Indore : वंदे मातरम विवाद में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख से 4 घंटे पूछताछ, रुबीना इकबाल से भी जल्द हो सकता है सवाल-जवाब
मध्य प्रदेश के Indore में नगर निगम बजट सत्र के दौरान “वंदे मातरम” नहीं गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम से लगभग चार घंटे तक पूछताछ की है और अब दूसरी पार्षद रुबीना इकबाल को भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है।
Indore नगर निगम सत्र में शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला नगर निगम के बजट सत्र के दौरान सामने आया, जब सदन में “वंदे मातरम” गाया जा रहा था। इस दौरान कांग्रेस की दो महिला पार्षद—फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल—गान में शामिल नहीं हुईं। इसी बात को लेकर सदन में हंगामा खड़ा हो गया।
सदन में मौजूद बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस जांच और फौजिया शेख से पूछताछ
घटना के बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची। आवेदन मिलने के बाद एमजी रोड थाना ने जांच शुरू की। सोमवार को पुलिस ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को थाने बुलाकर पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों ने उनसे घटना से जुड़े कई सवाल किए और यह जानने की कोशिश की कि आखिर बजट सत्र के दौरान क्या परिस्थितियां बनीं, जिनकी वजह से वह वंदे मातरम गाने में शामिल नहीं हुईं। पूछताछ करीब चार घंटे तक चली और उनके बयान दर्ज कर लिए गए।
रुबीना इकबाल से भी हो सकती है पूछताछ
Indore पुलिस के अनुसार अब इस मामले में दूसरी पार्षद रुबीना इकबाल को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। उनसे भी घटना से जुड़े तथ्यों पर बयान दर्ज किए जाएंगे ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
पुलिस का बयान और जांच की स्थिति
इस मामले में एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है। पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है ताकि यह समझा जा सके कि सदन के भीतर वास्तव में क्या हुआ था और विवाद की जड़ क्या थी।
सदन में बढ़ा राजनीतिक तनाव
घटना के बाद राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया। बीजेपी पार्षद दल ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए दोनों पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की भी मांग की है।
बीजेपी पार्षदों ने इस मुद्दे को लेकर थाने पर प्रदर्शन भी किया और वंदे मातरम का गान किया। वहीं कांग्रेस पक्ष ने इसे राजनीतिक विवाद बताया और आरोपों को अनुचित करार दिया।
सभापति ने की कार्रवाई
सदन में हुए हंगामे के दौरान सभापति मुन्नालाल यादव ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। उन्होंने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए। पहले उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें सदन छोड़ना पड़ा।
मामला कैसे बढ़ा आगे
शुरुआत में यह विवाद सिर्फ नगर निगम सत्र तक सीमित था, लेकिन अब यह पुलिस जांच और राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। सोशल और राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर Indore का यह मामला अब गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है। फौजिया शेख से पूछताछ के बाद अब रुबीना इकबाल से भी सवाल-जवाब की संभावना है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे घटनाक्रम में वास्तविक स्थिति क्या थी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
