जयपुर के प्रतापनगर स्थित श्री राज जयन्त जैन धार्मिक पाठशाला में बच्चों ने धार्मिक ज्ञान एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अतिथियों ने बच्चों को संयम, संस्कार और सदाचार की प्रेरणा दी।
धार्मिक संस्कारों से निखर रही नन्हीं प्रतिभाएं, श्री राज जयन्त जैन पाठशाला में बच्चों ने दिखाया ज्ञान
अतिथियों ने बच्चों से किया धार्मिक विषयों पर संवाद, संयम-संस्कार और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की दी प्रेरणा
जयपुर (ब्रजेश बोहरा)। गुलाबी नगरी जयपुर के प्रतापनगर स्थित राजेन्द्रसूरि गुरु मंदिर में चातुर्मास के अवसर पर संचालित श्री राज जयन्त जैन धार्मिक पाठशाला नन्हे बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ संस्कारों से जोड़ने का माध्यम बन रही है। पाठशाला में प्रतिदिन बच्चे उत्साहपूर्वक धार्मिक अध्ययन कर रहे हैं और जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कारों एवं सदाचार की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
पुण्यसम्राट राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराज के समुदायवर्ती परम पूज्य गुरुवर्या साध्वी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी म.सा. एवं मार्गस्थ प्रवचनदक्षा गुरुवर्या साध्वी श्री मयूरकलाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या साध्वी श्री नमिनिधिश्रीजी म.सा., साध्वी श्री नंदीनिधिश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन प्रेरणा से पाठशाला का संचालन किया जा रहा है।
परिषद के पदाधिकारी पहुंचे पाठशाला
परिषद परिवार की ओर से श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ, प्रतापनगर में संयम वंदन एवं क्षमायाचना के लिए अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुंबई-थराद त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष रमेशभाई धरू, अहमदाबाद से परिषद के राष्ट्रीय वेरावच्च मंत्री भरतभाई लाडू एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा पाठशाला पहुंचे।
अतिथियों ने पाठशाला की गतिविधियों का अवलोकन किया और अध्ययनरत बच्चों से धार्मिक विषयों पर संवाद किया। इस दौरान बच्चों ने धार्मिक प्रश्नों के उत्तर देने के साथ अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित समाजजनों को प्रभावित किया और सभी ने उनका उत्साहवर्धन किया।
संयम और सदाचार की दी प्रेरणा
अतिथियों ने बच्चों को धार्मिक शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि बाल्यावस्था से मिलने वाले अच्छे संस्कार जीवनभर व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। बच्चों को धार्मिक अध्ययन के साथ संयम, संस्कार, सदाचार एवं आत्मिक उन्नति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम में समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। उन्होंने भी बच्चों के धार्मिक ज्ञान और उत्साह की सराहना करते हुए पाठशाला के माध्यम से किए जा रहे संस्कार निर्माण के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के समापन पर पाठशाला में उपस्थित सभी बच्चों को रमेशभाई धरू एवं भरतभाई लाडू की ओर से प्रभावना प्रदान की गई। पाठशाला में बच्चों की सक्रिय सहभागिता और धार्मिक ज्ञान के प्रदर्शन ने आयोजन को विशेष बनाया।


