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Jain समाज मनाएगा द्वितीय समाधि तिथि दिवस, गुरु भक्ति का महापर्व

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Published On: 21 January 2026
Jain Community Celebrates Second Samadhi Tithi with Guru Bhakti Festival
— Jain Community Celebrates Second Samadhi Tithi with Guru Bhakti Festival

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पूरा Bharat गुरु चरणों में एक दीप समर्पित कर इतिहास रचेगा

पूरा Bharat देश एक बार फिर अपने गुरु चरणों में दीप समर्पित करने का अनुपम अवसर प्राप्त करने जा रहा है। यह पर्व न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि श्रंमण संस्कृति, Jain गुरु भक्ति और तत्वज्ञान के आदर्शों का जीवंत अनुभव भी है। देशभर के श्रावक-श्राविकाएँ, साधु-साध्वियाँ और जैन समाज के अनुयायी इस पावन अवसर पर एक साथ मिलकर गुरु चरणों में दीप प्रज्वलित करेंगे और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से धन्य बनाएंगे।

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने समग्र जैन समाज से आह्वान करते हुए कहा कि आइए हम सभी मिलकर द्वितीय समाधि तिथि दिवस और श्रंमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री संत शिरोमणि आचार्य भगवन 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के पुनः विद्या दीपोत्सव पर्व को बड़े श्रद्धा-भक्ति के भाव के साथ मनाएँ। उन्होंने बताया कि यह पर्व हमारे लिए गुरु चरणों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का सुअवसर है।

गुरु भक्ति और दीपोत्सव का महत्व

Jain धर्म में गुरु भक्ति को अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना गया है। गुरु के चरणों में समर्पित दीप केवल एक प्रकाश नहीं, बल्कि ज्ञान, तत्वज्ञान और मोक्षमार्ग का प्रतीक है। महामहिम आचार्य श्री विद्यासागर जी के चरणों में दीप प्रज्वलित करना इस बात का सूचक है कि जीव गुरु सान्निध्य के बिना जीवन अस्थिर है, जबकि गुरु का मार्गदर्शन हमारे अज्ञानता, मोह और संसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाता है।

धर्माचार्य श्री विद्यासागर जी ने अपने उपदेशों में बार-बार यह स्पष्ट किया है कि श्रद्धा और समर्पण से ही आत्मा का कल्याण संभव है। दीपोत्सव का आयोजन इसी सिद्धांत पर आधारित है। यह केवल सामाजिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु के लिए आत्मिक प्रबोधन, तत्वज्ञान की अनुभूति और मोक्षमार्ग की दिशा भी है।

“एक दीप – गुरु समीप” कार्यक्रम

इस वर्ष 27 जनवरी 2026, मंगलवार को शाम 7:30 बजे, पूरे भारत में “एक दीप – गुरु समीप” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सभी श्रावक-श्राविकाएँ और जैन समाज के अनुयायी अपने-अपने नगर और गाँव में एक साथ दीप प्रज्वलित करेंगे। दीप प्रज्वलन के साथ नमोस्तु शासन जयवंत हो का उद्घोष गुंजायमान होगा।

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने विशेष रूप से कहा कि यह पर्व देशभर में एकसाथ श्रद्धा और भक्ति का सामूहिक उत्सव है। यह केवल दीप जलाने का कार्य नहीं, बल्कि गुरु चरणों में अपनी कृतज्ञता, श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने का सुअवसर है।

Jain समाज में विद्या दीपोत्सव की भूमिका

Jain समाज में विद्या दीपोत्सव का आयोजन सदैव से ही शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम रहा है। यह पर्व श्रद्धालुओं को जैन तत्त्वज्ञान, श्रंमण संस्कृति और जीवन मूल्यों से परिचित कराता है। दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालु अपने जीवन में अहिंसा, संयम, तप और सत्य मार्ग को आत्मसात करते हैं।

