अनूपपुर के जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर ओवरलोड ट्रेलर पलटने से 3 किमी लंबा जाम लग गया। लगातार बढ़ते हादसों के बीच यातायात व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर ओवरलोड ट्रेलर: 3 किमी लंबा जाम, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
रिपोर्ट: राजेश कुमार चौधरी, जिला ब्यूरो, अनूपपुर (जैतहरी)
जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर बढ़ता खतरा
जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर ओवरलोड ट्रेलर अब आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनते जा रहे हैं। एक ओर यातायात पुलिस दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और नियमों का पालन करने की सलाह देती है तथा समय-समय पर चालानी कार्रवाई करती है, वहीं दूसरी ओर क्षमता से अधिक कोयला लेकर दौड़ रहे भारी ट्रेलर लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन छोटे वाहनों पर कार्रवाई में अधिक सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन भारी वाहनों की अनदेखी की जा रही है। यही कारण है कि जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
ताजा हादसे ने खोली व्यवस्था की पोल
सोमवार को जैतहरी से वेंकटनगर मार्ग पर धनगवां पूर्वी के पास कोयले से भरा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया।हादसे के बाद पूरा ट्रेलर सड़क पर फैल गया, जिससे लगभग 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जैतहरी से वेंकटनगर तक घंटों यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।इस दौरान—
- स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हुई।
- मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके।
- दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
- आम नागरिकों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी।
ओवरलोड ट्रेलरों से क्यों बढ़ रहे हादसे
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अधिकांश ट्रेलर निर्धारित क्षमता से अधिक कोयला लेकर चल रहे हैं।बताया जा रहा है कि जहां नियमानुसार सीमित भार ही ले जाया जाना चाहिए, वहीं कई ट्रेलर उससे अधिक वजन लेकर सड़क पर दौड़ रहे हैं।इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है—
- ब्रेक फेल की घटनाएं
- टायर फटना
- वाहन असंतुलित होना
- मोड़ों पर पलटना
- सड़क जाम
- जान-माल का खतरा
यातायात व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो नियमित जांच अभियान दिखाई देता है और न ही ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई होती है।ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों द्वारा यदि नियमित वजन जांच की जाए तो इस प्रकार की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है।लोगों का कहना है कि नियम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए बल्कि उनका पालन भी सुनिश्चित होना चाहिए।
जनता में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले छोटे वाहन चालकों और राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।ग्रामीणों के अनुसार—
“अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।”
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि—
1. नियमित वजन जांच
जैतहरी एवं वेंकटनगर के वेइंग ब्रिज पर प्रत्येक ट्रेलर की जांच अनिवार्य की जाए।
2. ओवरलोड वाहनों पर कठोर कार्रवाई
क्षमता से अधिक भार मिलने पर भारी जुर्माना एवं लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जाए।
3. रात में विशेष गश्त
दुर्घटना संभावित स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती हो।
4. स्पीड मॉनिटरिंग
तेज रफ्तार भारी वाहनों पर निगरानी रखी जाए।
प्रशासन से उठते सवाल
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि प्रत्येक वाहन की क्षमता तय है तो उससे अधिक भार लेकर वाहन सड़क पर कैसे दौड़ रहे हैं?यदि नियम मौजूद हैं तो उनका पालन कौन सुनिश्चित करेगा?लगातार हो रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि इस मार्ग पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों की राय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग केवल सड़क को नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि वाहन की ब्रेकिंग क्षमता, संतुलन और नियंत्रण पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहेगी।
निष्कर्ष
जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर लगातार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि ओवरलोड ट्रेलरों पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक हो गया है।यदि परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से नियमित जांच अभियान चलाएं तथा नियमों का सख्ती से पालन कराएं तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
