ट्रेन टिकट बुक कराने से पहले जांचें एजेंट की पहचान, किराया और पीएनआर, इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली। ट्रेन टिकट बुक कराने के लिए यात्री ऑनलाइन सेवाओं, रेलवे आरक्षण काउंटर और अधिकृत एजेंटों की मदद लेते हैं। कई लोग सुविधा के लिए साइबर कैफे या एजेंट से टिकट बनवाते हैं। ऐसे में केवल टिकट की प्रिंट कॉपी मिल जाना पर्याप्त नहीं है। यात्रा की तारीख, ट्रेन, यात्री विवरण, बुकिंग की स्थिति और भुगतान की रसीद जांचना भी जरूरी है। थोड़ी सावधानी गलत जानकारी, अस्पष्ट शुल्क और रिफंड संबंधी परेशानी से बचने में मदद कर सकती है।
एजेंट की अधिकृत पहचान जरूर जांचें
एजेंट से टिकट बुक कराने से पहले उसकी अधिकृत पहचान और संपर्क विवरण देखें। दुकान पर टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होने भर से उसके अधिकृत होने का अनुमान नहीं लगाएं। भुगतान करने से पहले पूछें कि टिकट किस एजेंट व्यवस्था के तहत बनाया जाएगा और उसकी रसीद कैसे मिलेगी।
IRCTC की एजेंट नीति के अनुसार, एजेंट द्वारा जारी इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन स्लिप में संबंधित एजेंट का नाम, पूरा पता और संपर्क विवरण होना चाहिए। यात्री को टिकट तथा भुगतान संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर बुकिंग करने वाले से संपर्क किया जा सके।
रेलवे किराए और अतिरिक्त शुल्क की रसीद लें
टिकट बनवाते समय कुल राशि पूछने के साथ उसका विवरण भी मांगें। रेलवे किराया, IRCTC शुल्क, एजेंट का सेवा शुल्क और भुगतान संबंधी शुल्क अलग-अलग समझें। इससे स्पष्ट होगा कि टिकट के लिए कितना किराया लगा और अन्य मदों में कितनी राशि ली गई।
IRCTC की एजेंट नीति में ग्राहक से प्राप्त रकम की इनवॉइस जारी करने का प्रावधान है। इसमें रेलवे किराया, IRCTC सेवा शुल्क, एजेंट सेवा शुल्क और पेमेंट गेटवे शुल्क का विवरण होना चाहिए। केवल मौखिक जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय लिखित रसीद लें।
टिकट में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराएं
एजेंट को यात्री का सही मोबाइल नंबर दें और टिकट मिलने पर उसे जांचें। किसी अन्य व्यक्ति का नंबर दर्ज होने से बुकिंग या रद्दीकरण से जुड़ी सूचना समय पर मिलने में परेशानी हो सकती है।
IRCTC की नीति के अनुसार, बुकिंग में ग्राहक या किसी यात्री का मोबाइल नंबर सही दर्ज किया जाना अनिवार्य है। एजेंट से टिकट बनवाते समय यह सुनिश्चित करें कि दिए गए नंबर और टिकट में दर्ज नंबर का मिलान हो। टिकट की कॉपी अपने फोन या ईमेल में भी सुरक्षित रखना उपयोगी रहेगा।
तारीख, स्टेशन और यात्री विवरण ध्यान से पढ़ें
भुगतान से पहले यात्रा की तारीख, प्रस्थान स्टेशन, गंतव्य, बोर्डिंग स्टेशन और श्रेणी स्पष्ट बताएं। टिकट मिलने के बाद यात्री का नाम, उम्र तथा अन्य विवरण दोबारा पढ़ें। एक ही शहर में कई रेलवे स्टेशन होने पर स्टेशन का नाम और कोड विशेष रूप से जांचें।
टिकट का पीएनआर रेलवे की आधिकारिक सेवा पर जांचकर बुकिंग की स्थिति का मिलान करें। केवल स्क्रीनशॉट या एजेंट के मौखिक आश्वासन के आधार पर यात्रा की तैयारी पूरी नहीं मानें। किसी अंतर की स्थिति में बुकिंग करने वाले से तुरंत स्पष्टीकरण लें।
वेटिंग ई-टिकट को कन्फर्म टिकट नहीं समझें
बुकिंग के समय टिकट कन्फर्म, आरएसी या वेटिंग हो सकता है। यात्रा से पहले उसकी नवीनतम स्थिति जरूर देखें। एजेंट द्वारा भविष्य में कन्फर्म होने की संभावना बताना वास्तविक कन्फर्म बुकिंग के बराबर नहीं है।
IRCTC के नियमों के अनुसार, चार्ट बनने के बाद यदि ई-टिकट के सभी यात्री वेटिंग में रह जाते हैं, तो उनके नाम चार्ट से हटा दिए जाते हैं। ऐसे पूर्णतः वेटिंग ई-टिकट पर ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होती। यह स्थिति आंशिक कन्फर्म या आरएसी टिकट से अलग है।
रद्दीकरण और रिफंड की प्रक्रिया पहले समझें
एजेंट से टिकट बनवाते समय पूछें कि यात्रा रद्द होने पर अनुरोध कैसे देना होगा और रिफंड किस माध्यम से मिलेगा। IRCTC की एजेंट नीति के अनुसार, रद्दीकरण ग्राहक के अनुरोध पर होना चाहिए। संबंधित प्रक्रिया में यात्री के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी का उपयोग हो सकता है और रिफंड उसी खाते में जाता है, जिससे बुकिंग हुई थी।
इसलिए रद्दीकरण की पुष्टि, कटौती और वापस मिलने वाली राशि का विवरण लें। अनजान फोन कॉल पर बैंकिंग ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। यात्रा से पहले टिकट की स्थिति, आवश्यक पहचान पत्र और भुगतान के दस्तावेज जांचकर रखना बेहतर रहेगा।
