Indore में बेलगाम बसों से बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था, कार्रवाई के इंतजार में शहर
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी Indore में ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। शहर की सड़कों पर संचालित अंतरराज्यीय बसों और ट्रैवल्स कंपनियों की मनमानी अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में सड़क किनारे खड़ी बसें न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बन रही हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।
हाल ही में शहर में हुई एक घटना ने ट्रैवल्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि एक ट्रैवल्स गोदाम में 100 किलो वजनी पार्सल महिला सफाईकर्मी पर फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि गोदाम को भी सील कर दिया गया।
सड़कों पर खड़ी बसों से बढ़ रही परेशानी
शहर के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैवल्स कंपनियों की बसें आधी सड़क घेरकर खड़ी रहती हैं। इससे वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विशेष रूप से ढक्कनवाला कुआं, बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा, स्टार चौराहा और रेडिसन चौराहा जैसे व्यस्त क्षेत्रों में शाम के समय लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया है।
ट्रैफिक पुलिस पर उठ रहे सवाल
शहर में ट्रैफिक पुलिस अक्सर दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करती नजर आती है, लेकिन बड़े स्तर पर ट्रैफिक बाधित करने वाली बसों और ट्रैवल्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई न होना सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बस ऑपरेटर नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।
पार्सल ढुलाई का बढ़ता अवैध कारोबार
शहर में संचालित कई ट्रैवल्स कंपनियां बसों के जरिए बड़े पैमाने पर पार्सल परिवहन का काम कर रही हैं। आरोप है कि बिना उचित जांच और सुरक्षा मानकों के भारी सामान बसों की छत और डिग्गियों में लादा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यात्री बसों का उपयोग इस तरह माल परिवहन के लिए करना नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
महिला सफाईकर्मी हादसे ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में हुई घटना में एक महिला सफाईकर्मी पर लगभग 100 किलो वजनी पार्सल फेंक दिया गया था। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित ट्रैवल्स कंपनी पर भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
परमिट निरस्त होने की संभावना
जानकारी के अनुसार जिस बस से पार्सल फेंका गया, उसे माल ढुलाई की अनुमति नहीं थी। ऐसे में परिवहन विभाग बस का परमिट निरस्त करने और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई कर सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो यह शहर में ट्रैवल्स कंपनियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जाएगी।
हवाला और अवैध गतिविधियों की आशंका
स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि कई बार बसों के जरिए हवाला राशि और संदिग्ध पार्सल ले जाए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
हालांकि, इन मामलों में बड़े स्तर पर जांच या कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।
बढ़ती आबादी और बिगड़ता ट्रैफिक
Indore तेजी से विकसित हो रहा शहर है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण पहले ही ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ऐसे में यदि बस ऑपरेटर खुलेआम सड़कों पर कब्जा करेंगे तो ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होना तय है।
रहवासियों की मांग
स्थानीय रहवासियों और व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- सड़क किनारे अवैध बस पार्किंग तुरंत बंद कराई जाए
- ट्रैवल्स कंपनियों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाया जाए
- भारी पार्सल ढुलाई पर निगरानी रखी जाए
- व्यस्त इलाकों में पुलिस गश्त और ट्रैफिक नियंत्रण बढ़ाया जाए
- नियम तोड़ने वाली बसों के परमिट निरस्त किए जाएं
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैफिक प्रबंधन के साथ-साथ ट्रैवल्स कंपनियों के संचालन पर भी स्पष्ट और सख्त नियम लागू करने की जरूरत है।
निष्कर्ष
Indore में बेलगाम बसों और ट्रैवल्स कंपनियों की मनमानी अब आम जनता के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनती जा रही है। सड़कों पर जाम, अवैध पार्सल ढुलाई और सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार सवाल खड़े कर रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और परिवहन विभाग इस मामले में कितनी सख्ती दिखाते हैं और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
