अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के पहले आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने घोषणा की कि इसी तरह के गीता भवन आगे सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी विकसित किए जाएंगे। इंदौर में तैयार यह गीता भवन परंपरा और आधुनिकता का शानदार संगम माना जा रहा है।
गोपाल मंदिर परिसर को मिला नया आधुनिक स्वरूप
राज्य शासन ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को गीता भवन के रूप में नया स्वरूप दिया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस भवन में कई आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिससे नागरिकों को आध्यात्मिक अध्ययन और शोध के लिए उत्कृष्ट वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, SC वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, पार्षद रूपाली पेंढारकर, कंचन गिद्ववानी, सुनीता हडिया, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव राम तिवारी, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया तथा स्मार्ट सिटी के CEO अर्थ जैन समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश: गीता जीवन का प्रेरक मार्गदर्शक :
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मालवा की सांस्कृतिक विरासत, भगवान कृष्ण की भक्ति और गीता का ज्ञान प्रदेश के विकास की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा प्राप्त की थी, इसलिए यह क्षेत्र सदैव आध्यात्मिक केंद्र रहा है।
उन्होंने गीता को अध्यात्म, ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और कर्तव्यबोध का अद्वितीय ग्रंथ बताते हुए कहा कि यह जीवन में संघर्ष के समय आत्मबल देती है और आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है।

गीता जयंती पर रिकॉर्ड उपलब्धियाँ – विजेताओं को सम्मान :
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की और उन्हें नगद राशि, ई-रिक्शा, ई-बाइक और लैपटॉप प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन साहस, संगठन और धर्म की रक्षा का संदेश देता है।
नई पुस्तकों का विमोचन :
इस अवसर पर ‘श्रीकृष्ण चरित मानस’ (लेखक: रामेश्वर लखनलाल पाटीदार) और ‘अमृतस्य अवंतिका’ (लेखक: राघवदास पंडितदास) का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने रामेश्वर पाटीदार को 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका का प्रदर्शन :
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित आकर्षक नृत्य-नाटिका का अवलोकन किया।

इंदौर के लिए गर्व का अवसर :
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि गीता भवन का लोकार्पण इंदौर के लिए गौरव का पल है। उन्होंने कहा कि गीता का सिद्धांत बताता है कि अपने धर्म और कर्तव्य के पालन से अधिकार स्वतः सुरक्षित रहते हैं।
गोपाल मंदिर में पूजन और दर्शन :
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर में बनी आधुनिक लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का भी निरीक्षण किया।
