Jammu Kashmir में घुसपैठ की नापाक कोशिश, जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी
Jammu Kashmir।
Jammu Kashmir के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बिलावर इलाके में शुक्रवार शाम सूचना मिलने पर सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान छिपकर बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकवादी ढेर हो गया, जबकि इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।
एनकाउंटर की जानकारी
सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकी की पहचान उस्मान के रूप में हुई है। वह पाकिस्तान का रहने वाला था और इसके पूर्व कई बार आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली थी। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकियों के किसी भी दुस्साहस का माकूल जवाब है।
सर्च ऑपरेशन और फायरिंग की घटना
बिलावर इलाके में सुरक्षा बलों ने जब तलाशी अभियान चलाया, तो आतंकियों ने छिपकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और एक पाकिस्तानी आतंकी को ढेर कर दिया। इस अभियान में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमों ने मिलकर काम किया।
राइजिंग स्टार कॉर्प ने इस घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “खुफिया सूचनाओं के आधार पर 23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर क्षेत्र में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई, और एक आतंकी मारा गया। सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।”
पाकिस्तानी आतंकी का एनकाउंटर
मारे गए आतंकी उस्मान का पाकिस्तान से संबंध था। इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया कि भारत के सुरक्षा बल किसी भी तरह की नापाक कोशिश का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस एनकाउंटर से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि आतंकियों को भी यह संदेश गया कि भारतीय सुरक्षाबल सीमा और नागरिक सुरक्षा के मामले में सतर्क हैं।
जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियाँ और खतरा
जैश-ए-मोहम्मद जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रमुख आतंकी संगठन है। सीमा पार से यह संगठन कई बार घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों की कोशिश कर चुका है। पिछले वर्षों में इस संगठन के कई आतंकी पकड़े और ढेर किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने लगातार सतर्कता बरतते हुए आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी है। बिलावर इलाके में हुई मुठभेड़ इसी सतर्कता का नतीजा है।
सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई
इस एनकाउंटर में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमों ने मिलकर काम किया। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर कर आतंकियों को फायरिंग का जवाब दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह से खुफिया सूचनाओं और योजना के आधार पर हुई।
सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की पूरी तरह से जांच-पड़ताल की और सर्च ऑपरेशन जारी रखा। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे और आतंकियों को काबू में लाया जा सके।
स्थानीय सुरक्षा और सतर्कता
एनकाउंटर के बाद कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी दें।
सुरक्षा बलों की इस सफलता से न केवल आतंकियों में डर पैदा हुआ है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
निष्कर्ष
23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय सुरक्षा बल किसी भी नापाक गतिविधि का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पाकिस्तानी आतंकी उस्मान के एनकाउंटर ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के लिए चेतावनी का काम किया है।
सर्च ऑपरेशन जारी है और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और सुरक्षा बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है।
