Jabalpur BPL Ration: जबलपुर में मुफ्त राशन की पात्रता पर बड़ा खुलासा, 4998 संपन्न परिवारों के नाम आए सामने; कंपनी डायरेक्टर भी सूची में
छह लाख रुपए से अधिक सालाना आय वाले परिवारों की हुई पहचान, 525 परिवारों के सदस्य कंपनियों में डायरेक्टर या पदाधिकारी; प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
जबलपुर। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित सरकारी राशन व्यवस्था की पात्रता जांच में जबलपुर जिले में बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान ऐसे हजारों परिवारों की पहचान हुई है, जिनकी आर्थिक स्थिति निर्धारित पात्रता से बेहतर होने के बावजूद वे सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे थे। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 4,998 ऐसे परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनकी वार्षिक आय छह लाख रुपए से अधिक पाई गई है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच में ऐसे परिवार भी सामने आए हैं, जिनके सदस्य पंजीकृत कंपनियों में डायरेक्टर अथवा अन्य पदों पर हैं। इसके अलावा आयकर और जीएसटी से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर भी कई परिवारों की आर्थिक स्थिति पात्रता के अनुरूप नहीं पाई गई। प्रशासन ने जांच में अपात्र पाए गए परिवारों के राशन कार्ड निरस्त करने के साथ नोटिस जारी कर जवाब मांगने की प्रक्रिया शुरू की है।
4,998 परिवारों की आय छह लाख रुपए से अधिक
पात्रता सत्यापन के दौरान विभिन्न सरकारी रिकॉर्ड और उपलब्ध आर्थिक जानकारियों के मिलान में 4,998 परिवार ऐसे पाए गए, जिनकी वार्षिक आय छह लाख रुपए से अधिक बताई गई है। इसके बावजूद इन परिवारों के नाम गरीब एवं पात्र हितग्राहियों से जुड़ी राशन व्यवस्था में दर्ज थे और उन्हें सरकारी राशन का लाभ मिल रहा था।
इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार लंबे समय तक पात्रता सूची में कैसे बने रहे और समय रहते इनकी पहचान क्यों नहीं हो सकी।
525 परिवारों का कंपनियों से कनेक्शन
जांच में सामने आया एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि चिह्नित परिवारों में से 525 परिवारों के सदस्य पंजीकृत कंपनियों में डायरेक्टर अथवा अन्य जिम्मेदार पदों पर पाए गए हैं।
ऐसे परिवारों के राशन योजना में शामिल होने के बाद पात्रता निर्धारण और सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन अब संबंधित परिवारों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है और पात्रता नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
25 लाख से अधिक आय वाले परिवार भी सूची में
जांच के दौरान कुछ ऐसे परिवारों की जानकारी भी सामने आई है जिनकी आय लाखों रुपए में होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लिया जा रहा था। इनमें 25 लाख रुपए से अधिक आय वाले परिवारों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों द्वारा जरूरतमंदों के लिए संचालित योजना का लाभ लिए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
GST और अन्य रिकॉर्ड से हुआ मिलान
अपात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए विभिन्न सरकारी डेटाबेस और आर्थिक रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसमें ऐसे परिवारों की जानकारी सामने आई जो व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े हैं या आर्थिक रूप से निर्धारित पात्रता की सीमा से बाहर हैं।
तकनीकी माध्यमों से अलग-अलग विभागों के रिकॉर्ड का मिलान होने के कारण उन हितग्राहियों की पहचान संभव हुई, जिनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति और राशन योजना में दर्ज स्थिति के बीच अंतर पाया गया।
अपात्र राशन कार्ड निरस्त, नोटिस जारी
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अपात्र पाए गए हितग्राहियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित राशन कार्डों को निरस्त करने के साथ परिवारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।
नोटिस के माध्यम से संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेज और जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना बड़ी चुनौती
सरकारी राशन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। यदि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार गलत तरीके से पात्रता सूची में शामिल रहते हैं तो इसका सीधा असर योजना की पारदर्शिता और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था पर पड़ता है।
यही कारण है कि समय-समय पर हितग्राहियों के रिकॉर्ड का सत्यापन और अन्य सरकारी डेटाबेस से मिलान महत्वपूर्ण माना जाता है।
अब पात्रता सूची की जांच पर बढ़ा फोकस
जबलपुर में हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को लेकर सामने आए इस मामले के बाद राशन योजना की पात्रता सूची की निगरानी और सत्यापन की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। प्रशासन की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होगा कि इन परिवारों के नाम सूची में कब और किन दस्तावेजों के आधार पर शामिल हुए थे।
फिलहाल प्रशासन द्वारा चिह्नित परिवारों के राशन कार्ड पर कार्रवाई और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच और संबंधित परिवारों के जवाब के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
