ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा में 21 मार्च को भव्य आयोजन, राजस्थानी संस्कृति, शोभायात्रा, चंग धमाल और राजस्थानी वेशभूषा का अद्भुत संगम।
ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा: नगर में गूंजेगी राजस्थान की संस्कृति
नागदा। संवाददाता जीवनलाल जैन।
ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा में इस वर्ष भी राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। ‘राजस्थान सांस्कृतिक मंच, नागदा’ द्वारा 21 मार्च को इस भव्य आयोजन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नगर की सड़कों पर रंग, संगीत और परंपरा का अनोखा संगम दिखाई देगा।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को भी दर्शाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह उत्सव नागदा नगर के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
ईसर गणगौर महोत्सव का महत्व
ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है। गणगौर पर्व भगवान शिव (ईसर) और माता पार्वती (गणगौर) को समर्पित है, जो दांपत्य जीवन, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
राजस्थान में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है और अब नागदा में भी यह परंपरा मजबूत रूप से स्थापित हो चुकी है।
शाही सवारी की भव्य शुरुआत
संस्था के संयोजक विजय सिंह राठौड़ के अनुसार, ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा का मुख्य आकर्षण विशाल चल समारोह होगा। यह शोभायात्रा दोपहर 3:00 बजे रामलीला मैदान, बिरलाग्राम से प्रारंभ होगी।
इस सवारी में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य स्वरूप की झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।
इन मार्गों से होकर गुजरेगी सवारी
ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा का मार्ग भी विशेष रूप से निर्धारित किया गया है—
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रामलीला मैदान, बिरलाग्राम से प्रारंभ
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बिरलाग्राम मुख्य मार्केट
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गवर्नमेंट कॉलोनी के मुख्य मार्ग
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गणगौर घाट (हनुमान तट) पर समापन
मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा।
आकर्षण का केंद्र: चंग धमाल मंडली
इस आयोजन में मारवाड़ की प्रसिद्ध चंग धमाल मंडली विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। ढोल-नगाड़ों और चंग की थाप पर गूंजते लोकगीत पूरे वातावरण को उत्सवमय बना देंगे।
ऊंट और घोड़ों की सजी-धजी टोलियां इस सवारी की भव्यता को और बढ़ाएंगी, जिससे नागदा की सड़कों पर राजस्थान का जीवंत रूप देखने को मिलेगा।
राजस्थानी वेशभूषा में उमड़ेगा जनसैलाब
आयोजन समिति के सदस्य मोहब्बत सिंह ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में शामिल हों।
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पुरुष: साफा, धोती-कुर्ता
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महिलाएं:राजस्थानी वेशभूषा
इससे पूरे आयोजन में सांस्कृतिक एकरूपता और सौंदर्य देखने को मिलेगा।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं
ईसर गणगौर शाही सवारी नागदा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं—
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पुलिस प्रशासन की निगरानी
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स्वयंसेवकों की तैनाती
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यातायात व्यवस्था नियंत्रण
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे—
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सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होता है
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समाज में एकता बढ़ती है
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नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है
विशेष आमंत्रण
राजस्थान सांस्कृतिक मंच के सभी सदस्यों ने नागदा एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से इस भव्य आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करता है।
संयोजक:
विजय सिंह राठौड़:मो. 9039381859, 7000523662
रिपोर्ट:नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन

