Indore में 20 से 28 अगस्त तक गूंजेगा श्री नमस्कार महामंत्र का दिव्य स्वर
नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।9179662633
द्विशताब्दी ‘गुरु राज स्पर्श चातुर्मास-2026’ के अंतर्गत होगा नौ दिवसीय भव्य नवकार महामंत्र आराधना महोत्सव
Indore। धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक साधना की नगरी इन्दौर में आगामी दिनों में एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। पुण्यसम्राट गुरुदेव श्री के हृदय में बसे मालवा की इन्द्रपुरी में द्विशताब्दी ‘गुरु राज स्पर्श चातुर्मास-2026’ के पावन अवसर पर 20 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक भव्य श्री नमस्कार महामंत्र आराधना का आयोजन किया जाएगा। नौ दिवसीय यह आराधना जैन धर्मावलंबियों के लिए आत्मचिंतन, साधना, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर लेकर आएगी।
यह पावन आयोजन परम पूज्य धर्मदिवाकर, हृदयसम्राट, गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब एवं आदि श्रमण-श्रमणी वृंद की पावन निश्रा में संपन्न होगा। आयोजन को लेकर इन्दौर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उमंग का वातावरण बना हुआ है।
नवकार महामंत्र आराधना का आध्यात्मिक महत्व
जैन धर्म में नवकार महामंत्र को सर्वोच्च और अत्यंत पवित्र मंत्र का स्थान प्राप्त है। यह मंत्र किसी एक व्यक्ति, देवी-देवता या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंच परमेष्ठी को नमन करने वाला सार्वभौमिक मंत्र है। इसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु भगवंतों के गुणों को स्मरण किया जाता है।
नवकार महामंत्र का जाप मन को शांति प्रदान करने वाला, आत्मविश्वास बढ़ाने वाला और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है। साधक इस मंत्र के माध्यम से अपने भीतर के क्रोध, अहंकार, मोह और विकारों को कम करने का प्रयास करता है तथा आत्मशुद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
आयोजकों ने बताया कि इस आराधना का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और धर्म के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत करना है।
20 अगस्त को होगा आराधना का शुभारंभ
परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि नौ दिवसीय श्री नमस्कार महामंत्र आराधना का शुभारंभ 20 अगस्त 2026 को धार्मिक विधि-विधान और मंगल वातावरण के बीच किया जाएगा।
आराधना के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक कार्यक्रम, मंत्र जाप, साधना और आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित होंगी। देशभर से श्रद्धालुओं के इस आयोजन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि आराधना में भाग लेने वाले साधकों की सुविधा के लिए पूर्व पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इच्छुक श्रद्धालुओं से समय रहते अपना पंजीयन कराने का आग्रह किया गया है, ताकि आयोजन की व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके।
28 अगस्त को होगी पूर्णाहुति
नौ दिनों तक चलने वाली इस भव्य आराधना का समापन 28 अगस्त 2026 को पूर्णाहुति के साथ होगा। अंतिम दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आराधना को पूर्ण किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
Indore में बनेगा धर्म और भक्ति का वातावरण
इन्दौर नगरी में होने वाला यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चातुर्मास काल में साधु-साध्वियों के सानिध्य में होने वाले धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है। इस दौरान श्रद्धालु अधिक समय धर्म आराधना, स्वाध्याय और साधना में व्यतीत करते हैं।
द्विशताब्दी गुरु राज स्पर्श चातुर्मास-2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाली यह नवकार महामंत्र आराधना इन्दौर में धर्म प्रभावना का नया अध्याय स्थापित करेगी।
श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। अनेक परिवार इस अवसर को अपने जीवन का सौभाग्य मानते हुए आराधना में सहभागी बनने की तैयारी कर रहे हैं।
धर्म और संस्कारों के संवर्धन का माध्यम बनेगा आयोजन
आयोजकों ने बताया कि वर्तमान समय में जहां मनुष्य भौतिक जीवन की भागदौड़ में व्यस्त है, ऐसे समय में धार्मिक आराधनाएं उसे आत्मचिंतन और आंतरिक शांति की ओर ले जाती हैं।
नवकार महामंत्र आराधना के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। यह आयोजन नई पीढ़ी को भी धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।
जैन समाज का मानना है कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में अहिंसा, सत्य, संयम, करुणा और क्षमा जैसे गुणों को अपनाना ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है।
रांका परिवार सहित अनेक श्रद्धालु बने लाभार्थी
इस पावन आयोजन के लाभार्थी हैं—
श्री हजारीमलजी, कांतिलालजी, विमलादेवी, कमलजी, रविजी-राखीजी, जयजी-प्रीतिजी, सीए श्रेया, अक्षत-राधिका, श्रुति, रचित एवं रांका परिवार, अनुराग नगर, इन्दौर।
लाभार्थी परिवार ने इस धार्मिक आयोजन से जुड़कर समाज को आध्यात्मिक साधना का अवसर प्रदान किया है। उनके सहयोग से आयोजित होने वाली यह आराधना अनेक श्रद्धालुओं के लिए धर्म लाभ का माध्यम बनेगी।
जैन संघ एवं परिषद की संयुक्त पहल
इस भव्य आयोजन के आयोजक एवं निमंत्रक हैं—
श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ, इन्दौर
एवं
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक-महिला-बहू परिषद, शाखा इन्दौर।
दोनों संस्थाएं लंबे समय से धर्म, समाजसेवा और संस्कारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस आयोजन के माध्यम से भी उनका उद्देश्य समाज को धर्म और आध्यात्मिकता से जोड़ना है।
श्रद्धालुओं से सहभागी बनने का आह्वान
आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन आराधना में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनें और नवकार महामंत्र की आराधना का लाभ प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर जीवन में बार-बार नहीं आते। साधु-साध्वियों के सानिध्य में होने वाली आराधना व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।
पंजीयन एवं संपर्क
इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता और अन्य जानकारी के लिए श्रद्धालु निम्न संपर्क सूत्रों पर संपर्क कर सकते हैं—
श्री प्रभात जैन – 8319553691
श्री अनिल सकलेचा – 9425074954
श्री महेंद्र जैन – 9425959598
द्विशताब्दी ‘गुरु राज स्पर्श चातुर्मास-2026’ के अंतर्गत होने वाली श्री नमस्कार महामंत्र आराधना इन्दौर के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में याद की जाएगी। नौ दिनों तक चलने वाला यह आध्यात्मिक महोत्सव श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना और आत्मिक शांति का अनुभव कराएगा।
