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Indore में 207 पुरानी बसों के परमिट निरस्त: यात्री सुरक्षा को लेकर RTO की बड़ी और सख्त कार्रवाई

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Published On: 30 April 2026
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मध्यप्रदेश के Indore संभाग में यात्री सुरक्षा और सड़क परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के संचालन पर रोक लगाते हुए कुल 207 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद अब यदि कोई भी बस अवैध रूप से सड़कों पर चलती पाई जाती है तो उसे तत्काल जब्त किया जाएगा। यह निर्णय न केवल परिवहन नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है।

Indore में पुरानी बसों पर सख्त कार्रवाई का कारण

परिवहन विभाग के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसें तकनीकी रूप से कमजोर हो जाती हैं और इनमें ब्रेकडाउन, दुर्घटना या यांत्रिक खराबी की संभावना अधिक रहती है। इससे यात्रियों की जान को खतरा उत्पन्न होता है। इसी कारण शासन ने पहले ही निर्देश जारी किए थे कि ऐसी बसों को हटाकर उनकी जगह नई और आधुनिक बसें चलाई जाएं।

लेकिन कई बस ऑपरेटरों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और पुरानी बसों का ही संचालन जारी रखा। यही वजह रही कि प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।

कुल 207 बसों के परमिट निरस्त

इस कार्रवाई के तहत पहले चरण में 135 बसों के परमिट निरस्त किए गए थे। इसके बाद समीक्षा के दौरान 72 और बसों के परमिट रद्द कर दिए गए। इस प्रकार कुल 207 बसों को सड़कों से हटा दिया गया है।

यह निर्णय उन बस मालिकों के खिलाफ लिया गया है जिन्होंने तय समय सीमा के भीतर अपनी पुरानी बसों को नए मॉडल की बसों से प्रतिस्थापित नहीं किया।

नोटिस और ऑपरेटरों की स्थिति

परिवहन विभाग ने पहले 136 बस ऑपरेटरों को नोटिस जारी किए थे। उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे नई बसों को संचालन में लाएं और पुराने वाहनों को हटाएं।

इनमें से 64 ऑपरेटरों ने नियमों का पालन करते हुए नई बसों की सूची और दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए, जिसके कारण उन्हें राहत दी गई। लेकिन शेष 72 बस ऑपरेटर निर्धारित समय सीमा में नई बसें उपलब्ध नहीं करा सके, जिसके चलते उनके परमिट स्थायी रूप से निरस्त कर दिए गए।

प्रशासनिक आदेश और जिम्मेदार अधिकारी

यह कार्रवाई संभागायुक्त एवं क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण इंदौर के अध्यक्ष डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का पालन न करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया था ताकि भविष्य में इस तरह की अनदेखी न हो।

सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता

परिवहन विभाग ने बताया कि पुरानी बसें केवल तकनीकी रूप से कमजोर नहीं होतीं, बल्कि उनमें सुरक्षा उपकरण भी आधुनिक मानकों के अनुसार नहीं होते। इनमें फायर सेफ्टी, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा सुविधाओं की कमी होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का निर्णय लिया है।

निगरानी और सख्त निर्देश

निरस्त की गई बसों की सूची इंदौर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों, जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) और परिवहन सुरक्षा स्क्वाड को भेज दी गई है।

सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी बस अवैध रूप से संचालन करते हुए पकड़ी जाती है तो उसे तुरंत जब्त किया जाए और संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

यात्रियों पर प्रभाव और लाभ

इस कार्रवाई का सीधा असर यात्रियों पर भी पड़ेगा, लेकिन इसका उद्देश्य लंबे समय में उन्हें सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा देना है।

नई बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर आराम, सुरक्षा और समय पर सेवाएं मिलेंगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

बस ऑपरेटरों की चुनौती

इस कार्रवाई के बाद कई बस ऑपरेटरों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। जिन ऑपरेटरों की बसें निरस्त हुई हैं, उन्हें अब या तो नई बसें खरीदनी होंगी या फिर परिवहन व्यवसाय से बाहर होना पड़ेगा।

कई ऑपरेटरों ने इस निर्णय को कठिन बताया है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

परिवहन व्यवस्था में सुधार की दिशा

इंदौर में यह कदम परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे न केवल पुरानी और असुरक्षित बसें हटेंगी, बल्कि नए वाहनों को बाजार में आने का अवसर भी मिलेगा।

इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अंततः यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

भविष्य की रणनीति

परिवहन विभाग भविष्य में भी इस तरह की सख्त निगरानी जारी रखने की योजना बना रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहन तय मानकों के अनुसार हों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करें।

इसके अलावा डिजिटल ट्रैकिंग और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

निष्कर्ष

इंदौर संभाग में 207 पुरानी बसों के परमिट निरस्त करने का यह निर्णय यात्री सुरक्षा और परिवहन सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि नियमों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

भविष्य में यह कदम सड़क सुरक्षा, परिवहन अनुशासन और आधुनिक यात्री सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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