पर्व के माध्यम से समाज में सामूहिक भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक प्रेरणा का संचार होता है। यह आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को गुरु भक्ति और Jain धर्म के आदर्शों की ओर आकर्षित करता है। दीपोत्सव के दौरान साधक, साध्वी और श्रावक-श्राविकाएँ एक साथ मिलकर आध्यात्मिक संगीत, कीर्तन और धर्मसभा का आयोजन भी करते हैं, जिससे पूरे समाज में धर्म और भक्ति का वातावरण सृजित होता है।

श्रद्धालुओं का योगदान

इस पावन अवसर पर प्रत्येक श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कर गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा व्यक्त करता है। इस वर्ष, पूरे भारत में आयोजन स्थल पर उपस्थित समाजजन Jain साधु-साध्वियों के प्रवचन सुनेंगे, गुरु भक्ति के उपदेश ग्रहण करेंगे और अपने जीवन में धार्मिक अनुशासन, तप और संयम को अपनाने का संकल्प करेंगे।

राजेश जैन दद्दू ने बताया कि प्रत्येक शहर और गाँव में यह आयोजन स्थानीय जैन संघों, समाज के वरिष्ठ और नवयुवक सदस्यों, महिलाओं और बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी से संपन्न होगा। आयोजनों में धार्मिक भजन, ज्ञान वाचन, कीर्तन और दीप प्रज्वलन शामिल होंगे।

दीपोत्सव और सामाजिक संदेश

विद्या दीपोत्सव केवल गुरु भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक शिक्षा और संस्कारों का प्रसार करने का अवसर भी है। यह पर्व लोगों को यह स्मरण कराता है कि सत्य, अहिंसा, संयम और तप जीवन के मार्गदर्शक हैं। दीप प्रज्वलन के माध्यम से हम अपने जीवन में अज्ञानता, लोभ और मोह को दूर कर सकते हैं और ज्ञान, धर्म और मोक्षमार्ग की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं।

साथ ही यह पर्व समाज में एकता, सहयोग और सामूहिक भक्ति का संदेश भी देता है। जब पूरे भारत के श्रद्धालु एकसाथ दीप प्रज्वलित करते हैं, तब यह केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और आध्यात्मिक जागरूकता का महोत्सव भी बन जाता है।

आयोजन का विवरण
  • तिथि: 27 जनवरी 2026, मंगलवार
  • समय: शाम 7:30 बजे
  • स्थान: पूरे भारत में एकसाथ
  • मुख्य उद्देश्य: गुरु चरणों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करना, जैन तत्त्वज्ञान का प्रचार, और समाज में धार्मिक चेतना का प्रसार।

राजेश जैन दद्दू ने सभी समाजजन से अपील की है कि वे अपने नगर, गाँव और आस-पास के शहरों में भी विद्या दीपोत्सव का आयोजन करें और अपने परिवार, मित्र और समाजजनों को इसमें सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें।

निष्कर्ष

पूरा Bharat इस वर्ष गुरु चरणों में एक दीप समर्पित कर न केवल इतिहास रचेगा, बल्कि यह श्रंमण संस्कृति, जैन धर्म के आदर्श और गुरु भक्ति का जीवंत प्रतीक भी बनेगा। दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालु अपने जीवन में ज्ञान, धर्म, संयम और मोक्षमार्ग को अपनाएंगे।

यह पर्व समाज को यह संदेश देता है कि गुरु सान्निध्य और श्रद्धा के बिना जीवन अस्थिर है, और दीप प्रज्वलन का यह धार्मिक अनुष्ठान हमें अज्ञानता और मोह से मुक्ति दिलाने में सहायक है।

पूरा भारत इस दिव्य उत्सव में एकसाथ दीप प्रज्वलित कर, गुरुदेव के चरणों में श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करेगा, और इस पावन पर्व से धार्मिक, आध्यात्मिक और मोक्षमार्गीय जीवन को अपना सकेगा।

संवाददाता : राजेश जैन दद्दू, इंदौर

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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