इंदौर में पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को तालाब में फेंका, बेटी की मौत; बेटा बचकर गांव पहुंचा, आरोपी पति गिरफ्तार
Indore Wife Murder Case: इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झालरिया गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पारिवारिक विवाद और पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते एक व्यक्ति ने पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी और इसके बाद अपने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया। बेटा किसी तरह तालाब से बाहर निकलकर गांव पहुंचा और लोगों को घटना की जानकारी दी। वहीं बेटी की मौत हो गई। SDRF ने तलाशी अभियान के बाद उसका शव बरामद किया। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक ही परिवार के साथ हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। कनाड़िया थाना क्षेत्र के झालरिया गांव में एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी की हत्या करने और उसके बाद दोनों बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप है। घटना में पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
पुलिस ने मामले में आरोपी पति सुनील चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद और चरित्र संदेह की बात सामने आई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
पत्नी की हत्या का पति पर आरोप
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी सुनील चौहान पेशे से ड्राइवर है। आरोप है कि सोमवार देर रात उसका अपनी पत्नी अनीता से विवाद हुआ। इसके बाद घटनाक्रम हिंसक हो गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता था। पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात भी इसी तरह का विवाद होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि सुनील अपनी पत्नी को घर के बाहर झाड़ियों की ओर लेकर गया। वहां पहले उसका गला दबाया गया और फिर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर चोटों के कारण अनीता की मौत हो गई।
हालांकि हत्या के वास्तविक कारण और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
पत्नी की मौत के बाद दोनों बच्चों को लेकर निकला आरोपी
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने जो कदम उठाया, उसने मामले को और भयावह बना दिया। आरोप है कि सुनील अपनी 13 वर्षीय बेटी माही और 12 वर्षीय बेटे अजय को लेकर घर से निकला।
इसके बाद वह दोनों बच्चों को पास स्थित एक तालाब के पास लेकर पहुंचा। आरोप है कि उसने दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया।
अचानक हुई इस घटना में दोनों बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। लेकिन बेटे अजय ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल हो गया।
तालाब से बाहर निकलकर गांव पहुंचा बेटा
पानी से बाहर निकलने के बाद अजय गांव की ओर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। बच्चे से घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित टीमों को मौके पर भेजा और तालाब में बच्ची की तलाश शुरू कराई।
बेटे का सुरक्षित बाहर निकलना पुलिस जांच में भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। पुलिस बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।
SDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन, मिला बेटी का शव
बच्ची के तालाब में होने की जानकारी मिलने के बाद बचाव दल को मौके पर बुलाया गया। अंधेरा होने के कारण रात में तलाशी अभियान में मुश्किलें आईं।
बाद में SDRF की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान माही का शव पानी से बरामद किया गया।
बेटी की मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने बच्ची के शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि बच्ची की मौत डूबने से हुई या उसके साथ पानी में फेंकने से पहले कोई अन्य हिंसा की गई थी।
बेटी की मौत को लेकर पुलिस जांच में जुटी
मामले में पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर बेटी को तालाब में फेंकने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस उसकी मौत की सटीक परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और जीवित बचे बच्चे के बयान इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात पहले से योजनाबद्ध थी या पारिवारिक विवाद के दौरान अचानक आरोपी ने यह कदम उठाया।
चरित्र संदेह को लेकर होता था विवाद
प्रारंभिक पुलिस जांच में पति-पत्नी के बीच चरित्र संदेह को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि सुनील अपनी पत्नी अनीता पर शक करता था।
पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दोनों के बीच पहले से विवाद किस स्तर तक था और क्या पहले भी मारपीट या धमकी जैसी घटनाएं हुई थीं।
इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि वारदात से ठीक पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी।
आरोपी पति को पुलिस ने किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलने के बाद कनाड़िया थाना पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी सुनील चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पुलिस आरोपी से पत्नी की हत्या, बच्चों को तालाब तक ले जाने और उसके बाद हुए घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मामले से जुड़े भौतिक और तकनीकी साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। घटनास्थल की जांच के साथ ही हत्या में इस्तेमाल किए गए कथित हथियार के संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
आरोपी के खुद को नुकसान पहुंचाने के प्रयास की भी जांच
घटना के बाद आरोपी द्वारा स्वयं को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस दावे की पुष्टि और इससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में वारदात की वजह और घटनाक्रम को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
बेटे का बयान बन सकता है अहम कड़ी
पूरे मामले में जीवित बचा बेटा अजय पुलिस जांच की महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। उसने घटना को करीब से देखा और तालाब से बाहर आने के बाद ग्रामीणों को इसकी सूचना दी।
पुलिस बच्चे की उम्र और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार उसका बयान दर्ज कर सकती है। उसके बयान से यह समझने में मदद मिलेगी कि आरोपी बच्चों को घर से किस बहाने लेकर गया था और तालाब के पास वास्तव में क्या हुआ।
दो मौतों से झालरिया गांव में सनसनी
एक ही परिवार में मां और बेटी की मौत तथा बेटे की जान लेने की कथित कोशिश की घटना सामने आने के बाद झालरिया और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, जीवित बचे बच्चे के बयान, आरोपी से पूछताछ और अन्य लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
