इंदौर के चंदन नगर फ्लाईओवर का निर्माण अटका, पानी-सीवरेज लाइनें हटने के बाद 2027 में शुरू हो सकेगा काम
इंदौर। धार रोड स्थित चंदन नगर चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का इंतजार अब और लंबा हो सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने परियोजना की योजना तैयार करने से लेकर निर्माण एजेंसी के चयन तक की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन जमीन के नीचे मौजूद पानी और सीवरेज की लाइनें निर्माण की राह में बड़ी बाधा बन गई हैं। इन यूटिलिटी लाइनों को दूसरी जगह शिफ्ट किए बिना फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण कार्य शुरू करना संभव नहीं है।
अब नगर निगम द्वारा बारिश का दौर समाप्त होने के बाद पानी और सीवरेज लाइनों को हटाने तथा शिफ्ट करने का काम शुरू किए जाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि सितंबर-अक्टूबर के दौरान यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है और इसे पूरा करने में करीब दो से तीन महीने का समय लग सकता है। ऐसे में फ्लाईओवर का वास्तविक निर्माण कार्य अगले वर्ष यानी 2027 में ही शुरू होने की संभावना है।
योजना और निर्माण एजेंसी तय, फिर भी काम शुरू नहीं
चंदन नगर चौराहा धार रोड के व्यस्ततम हिस्सों में शामिल है। यहां यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण की योजना तैयार की गई है। आईडीए ने परियोजना को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक योजना तैयार करने के साथ निर्माण के लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया है।
इसके बावजूद मौके पर निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसकी प्रमुख वजह फ्लाईओवर के प्रस्तावित निर्माण क्षेत्र के नीचे से गुजर रही पानी और सीवरेज की लाइनें हैं। फ्लाईओवर के पिलर और अन्य संरचनात्मक कार्यों के लिए खुदाई की आवश्यकता होगी। ऐसे में इन लाइनों को सुरक्षित तरीके से हटाना या दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी हो गया है।
पानी और सीवरेज लाइनें बनी सबसे बड़ी बाधा
निर्माण स्थल पर भूमिगत यूटिलिटी लाइनों की मौजूदगी के कारण परियोजना को सीधे शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। यदि लाइनें हटाए बिना खुदाई या पिलर निर्माण का काम शुरू किया जाता है तो पानी की आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
इसी कारण पहले नगर निगम को संबंधित लाइनों की शिफ्टिंग करनी होगी। इसके बाद ही आईडीए की निर्माण एजेंसी को फ्लाईओवर का काम आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से साइट उपलब्ध हो सकेगी।
परियोजना के लिए अब यूटिलिटी शिफ्टिंग को सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक कार्य माना जा रहा है।
लाइनें हटाने के लिए आईडीए ने दिए तीन करोड़ रुपये
पानी और सीवरेज की लाइनों को हटाने तथा दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए आईडीए की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। यह काम नगर निगम द्वारा कराया जाना है।
हालांकि बारिश के दौरान भूमिगत लाइनों की शिफ्टिंग करना आसान नहीं माना जा रहा है। खुदाई से आसपास की सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बारिश कम होने के बाद काम शुरू करने की तैयारी की गई है।
संभावना है कि सितंबर-अक्टूबर से नगर निगम इस दिशा में काम शुरू करेगा। लाइन शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया में लगभग दो से तीन महीने का समय लगने का अनुमान है।
2027 में शुरू हो सकता है फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण
यूटिलिटी शिफ्टिंग में लगने वाले समय को देखते हुए अब फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण 2026 में शुरू होने की संभावना कम हो गई है। यदि नगर निगम सितंबर या अक्टूबर में काम शुरू करता है और इसे पूरा करने में दो से तीन महीने लगते हैं तो निर्माण एजेंसी को साइट साल के अंत तक ही पूरी तरह उपलब्ध हो पाएगी।
इसके बाद फ्लाईओवर के पिलर, फाउंडेशन और अन्य निर्माण गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी। इस हिसाब से परियोजना का मुख्य निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इस देरी के कारण धार रोड और चंदन नगर क्षेत्र के उन वाहन चालकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा, जो लंबे समय से यहां यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।
चंदन नगर चौराहे पर रहता है यातायात का दबाव
चंदन नगर चौराहा इंदौर के महत्वपूर्ण यातायात क्षेत्रों में शामिल है। धार रोड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय यातायात के साथ आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव भी इस मार्ग पर रहता है।
व्यस्त समय में चौराहे पर वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात धीमा होने की समस्या सामने आती है। फ्लाईओवर बनने के बाद चौराहे पर सीधे गुजरने वाले वाहनों को ऊपर से निकालने में मदद मिलेगी, जिससे नीचे स्थानीय यातायात के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।
इसी वजह से क्षेत्र के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर को यातायात सुधार की महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
पहले यूटिलिटी शिफ्टिंग, उसके बाद होगा स्ट्रक्चर का काम
बड़े शहरी निर्माण कार्यों में पानी, सीवरेज और अन्य भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क को शिफ्ट करना महत्वपूर्ण चरण होता है। चंदन नगर फ्लाईओवर परियोजना में भी यही स्थिति सामने आई है।
आईडीए की तैयारी के बावजूद नगर निगम द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग पूरी होने तक निर्माण एजेंसी बड़े स्तर पर काम शुरू नहीं कर पाएगी। लाइनें हटने के बाद साइट पर फाउंडेशन और पिलर निर्माण के लिए जरूरी स्थान उपलब्ध होगा।
इस दौरान प्रयास यह भी रहेगा कि पानी और सीवरेज व्यवस्था को न्यूनतम प्रभावित करते हुए नई व्यवस्था तैयार की जाए।
धार रोड के यातायात को मिलेगी राहत
फ्लाईओवर तैयार होने के बाद चंदन नगर चौराहे पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। खासकर पीक आवर्स में वाहन चालकों को चौराहा पार करने में लगने वाले समय में कमी आ सकती है।
धार रोड इंदौर के प्रमुख मार्गों में शामिल होने के कारण फ्लाईओवर का लाभ केवल आसपास के रहवासियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस मार्ग से नियमित आवागमन करने वाले हजारों वाहन चालकों को भी मिल सकेगा।
फिलहाल परियोजना की आगे की रफ्तार नगर निगम द्वारा पानी और सीवरेज लाइनों की शिफ्टिंग पर निर्भर है। आईडीए द्वारा इसके लिए राशि उपलब्ध कराए जाने के बाद अब बारिश समाप्त होने का इंतजार है। यदि तय समय के अनुसार सितंबर-अक्टूबर से लाइन शिफ्टिंग शुरू होती है तो इसके पूरा होने के बाद 2027 में चंदन नगर फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।
