जबलपुर के डीमार्ट से 1.40 लाख रुपये का 200 किलो घी जब्त, पिज्जा सेंटरों से पनीर के नमूने लिए
जबलपुर। मिलावटखोरी के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर में बुधवार रात से गुरुवार तक कई खाद्य प्रतिष्ठानों, मल्टी ब्रांड स्टोर्स, डेयरी और पिज्जा सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान तिलहरी और विजय नगर स्थित डीमार्ट स्टोर्स से करीब 200 किलो श्रीधी घी जब्त किया गया। जब्त घी की कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये बताई गई है।
अधिकारियों ने घी के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा तिलहरी स्थित ब्लिंकिट स्टोर से भी 15 लीटर गोवर्धन काऊ घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मिलावट की आशंका पर खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंची टीम
जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने स्टोर और खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध घी, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के अनुसार तिलहरी और विजय नगर स्थित डीमार्ट स्टोर्स से 200 किलो श्रीधी घी जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.40 लाख रुपये है। घी के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ब्लिंकिट स्टोर से भी 14 हजार रुपये का घी जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तिलहरी स्थित ब्लिंकिट स्टोर का भी निरीक्षण किया। यहां से 15 लीटर गोवर्धन काऊ घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई गई है।
अधिकारियों ने संबंधित खाद्य सामग्री के नमूने भी लिए हैं। विभाग अब प्रयोगशाला जांच के माध्यम से यह पता लगाएगा कि जब्त किए गए घी की गुणवत्ता निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
पिज्जा सेंटरों में पनीर की गुणवत्ता की जांच
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई पिज्जा सेंटरों का भी निरीक्षण किया। टीम ने ग्वारीघाट और रसल चौक स्थित डोमिनोज पिज्जा सेंटरों के साथ ही सिविक सेंटर स्थित गोविंदा पिज्जा सेंटर का निरीक्षण किया।
इन प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी जांच की गई। टीम ने पनीर के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पनीर निर्धारित गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
शिवम डेयरी से 25 किलो पनीर जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान निवाड़गंज स्थित शिवम डेयरी में भी जांच की गई। यहां से संदेह के आधार पर करीब 25 किलो पनीर जब्त किया गया। अधिकारियों ने पनीर के नमूने भी लिए हैं।
विभाग के मुताबिक जब्त पनीर की गुणवत्ता की जांच प्रयोगशाला में की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजा डेयरी से भी लिया गया पनीर का नमूना
विजय नगर स्थित राजा डेयरी का भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। यहां से पनीर का नमूना लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान जिन भी खाद्य पदार्थों पर संदेह हुआ, उनके नमूने सुरक्षित तरीके से लिए गए हैं।
सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1.54 लाख रुपये से अधिक की खाद्य सामग्री जब्त
अभियान के दौरान टीम ने कुल 215 किलो घी और 25 किलो पनीर जब्त किया। जब्त खाद्य सामग्री की कुल कीमत करीब 1.54 लाख रुपये बताई गई है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिलावट के खिलाफ इस तरह की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। खासतौर पर दूध से बने उत्पादों, घी, पनीर और अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक अभी जब्त खाद्य सामग्री को मिलावटी घोषित नहीं किया गया है। सभी संबंधित उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी।
यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी या प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा अन्य जरूरी जानकारी अवश्य जांचें।
मिलावट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
जबलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। घी और पनीर जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
