रेणी की पुष्टि कराएं। केवल अस्पताल में प्रसव होने को आर्थिक सहायता मिलने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
आवेदन के लिए कहां संपर्क करें?
बैतूल जिला प्रशासन के प्रकाशित विवरण में ग्रामीण क्षेत्र के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी और शहरी क्षेत्र के लिए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से आवेदन संबंधी संपर्क करने की जानकारी दी गई है। अपने जिले की प्रक्रिया संबंधित सरकारी अस्पताल से पूछी जा सकती है।
महिला या परिवार आवेदन जमा करने का स्थान, आवश्यक दस्तावेज और स्थिति जानने वाले अधिकारी का विवरण लिखकर रखें। आवेदन की पावती या संदर्भ संख्या उपलब्ध हो तो उसे संभालकर रखना उपयोगी रहेगा।
दस्तावेज और भुगतान की स्थिति कैसे जानें?
आवेदन से पहले अस्पताल से आवश्यक दस्तावेजों की सूची प्राप्त करें। पहचान, निवास, गर्भावस्था पंजीयन, प्रसव रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी विवरण में क्या मांगा जा रहा है, इसकी पुष्टि करें। किसी दस्तावेज को बिना जानकारी के अनिवार्य मानने के बजाय संबंधित संस्था के निर्देश समझें।
दर्ज नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर सुधार की प्रक्रिया पूछें। भुगतान लंबित होने की स्थिति में अस्पताल के योजना प्रभारी से संपर्क करके आवेदन की स्थिति जानें। जरूरत पड़ने पर संबंधित चिकित्सा अधिकारी से भी जानकारी लें।
