115 युवाओं की धार्मिक बाइक यात्रा पहुंची कुंडलपुर, बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान के दर्शन कर लिया आशीर्वाद
सिलवानी से निकली दो दिवसीय यात्रा में युवाओं ने दिखाया उत्साह, धर्म ध्वज के साथ गूंजे भगवान आदिनाथ के जयकारे
Silwani संवाददाता वैभव जैन मस्ताना। विश्व प्रसिद्ध दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर में विराजमान बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान के अभिषेक, पूजन और वंदन के लिए अखंड दिगंबर जैन समाज सिलवानी के 115 युवाओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ दो दिवसीय धार्मिक बाइक यात्रा निकाली। धर्म, भक्ति और अनुशासन के संदेश के साथ प्रारंभ हुई यह यात्रा सिलवानी से रवाना होकर कुंडलपुर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने बड़े बाबा के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
यात्रा को लेकर समाज के युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा प्रारंभ होने से पहले सिलवानी नगर स्थित बुधवार बाजार श्री पारसनाथ जिनालय में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन, पूजन और आराधना कर मंगलमय यात्रा की प्रार्थना की। इसके बाद समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए उनके माथे पर चंदन और तिलक लगाया तथा सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
धर्म ध्वज के साथ निकला भव्य बाइक काफिला
भगवान आदिनाथ के जयघोष और धर्म ध्वज से सजी दोपहिया वाहनों की कतार के साथ जब युवाओं का काफिला सिलवानी नगर से निकला तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। अनुशासित रूप से निकली यह बाइक यात्रा नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
युवाओं ने पूरे मार्ग में धार्मिक भावना, अनुशासन और सेवा का संदेश दिया। बाइक यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं ने धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए यात्रा को सफल बनाने में सहयोग किया। जगह-जगह लोगों ने यात्रियों का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रही धार्मिक यात्रा
अखंड दिगंबर जैन समाज सिलवानी द्वारा आयोजित यह धार्मिक बाइक यात्रा लगातार तीसरे वर्ष निकाली जा रही है। युवाओं में धर्म और संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से इस यात्रा की शुरुआत की गई थी।
इस वर्ष भी बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा का संचालन समाज के युवा गोलू बजाज, नितेश वेधराज और पिंटू पटेल के नेतृत्व में किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन करना नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी धार्मिक परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना भी है।

युवाओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ना उद्देश्य
यात्रा आयोजकों ने बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म के मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए धार्मिक बाइक यात्रा का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जैन धर्म अहिंसा, संयम, अनुशासन और सेवा का संदेश देता है। ऐसी यात्राओं के माध्यम से युवाओं में धार्मिक जागरूकता बढ़ती है और उन्हें समाज सेवा तथा संस्कारों के महत्व को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से युवाओं में एकता, सहयोग और अनुशासन की भावना को भी मजबूत किया जा रहा है।
पहले दिन कई तीर्थ क्षेत्रों से होकर पहुंची यात्रा
दो दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं का जत्था सिलवानी से रवाना होकर सुल्तानगंज, सागर, बंडा, नैनागिरि और सुखाजी होते हुए पथरिया पहुंचा। यहां सभी यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने मार्ग में आने वाले विभिन्न जैन तीर्थ क्षेत्रों के दर्शन किए। साथ ही वहां विराजमान मुनि श्री और आर्यिका माताजी के दर्शन कर श्रीफल अर्पित किए। धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर यात्रियों ने आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी यात्रा को और अधिक आध्यात्मिक बनाया।
कुंडलपुर पहुंचकर किया अभिषेक और पूजन
यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को सभी श्रद्धालु विश्व प्रसिद्ध कुंडलपुर जैन तीर्थ क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान के दर्शन किए और अभिषेक, पूजन एवं वंदन कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कुंडलपुर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भगवान आदिनाथ के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना की और समाज, परिवार एवं विश्व कल्याण की कामना की।
वापसी में भी जारी रहेगा धार्मिक सफर
कुंडलपुर दर्शन के बाद श्रद्धालु वापसी यात्रा में पटेलिया जी, लहरी, पटना गंज सहित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए सिलवानी लौटेंगे। इस दौरान यात्रा दल विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों में पहुंचकर धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता करेगा।
आयोजकों ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु जहां भी पहुंचते हैं, वहां धार्मिक स्थलों की मर्यादा और अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जाता है।
समाज में उत्साह और एकता का संदेश
धार्मिक बाइक यात्रा को लेकर जैन समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा युवाओं को धर्म, संस्कार और समाज सेवा से जोड़ने का बेहतर माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब युवा विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे धार्मिक आयोजन उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और आध्यात्मिक भावना का विकास होता है।
भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बनी यात्रा
115 युवाओं की यह धार्मिक बाइक यात्रा केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला आयोजन बन गई। भगवान आदिनाथ के दर्शन की भावना लेकर निकले युवाओं ने पूरे मार्ग में भक्ति और अनुशासन का परिचय दिया।
सिलवानी से कुंडलपुर तक निकली इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी आज भी अपनी धार्मिक परंपराओं और संस्कृति से मजबूती से जुड़ी हुई है। समाज के सहयोग और युवाओं के उत्साह से यह धार्मिक यात्रा सफल और यादगार बनी।
