नई दिल्ली“धर्म ही जीवन है, संयम ही पथ है” के उद्घोष के साथ दिल्ली में होगा महा-महोत्सव, देशभर से जुटेंगे जैन समाज के श्रद्धालु
राजेश जैन दद्दू
नई दिल्ली/इंदौर। भारत की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला क्षेत्र एक बार फिर जैन संस्कृति के भव्य वैराग्य और संयम महोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि परम पूज्य राष्ट्रसंत गणाचार्य 108 श्री विराग सागर जी गुरुदेव के पट्ट-शिष्य, श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के पावन कर कमलों से भव्य जैनेश्वरी मुनि दीक्षा महोत्सव संपन्न होगा।
यह ऐतिहासिक महोत्सव 25 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 2 बजे से लाल किला, लाल मंदिर, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह है और देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र ने बताया कि इस दीक्षा महोत्सव में संसार की असारता का त्याग कर आत्म-कल्याण और संयम के मार्ग पर अग्रसर होने वाले जैनेश्वरी दीक्षार्थी भाइयों को आचार्य श्री के ससंघ सानिध्य में मुनि दीक्षा प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दीक्षा लेने वाले मुमुक्षु भाइयों की दृढ़ वैराग्य भावना पूरे देश में धर्म और संयम की नई चेतना जागृत कर रही है। सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्म-साधना के कठिन मार्ग को स्वीकार करने का यह अवसर जैन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।
“धर्म ही जीवन है, संयम ही पथ है” का संदेश इस महोत्सव का मुख्य सूत्र रहेगा। यह संदेश समाज को धर्म, त्याग, तप और संयम के महत्व से जोड़ने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर भारतवर्षीय सकल जैन समाज एवं दिल्ली सकल जैन समाज के साथ देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, आचार्य संघ और विद्वानों की उपस्थिति रहने की संभावना है। भव्य दीक्षा महोत्सव के दौरान दिल्ली में धर्म, वैराग्य और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
जैन समाज के लिए यह आयोजन केवल धार्मिक महोत्सव ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को त्याग, तपस्या और आत्म-कल्याण के मार्ग से परिचित कराने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी होगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर समाजजनों में उत्साह का वातावरण है।
नमोस्तु शासन जयवंत हो।
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू
दैनिक स्वराज वाणी

