जैतवारा में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ नागरिकों का आक्रोश, मुख्यमंत्री सहित 6 जगह सौंपा ज्ञापन
जैतवारा को A ग्रेड में शामिल करने और बिजली कटौती बंद करने की मांग, JE के स्थानांतरण की भी उठाई आवाज; मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
सतना (जैतवारा)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के जैतवारा नगर परिषद क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को लेकर नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहरी क्षेत्र होने के बावजूद लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती किए जाने का आरोप लगाते हुए जागरूक नागरिकों ने उप तहसीलदार जैतवारा के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री सहित छह स्थानों पर ज्ञापन भेजकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री सहित छह जगह पहुंचाई मांग
नागरिकों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक (CMD), सतना कलेक्टर, विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता तथा जैतवारा के उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जैतवारा को A ग्रेड में शामिल करने की मांग
ज्ञापन में नागरिकों ने कहा कि जैतवारा नगर परिषद क्षेत्र होने के बावजूद इसे ग्रामीण क्षेत्र की श्रेणी में रखकर लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने जैतवारा को C ग्रेड से हटाकर शहरी A ग्रेड में शामिल करने और लोड सेटिंग के तहत होने वाली अघोषित कटौती से मुक्त रखने की मांग की है।
इसके अलावा क्षेत्र में निर्धारित क्षमता से अधिक भार वाली मोटरों के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए हैं। नागरिकों के अनुसार, तीन एचपी के कृषि पंप कनेक्शन पर पांच, सात और दस एचपी की मोटरें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने ऐसे कनेक्शनों की जांच कर वास्तविक लोड के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

कनिष्ठ यंत्री के स्थानांतरण की उठाई मांग
ज्ञापन में जैतवारा विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री (JE) की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष जताया गया है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि उनकी कार्यप्रणाली से उपभोक्ता परेशान हैं। इसी आधार पर उन्होंने संबंधित कनिष्ठ यंत्री के स्थानांतरण की मांग की है।
त्योहारों के दौरान बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
नागरिकों ने ज्ञापन में आगामी त्योहारों के मद्देनजर बिजली आपूर्ति की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि लोड सेटिंग के कारण शाम चार बजे से सुबह आठ बजे तक लगभग 12 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इसके अतिरिक्त ट्रिपिंग, फॉल्ट और अन्य तकनीकी खराबियों के कारण भी बिजली बाधित होती है।
इससे आम नागरिकों, व्यापारियों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति जरूरी है, ताकि घरेलू कामकाज, व्यापारिक गतिविधियों और अन्य आवश्यक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने वाले नागरिकों ने शासन और विद्युत विभाग से जैतवारा की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जैतवारा को A ग्रेड में शामिल करने और अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो नागरिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्ट: दीपांशु गौतम, सतना (मध्यप्रदेश)
दैनिक स्वराज वाणी, जैतवारा
