Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan का समापन: गंधर्व नदी के शिवालय घाट पर गंगा आरती और संगोष्ठी का आयोजन
गंधवानी विकासखंड में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित “Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan” का समापन भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर जनपद पंचायत सभाकक्ष में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसके बाद गंधर्व नदी के शिवालय घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान, दीप प्रज्ज्वलन, रंगोली निर्माण, गंगा आरती तथा जल संरक्षण संकल्प कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे आयोजन में जनभागीदारी, पर्यावरण चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देखने को मिला।
शुभारंभ एवं कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। विकासखंड समन्वयक दयाराम मुवेल ने स्वागत भाषण देते हुए अभियान की रूपरेखा एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 30 जून 2026 तक चले इस अभियान के दौरान विकासखंड में जल संरक्षण को लेकर अनेक प्रभावी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इनमें तालाबों, कुओं, बावड़ियों एवं अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण, मरम्मत एवं पुनर्जीवन के कार्य प्रमुख रहे। साथ ही जल संरक्षण विषयक रैलियां, संगोष्ठियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम तथा जनजागरूकता अभियानों का व्यापक संचालन किया गया।
जल संरक्षण पर वक्ताओं के विचार
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेविका ज्योति सोनी ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानव जीवन की मूल आवश्यकता है। उन्होंने पंचतत्वों में जल तत्व के संरक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश मोटसरा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि जल संकट का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
गायत्री परिवार ट्रस्ट अध्यक्ष मोहनलाल पाटीदार ने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने की अपील की।

जनभागीदारी और अभियान की गतिविधियाँ
अभियान के दौरान ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं, मेंटर्स एवं सीएमसीएलडीपी छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। पूरे विकासखंड में तालाबों एवं बावड़ियों की सफाई, जल स्रोतों का गहरीकरण, वृक्षारोपण, जल प्याऊ स्थापना, जल संवाद और जनजागरूकता गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की गईं।
इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी और लोगों में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।
गंधर्व नदी घाट पर गंगा आरती एवं स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सभी अतिथि एवं ग्रामीण गंधर्व नदी के शिवालय घाट पहुंचे, जहां स्वच्छता अभियान चलाकर घाट की सफाई की गई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर रंगोली बनाई गई और भव्य गंगा आरती का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक हो उठा।
उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान
अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधियों, ग्राम विकास समितियों के सदस्यों एवं विभिन्न मेंटर्स को अतिथियों द्वारा श्रीफल एवं गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना जिन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाई।
सम्मान समारोह के दौरान अतिथियों ने कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ता ही किसी भी जनअभियान की असली ताकत होते हैं, जिनके सहयोग से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। सम्मानित व्यक्तियों ने भी इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि अभियान के दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर जल संरक्षण, स्वच्छता और जागरूकता से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभाई।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे समुदाय की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय रूप से योगदान देते रहेंगे, ताकि जल संरक्षण की दिशा में ठोस और स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

कार्यक्रम का संचालन एवं समापन
कार्यक्रम का संचालन “रोहिणी सामाजिक विकास समिति” के अध्यक्ष दिनेश सिंगार द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन के दौरान सभी सत्रों का समन्वय करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और वक्ताओं एवं अतिथियों के विचारों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया।
समापन अवसर पर विकासखंड समन्वयक दयाराम मुवेल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवांकुर संस्थाओं, ग्राम समितियों एवं सहयोगी संगठनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो सका है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जल संरक्षण को निरंतर एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया कि जल संसाधनों का संरक्षण केवल एक अभियान न होकर जीवन का स्थायी हिस्सा बने, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।
