Jain सोश्यल ग्रुप नागदा द्वारा रीजन स्तरीय संस्कार निर्माण कार्यशाला का भव्य आयोजन सम्पन्न
नागदा। Jain सोश्यल ग्रुप नागदा द्वारा स्नेह कुंज गार्डन में रीजन स्तरीय संस्कार निर्माण कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बच्चों में संस्कार, नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नागदा एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 150 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीख प्राप्त की।
दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम को प्रेरणादायक दिशा प्रदान की। पूरे आयोजन का वातावरण प्रारंभ से ही आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया था।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश रीजन अध्यक्ष राहुल चपडोद ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जैन सोश्यल ग्रुप्स इंटरनेशनल फेडरेशन के इलेक्ट प्रेसिडेंट मनीष कोठारी उपस्थित रहे।
विशेष अतिथियों में इंटरनेशनल डायरेक्टर एच. एल. मेहता, हेमंत जैन, जयंती लाल फाफरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष उज्जैन ग्रामीण राजेश धाकड़, वरिष्ठ समाजसेवी रवि कांठेड़, एस. एम. सिसौदिया, शरद जैन, दिलीप कांठेड़, संजय कोठारी, विजय बरडिया, कीर्ति मोडी, अनिल चौपड़ा, निर्मल मेहता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंचासीन रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
संस्कार ही जीवन की सफलता की नींव: विभा गांधी
सारस्वत अतिथि विभा गांधी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कार ही सुखद भविष्य के सच्चे निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सही दिशा, नैतिक मूल्य और जीवन कौशल की भी आवश्यकता है।
उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली में प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से बच्चों से संवाद किया, जिससे कार्यक्रम और अधिक रोचक बन गया। इस दौरान उन्होंने व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, करियर विकल्पों और जीवन में अनुशासन के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
संस्कार निर्माण की महत्ता पर विशेष प्रकाश
संस्कार निर्माण कमेटी के कन्वीनर श्रेणिक बम ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है और समाज को मजबूत बनाने के लिए बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने इस तरह की कार्यशालाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम संचालन एवं आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज वागरेचा एवं जितेन्द्र पोखरना द्वारा किया गया। अंत में सचिव प्रशांत नाहर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, आयोजकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी का धन्यवाद दिया।
भव्य स्वागत और संस्कार रैली ने मोहा मन
कार्यक्रम से पूर्व सभी बच्चों का प्रवेश द्वार पर तिलक एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद ध्वज, दुपट्टे और उत्साहपूर्ण उद्घोषों के साथ एक भव्य संस्कार रैली निकाली गई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और संस्कारों की भावना से भर दिया।
संस्कार प्रदर्शनी और बच्चों की रचनात्मकता
कार्यशाला के दौरान आयोजित संस्कार प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने ड्राइंग के माध्यम से संस्कार, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रत्येक चित्र में उनकी रचनात्मक सोच और संस्कारित दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
सभी प्रतिभागियों की ड्राइंग को सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा।

स्नेह भोज और पारिवारिक मिलन समारोह
कार्यक्रम के समापन पर जैन सोश्यल ग्रुप द्वारा स्नेह भोज एवं पारिवारिक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने मिलकर आपसी सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति
इस आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य, कार्यकर्ता, महिला एवं पुरुष सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
निष्कर्ष
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा द्वारा आयोजित यह संस्कार निर्माण कार्यशाला एक सफल और प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध हुआ। इस कार्यक्रम ने बच्चों में संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों के महत्व को प्रभावी ढंग से स्थापित किया।
ऐसे आयोजन न केवल बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं, बल्कि समाज को एक सशक्त और संस्कारित दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
