—Advertisement—

इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में AI आधारित वैश्विक ड्रग डेवलपमेंट पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

Author Picture
Published On: 7 August 2026
इंदौर

—Advertisement—

इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में AI आधारित वैश्विक ड्रग डेवलपमेंट पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

देश-विदेश के विशेषज्ञों ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं पर किया मंथन

इंदौर, 7 अगस्त 2026। IIST Group of Institutes की घटक संस्था इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी (IIP) द्वारा Biovance Solutions, United Kingdom के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “AI-Enabled Global Drug Development Ecosystem: Integrating Intelligence across Drug Discovery, Clinical Research, Regulatory Science, and Patient Safety” का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। 7 एवं 8 अगस्त तक आयोजित इस सम्मेलन में देश और विदेश के शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, नियामक विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह सम्मेलन फार्मास्यूटिकल साइंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका, दवा अनुसंधान में नवाचार, क्लीनिकल रिसर्च, रेगुलेटरी साइंस तथा रोगी सुरक्षा जैसे विषयों पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा।

उद्घाटन समारोह में जुटे राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में Pharmacy Council of India (PCI), नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. मोंटू के. पटेल मुख्य अतिथि तथा Education Regulations Committee (ERC), PCI के अध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इसके अलावा State Pharmacy Council के अध्यक्ष संजय जैन, PCI के केंद्रीय सदस्य डॉ. नीरज उपमन्यु एवं डॉ. शैलेश जैन, स्पर्श एवं IIST Group of Institutes के ग्रुप एडवाइजर अरुण एस. भटनागर, इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य डॉ. निमिता मनोचा, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

AI फार्मेसी शिक्षा को दे रहा नई दिशा : डॉ. मोंटू के. पटेल

मुख्य अतिथि डॉ. मोंटू के. पटेल ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें फार्मेसी शिक्षा एवं प्रोफेशनल प्रैक्टिस का स्वरूप तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि Pharmacy Council of India द्वारा शुरू की गई डिजिटल पहलों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता को नई मजबूती प्रदान की है।

उन्होंने इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की आधुनिक अधोसंरचना, अनुसंधान संस्कृति, कौशल विकास कार्यक्रमों और वैश्विक स्तर के फार्मेसी पेशेवर तैयार करने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान भारत को स्वास्थ्य और दवा अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भविष्य का फार्मासिस्ट तकनीक और नैतिकता दोनों में होगा दक्ष

स्पर्श एवं IIST Group of Institutes के ग्रुप एडवाइजर अरुण एस. भटनागर ने कहा कि आज Artificial Intelligence दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में परिवर्तन का आधार बन चुका है और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।

उन्होंने कहा कि भविष्य का फार्मासिस्ट केवल फार्माकोलॉजी, मेडिसिनल केमिस्ट्री या फार्मास्यूटिक्स का विशेषज्ञ नहीं होगा, बल्कि उसे AI, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक डिजिटल तकनीकों की भी गहरी समझ विकसित करनी होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि AI डेटा का विश्लेषण कर सकता है, पैटर्न पहचान सकता है और निर्णय लेने में सहायता कर सकता है, लेकिन उसमें मानवीय संवेदनाएं, नैतिकता और करुणा नहीं होती। किसी मरीज के जीवन से जुड़ा अंतिम निर्णय हमेशा मानव विशेषज्ञ का ही रहेगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ऐसे फार्मासिस्ट बनें जो वैज्ञानिक रूप से सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष, नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण और सेवा भावना से प्रेरित हों।

नई दवाओं के विकास में AI की बढ़ती भूमिका

अरुण एस. भटनागर ने कहा कि आने वाले वर्षों में नई दवाओं की खोज AI आधारित एल्गोरिद्म की सहायता से होगी, क्लीनिकल ट्रायल इंटेलिजेंट सिस्टम के माध्यम से संचालित होंगे, रेगुलेटरी मूल्यांकन आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा तथा रियल-टाइम सेफ्टी मॉनिटरिंग के जरिए दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि तकनीक चाहे कितनी भी विकसित क्यों न हो जाए, चिकित्सा का मूल उद्देश्य हमेशा मानव जीवन की रक्षा करना और उसकी गुणवत्ता में सुधार लाना ही रहेगा।

