ईरान-इजराइल युद्ध के कारण कच्चे तेल और ATF की कीमत बढ़ने से भारत में हवाई किराया बढ़ गया है। भोपाल से कई शहरों की फ्लाइट महंगी हुई।
Iran Israel War Flight Fare Increase: हवाई यात्रा पर युद्ध का असर
ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब भारत की हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका सीधा असर एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर पड़ा है।
भारत में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया देना पड़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियों ने ईंधन लागत बढ़ने के कारण फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। इससे घरेलू उड़ानों के किराये में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अन्य शहरों की फ्लाइट्स के किराये में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी का असर प्रदेश के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंच रहा है, जहां हरदीया-हुंडिया जैसे क्षेत्रों के यात्रियों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
ईरान-इजराइल युद्ध का वैश्विक असर
मिडिल ईस्ट लंबे समय से दुनिया के ऊर्जा बाजार का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। यहां होने वाले किसी भी सैन्य संघर्ष का प्रभाव सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने तेल बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।
क्योंकि एयरलाइंस कंपनियों के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है, इसलिए जैसे ही ATF महंगा होता है, उसका असर तुरंत टिकट की कीमतों पर दिखाई देने लगता है।
हवाई यात्रा क्यों हुई महंगी
भारत में हवाई यात्रा महंगी होने के पीछे मुख्य कारण है एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में वृद्धि।
एटीएफ विमान के लिए उपयोग होने वाला विशेष ईंधन है। जब कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो ATF भी महंगा हो जाता है।
एयरलाइंस कंपनियों की कुल लागत में लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन का होता है। इसलिए ईंधन महंगा होने पर कंपनियां फ्यूल सरचार्ज लगाकर लागत की भरपाई करती हैं।
एयरलाइंस कंपनियों ने लगाया फ्यूल सरचार्ज
हाल ही में भारत की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने टिकट पर अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू किया है।
- एयर इंडिया ने सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू किया।
- इसके बाद इंडिगो ने भी घरेलू उड़ानों पर सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया।
इंडिगो ने यात्रियों से 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक का अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लेना शुरू किया है।इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ रहा है और यात्रियों का सफर पहले से अधिक महंगा हो गया है।
लो-फेयर स्कीम क्यों नहीं आई
हर साल होली के बाद कई एयरलाइंस कंपनियां लो-फेयर स्कीम जारी करती हैं।इस स्कीम के तहत यदि कोई यात्री 30 दिन पहले टिकट बुक करता है तो उसे कम कीमत में टिकट मिल जाता है।लेकिन इस बार युद्ध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण किसी भी एयरलाइन ने ऐसी स्कीम जारी नहीं की है।इससे यात्रियों को सस्ती टिकट मिलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
भोपाल से विभिन्न शहरों का किराया
भोपाल एयरपोर्ट से कई शहरों के किराये में भारी अंतर देखने को मिला है।
| शहर | स्पॉट फेयर | 15 दिन पहले बुकिंग |
|---|---|---|
| दिल्ली | 9532 | 4597 |
| मुंबई | 8010 | 5296 |
| हैदराबाद | 17600 | 6649 |
| बेंगलुरु | 13169 | 7115 |
| अहमदाबाद | 7700 | 5289 |
| पुणे | 11284 | 5571 |
| रायपुर | 8473 | 6223 |
| गोवा | 11813 | 7769 |
यह आंकड़े ट्रेवल एजेंटों से प्राप्त जानकारी के आधार पर हैं। अंतिम समय में किराया कम या अधिक भी हो सकता है।
मध्यप्रदेश में यात्रियों पर असर
भोपाल से उड़ानें लेने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या आसपास के जिलों से आने वाले लोगों की होती है।हरदीया, हुंडिया, होशंगाबाद, सीहोर और विदिशा जैसे क्षेत्रों के यात्रियों को अब यात्रा के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है।कई लोग जो पहले हवाई यात्रा को सुविधाजनक और किफायती मानते थे, अब ट्रेन या बस का विकल्प चुनने लगे हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन का क्या कहना है
भोपाल एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार टिकट की कीमत तय करना एयरलाइंस कंपनियों का अधिकार है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और मांग-आपूर्ति के आधार पर किराया तय किया जाता है।यदि बुकिंग कम होती है तो कंपनियां किराया कम कर देती हैं, जबकि अंतिम समय में मांग बढ़ने पर किराया अधिक हो जाता है।
भोपाल एयरपोर्ट से उड़ानों की स्थिति
भोपाल से फिलहाल दो प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
- इंडिगो – 14 जोड़ी उड़ानें
- एयर इंडिया – 3 जोड़ी उड़ानें
इन उड़ानों के माध्यम से भोपाल से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
भविष्य में क्या हो सकता है
यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो आने वाले समय में हवाई किराया और भी बढ़ सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार यदि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचती हैं तो एयरलाइंस कंपनियां किराया और बढ़ा सकती हैं।हालांकि यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं तो किराये में धीरे-धीरे कमी भी आ सकती है।
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल युद्ध का असर केवल राजनीतिक या सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है।कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण भारत में हवाई यात्रा महंगी हो गई है। भोपाल जैसे शहरों से उड़ान भरने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया देना पड़ रहा है।यदि वैश्विक परिस्थितियां जल्द सामान्य नहीं होतीं, तो आने वाले समय में हवाई यात्रा और भी महंगी हो सकती है।
