जैन मिलन ग्वालियर ने 51 पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, हरियाली तीज पर महिलाओं ने बिखेरे सावन के रंग
वीर जैन छात्रावास में वृक्षारोपण एवं हरियाली तीज महोत्सव आयोजित, महिलाओं ने हरी साड़ियों और सोलह श्रृंगार के साथ लिया भाग, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
ग्वालियर। जैन मिलन ग्वालियर की ओर से मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के सुंदर समन्वय के साथ वृक्षारोपण एवं हरियाली तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। माधव डिस्पेंसरी के सामने स्थित वीर जैन छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के महिला एवं पुरुष सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के 51 पौधे रोपकर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम का दूसरा आकर्षण हरियाली तीज महोत्सव रहा, जिसमें महिलाएं हरे रंग की साड़ियों, हरी चूड़ियों, हरी बिंदी और आकर्षक आभूषणों के साथ सोलह श्रृंगार कर पहुंचीं। सावन के गीतों, झूलों, सामूहिक नृत्य और मनोरंजक खेलों के बीच पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्सव का माहौल दिखाई दिया।
51 पौधों का रोपण कर लिया संरक्षण का संकल्प
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैन मिलन के राष्ट्रीय संरक्षक प्रवीण गंगवाल तथा विशिष्ट अतिथि राजेंद्र जैन रहे। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान जैन मिलन ग्वालियर के अध्यक्ष रोहित जैन, सचिव दीपक जैन और कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जैन मिलन के सदस्यों ने गुलाब, औषधीय पौधे, तुलसी, नीम, आंवला और आम सहित विभिन्न प्रजातियों के कुल 51 पौधे लगाए। पौधारोपण के साथ सदस्यों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विनय कासलीवाल, मनोज सेठी, मुकेश पहाड़िया और योगेश बोहरा सहित जैन मिलन के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधे को बड़ा होने तक सुरक्षित रखना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
पर्यावरण के साथ स्वास्थ्य के लिए भी पौधारोपण जरूरी: प्रवीण गंगवाल

वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जैन मिलन के राष्ट्रीय संरक्षक प्रवीण गंगवाल ने पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौधे और वृक्ष पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जो जीवन के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में पेड़-पौधे होने से आसपास का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। हरियाली गर्मी के प्रभाव को कम करने के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण तैयार करने में योगदान देना चाहिए।
वृक्षारोपण कार्यक्रम का संचालन जैन मिलन ग्वालियर के अध्यक्ष रोहित जैन ने किया, जबकि सचिव दीपक जैन ने उपस्थित अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
हरी साड़ियों और सोलह श्रृंगार में पहुंचीं महिलाएं
वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद हरियाली तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन के अनुसार, महोत्सव में महिलाएं हरी साड़ी, हरी चूड़ियां, हरी बिंदी और आभूषण पहनकर पहुंचीं। हाथों में मेहंदी और सोलह श्रृंगार के साथ महिलाओं ने हरियाली तीज की पारंपरिक छटा बिखेरी।
हरियाली तीज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंजू पाटनी उपस्थित रहीं। आकांक्षी जैन, मंजू जैन और चेतना जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मंजू जैन और आशा संतोषी जैन द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
इसके बाद विभिन्न मनोरंजक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं ने हाऊजी, सरप्राइज गेम और सामूहिक नृत्य में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
नीलम जैन बनीं हरियाली महोत्सव क्वीन

हरियाली तीज महोत्सव के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। आकर्षक श्रृंगार और प्रस्तुति के आधार पर नीलम जैन ने ‘सावन हरियाली महोत्सव क्वीन’ का खिताब अपने नाम किया। उन्हें हरियाली क्वीन का ताज पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में चेतना जैन, मंजू जैन और आकांक्षी जैन ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। महिलाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सावन और तीज के उत्सव का रंग और गहरा कर दिया। उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
झूले पर गूंजे सावन के गीत, महिलाओं ने जमकर की मस्ती
हरियाली तीज के पारंपरिक रंग उस समय और निखर उठे जब महिलाओं ने झूला झूलते हुए सावन के गीत गाए। “सावन के झूलों ने मुझको बुलाया…” जैसे गीतों के बीच महिलाओं ने तीज के उत्सव का आनंद लिया। झूलों और सावन के गीतों ने कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह उत्सवी माहौल में बदल दिया।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। प्रथम स्थान वंदना जैन ने प्राप्त किया, जबकि ईशा जैन दूसरे और कल्पना जैन तीसरे स्थान पर रहीं। विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।
पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति का दिखा अनूठा संगम

जैन मिलन ग्वालियर का यह आयोजन पर्यावरण जागरूकता और पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम बनकर सामने आया। एक ओर 51 पौधे लगाकर प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर हरियाली तीज के माध्यम से महिलाओं ने सावन की पारंपरिक संस्कृति को जीवंत किया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी बढ़ाने और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
