इंदौर से 24 रूटों पर चलीं 96 बसें, पहले दिन 10,500 यात्रियों ने किया सफर
इंदौर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंदौर से बसों का संचालन शुरू हो गया है। शनिवार, 26 सितंबर को पहले दिन शहर से अन्य स्थानों के लिए 24 रूटों पर 96 बसें रवाना हुईं। इनमें करीब साढ़े दस हजार यात्रियों ने सफर किया। सेवा में शहरों के बीच चलने वाली इंटरसिटी और शहर के भीतर चलने वाली इंट्रासिटी, दोनों प्रकार की बसें शामिल हैं। प्रदेश स्तर पर सेवा की शुरुआत भोपाल से की गई थी।
पुराने रूट भी सेवा में शामिल
इंदौर से जिन रूटों पर बसें चलीं, उनमें अधिकांश पर पहले से बसों का संचालन हो रहा था। इन्हें अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत शामिल किया गया है। इसलिए पहले दिन का आंकड़ा केवल नए शुरू हुए रूटों का नहीं है। इंदौर से धार, खंडवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, सागर, भोपाल, अशोकनगर और मुलताई सहित अन्य शहरों के लिए बसें रवाना हुईं।
एआईसीटीसीएल की पहले से संचालित बसों को भी नई सेवा की व्यवस्था से जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 180 बसों पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की ब्रांडिंग की गई है। शनिवार को अन्य शहरों के लिए चली 96 बसों और ब्रांडिंग वाली 180 बसों के आंकड़े अलग हैं; इन्हें एक ही दिन रवाना हुई बसों की संख्या के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
शहर के भीतर 32 रूटों पर 301 बसें
इंट्रासिटी सेवा के तहत इंदौर में 32 रूटों पर 301 बसें संचालित हो रही हैं। शनिवार को इन बसों में एक लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। यह संख्या अन्य शहरों के लिए चली बसों के करीब 10,500 यात्रियों से अलग है। शहर के भीतर छह नए रूट शुरू होने की जानकारी भी दी गई है। इनमें सेमलिया चाऊ से रंगवासा, नायता-मुंडला से अरविंदो, बेस्ट प्राइस से चोइथराम नेत्रालय, नायता-मुंडला से आईएसबीटी कुमेड़ी, बेस्ट प्राइस से महू नाका और तेजाजी नगर से पितृ पर्वत के रूट शामिल हैं।
आगे 46 इंटरसिटी रूट जोड़ने की योजना
सेवा के विस्तार के तहत आने वाले समय में 46 नए इंटरसिटी रूट जोड़ने की योजना है। इनके लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से बसें शामिल की जाएंगी। इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की भी योजना बताई गई है। फिलहाल यह आगामी व्यवस्था है; इलेक्ट्रिक बसों के चलने की तारीख की जानकारी उपलब्ध नहीं है। बसों का संचालन सार्वजनिक और निजी भागीदारी के मॉडल पर किया जाना है।
इंदौर को इस व्यवस्था में संभागीय मुख्यालय बनाया गया है। यहां से संभाग स्तर की बस सेवाओं की व्यवस्था और निगरानी की जाएगी। आगे बड़वानी–खंडवा, खंडवा–खरगोन, खरगोन–धार और ओंकारेश्वर–बुरहानपुर जैसे संपर्क मार्गों पर भी सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इन प्रस्तावित रूटों को पहले दिन संचालित हुए 24 रूटों से अलग समझना जरूरी है।
बुकिंग और बसों की निगरानी की तैयारी
यात्रियों की बुकिंग तथा बसों की निगरानी के लिए एक साझा व्यवस्था तैयार करने की योजना है। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की लोकेशन, समयबद्धता और संचालन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है। योजना में बसों की निगरानी के लिए GPS और CCTV जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख है। इन व्यवस्थाओं के पूरी तरह लागू होने की स्थिति अलग-अलग बसों और रूटों पर निर्भर करेगी।
पहले दिन के आंकड़ों से इंदौर की इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवाओं के उपयोग की तस्वीर सामने आई है। अब यात्रियों के लिए अहम बात यह होगी कि नए रूटों पर बसें कब शुरू होती हैं, उनका समय और किराया क्या रहता है तथा नियमित संचालन में बसें कितनी समयबद्ध रहती हैं।
