कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल देगा नागरिक वीरता सम्मान, घायल होने के बावजूद विमान में टाला बड़ा संकट
नई दिल्ली। फ्लाईदुबई विमान में सह-पायलट के कथित हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल सम्मानित करेगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ देने की घोषणा की है। कैप्टन मच्छार फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी स्थित अस्पताल में उपचार और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। स्वस्थ होने के बाद उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने की घोषणा
राष्ट्रपति हर्जोग ने गुरुवार को विमान में संकट टालने में मदद करने वाले इजरायली नागरिकों को सम्मानित करते समय भारतीय कैप्टन की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कैप्टन मच्छार के साहस और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने एक बड़ी त्रासदी को रोकने में मदद की।
हर्जोग ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। घोषणा के अनुसार, कैप्टन के स्वास्थ्य में पर्याप्त सुधार होने पर राष्ट्रपति उन्हें इजरायल के लोगों की ओर से सम्मान प्रदान करेंगे। इस पुरस्कार की घोषणा राष्ट्रपति हर्जोग ने की है।
दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुआ संकट
घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमला किया। इससे कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान की सुरक्षा को लेकर संकट उत्पन्न हो गया।
इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हस्तक्षेप करने का अवसर मिला। कथित हमलावर को काबू करने के बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने नियंत्रण संभाला।
घायल अवस्था में भी दिखाई सूझबूझ
कैप्टन मच्छार की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि घायल होने के बावजूद उन्होंने सहायता पहुंचने का रास्ता खोला। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सह-पायलट द्वारा क्रैश एक्स से हमला किए जाने के बाद भी वह कॉकपिट का दरवाजा खोल सके।
दरवाजा खुलने से यात्रियों को कथित हमलावर को रोकने में मदद मिली। इस हस्तक्षेप ने विमान की स्थिति संभालने का अवसर दिया। राष्ट्रपति हर्जोग ने इसी साहस और संकट के दौरान दिखाई गई पेशेवर दक्षता को सम्मान की घोषणा का आधार बताया है।
सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतरा विमान
कॉकपिट में स्थिति नियंत्रित होने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट में विमान में 174 लोगों के मौजूद होने का उल्लेख है।
कैप्टन द्वारा दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल की सहायता तथा दूसरे पायलटों के नियंत्रण संभालने से संकट टला। घटना में भारतीय कैप्टन की तत्परता के साथ विमान में मौजूद अन्य लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।
अबू धाबी में उपचार, स्वास्थ्य में सुधार
कैप्टन मच्छार अबू धाबी के अस्पताल में उपचार ले रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह उपचार का सकारात्मक जवाब दे रहे हैं और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास कैप्टन, उनके परिवार, डॉक्टरों और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने की बात भी कही गई है। सम्मान समारोह उनके स्वास्थ्य लाभ के बाद होगा।
असाधारण नागरिक साहस को मिलता है सम्मान
‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ असाधारण साहस दिखाने वाले नागरिकों को दिया जाता है। लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह सम्मान उन लोगों के कार्यों को पहचान देता है, जिन्होंने जोखिम के बीच दूसरों की रक्षा के लिए साहसिक कदम उठाए हों।
कैप्टन स्मित मच्छार को सम्मानित करने की घोषणा उनके ऐसे ही प्रयासों की पहचान है। विमान में गंभीर संकट और अपनी चोटों के बावजूद उनकी सूझबूझ ने सहायता संभव बनाई। फिलहाल प्राथमिकता उनका स्वास्थ्य लाभ है, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किया जाएगा।