शोध आधारित फार्मेसी शिक्षा पर दिया गया जोर

विशिष्ट अतिथि डॉ. दीपेंद्र सिंह ने कहा कि समय की मांग है कि फार्मेसी शिक्षा को Competency-Based, Research-Oriented और Industry-Aligned बनाया जाए। उन्होंने आगामी PCI Education Regulations का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को Artificial Intelligence, Innovation तथा Interdisciplinary Research को अपनाना होगा।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर Drug Development और Patient Care से जुड़ी चुनौतियों का समाधान आधुनिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ही संभव है।

उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग होगा मजबूत

State Pharmacy Council के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने शिक्षा संस्थानों और फार्मास्यूटिकल उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी पर बल देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मध्यप्रदेश में अपनी तरह की अनूठी पहल

प्राचार्य डॉ. निमिता मनोचा एवं ग्रुप एडवाइजर अरुण एस. भटनागर ने बताया कि यह सम्मेलन मध्यप्रदेश में अपनी तरह की पहली व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य Pharmaceutical Product Lifecycle के प्रत्येक चरण में Artificial Intelligence के उपयोग को बढ़ावा देना है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश में Pharmaceutical Education, Clinical Research, Healthcare Innovation, Regulatory Science तथा Pharmacovigilance के विकसित हो रहे इकोसिस्टम को नई गति देगा।

तकनीकी सत्रों में साझा होंगे वैश्विक अनुभव

सम्मेलन के दौरान Regulatory Affairs, Drug Discovery, Clinical Research, Pharmacovigilance, Healthcare Technologies तथा Patient Safety जैसे विषयों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञ AI-Enabled Drug Discovery, Intelligent Clinical Trial Design, Digital Healthcare Technologies, Regulatory Decision-Making तथा Precision Medicine जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

शोध पत्र एवं ई-पोस्टर प्रस्तुतियों ने खींचा ध्यान

सम्मेलन के प्रथम दिवस विद्यार्थियों और शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत Research Papers तथा E-Poster Presentations को विशेष सराहना मिली। इन प्रस्तुतियों ने वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और Industry-Academia Collaboration को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराया।

300 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता

सम्मेलन में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की अपेक्षा है। इनमें Pharm.D., B.Pharm. एवं M.Pharm. के विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षाविद, Clinical Research Professionals, Regulatory Experts, Pharmaceutical Scientists तथा Healthcare Practitioners शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करेंगे विशेष संबोधन

सम्मेलन में Biovance Solutions (United Kingdom), Syneos Health (United Kingdom), Opella (Hyderabad), Integral Consulting (Indore) तथा Apple Hospital (Indore) के वरिष्ठ विशेषज्ञ विशेष सत्रों को संबोधित करेंगे। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को AI आधारित Drug Development, Global Clinical Research Practices, Pharmacovigilance तथा Healthcare में हो रहे डिजिटल परिवर्तन की नवीनतम जानकारियां प्राप्त होंगी।

उत्कृष्ट फार्मेसी शिक्षा का केंद्र बना IIP

इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी पिछले 22 वर्षों से फार्मेसी शिक्षा में उत्कृष्टता का पर्याय बना हुआ है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, अत्याधुनिक उपकरणों, Pharm.D. कार्यक्रम, Skill Improvement Group (SIG) तथा समग्र समुत्कर्ष योजना (SSY) जैसी पहलों के माध्यम से संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।

संस्थान द्वारा आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि IIP भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसे Pharmacy Professionals तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आधुनिक Healthcare और Pharmaceutical Industry की चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकें।

दो दिवसीय यह सम्मेलन केवल ज्ञान-विनिमय का मंच नहीं, बल्कि Artificial Intelligence आधारित फार्मास्यूटिकल अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp