श्री पार्श्वनाथ दिगंबर Jain मंदिर में मंगल शिखर कलशारोहण एवं ध्वज स्थापना महोत्सव
राजेश जैन दद्दू
Indore में धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जब श्री पार्श्वनाथ दिगंबर Jain मंदिर, विद्या पैलेस में 20 मार्च से 21 मार्च 2026 तक भव्य मंगल शिखर कलशारोहण एवं ध्वज स्थापना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि पूरे शहर के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अवसर है, जिसमें धर्म, परंपरा और संस्कृति का समन्वय देखने को मिलेगा।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव अत्यंत पावन और ऐतिहासिक महत्व का है। इस आयोजन को श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री सुलभसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद प्राप्त हैं। साथ ही, परम पूज्य श्रुत संवेगी श्रमण मुनि श्री आदित्यसागरजी महाराज, मुनिश्री अप्रमित सागर जी महाराज, मुनिश्री सहज सागर जी महाराज एवं छुल्लक श्री श्रेयस सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य में यह महोत्सव संपन्न होगा।
धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक वातावरण
जैन धर्म में मंदिरों के शिखर पर कलशारोहण और ध्वज स्थापना का विशेष महत्व होता है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा के जागरण और मंदिर की गरिमा को बढ़ाने का प्रतीक है। इस अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पूजा-अर्चना, अभिषेक और विभिन्न धार्मिक विधियों में भाग लेते हैं।
इस महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के प्रति अपनी आस्था को और प्रगाढ़ करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन समाज में एकता, समर्पण और सेवा भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
सकल Jain समाज से सहभागिता का आह्वान
इस भव्य आयोजन के संदर्भ में मयंक जैन ने सकल जैन समाज से विशेष आग्रह किया है कि वे इस महोत्सव में सपरिवार शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस महोत्सव को सफल बनाएं और अपने जीवन को धन्य करें।
तीन दिवसीय कार्यक्रम का विस्तृत विवरण
यह महोत्सव तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन विधियों के साथ संपन्न होगा। हर दिन का कार्यक्रम विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिससे श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग ले सकें।
गुरुवार, 19 मार्च 2026
- प्रातः 7:00 बजे – नित्य नियम पूजा
- अभिषेक
- शांतिधारा
- जाप स्थापना
इस दिन की शुरुआत नियमित पूजा-अर्चना और जाप स्थापना के साथ होगी, जिससे पूरे आयोजन के लिए आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया जाएगा।
शुक्रवार, 20 मार्च 2026
- प्रातः 7:00 बजे से – अभिषेक
- शांतिधारा
- नित्य नियम पूजन
- शिखर शुद्धि
- ध्वजा शुद्धि
- याग मंडल विधान
- वास्तु विधान
इस दिन विभिन्न विशेष अनुष्ठानों का आयोजन होगा, जिसमें शिखर और ध्वजा की शुद्धि के साथ याग मंडल और वास्तु विधान जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य संपन्न किए जाएंगे। यह दिन महोत्सव की आध्यात्मिक गहराई को और बढ़ाने वाला होगा।
शनिवार, 21 मार्च 2026
- प्रातः 7:00 बजे से – अभिषेक
- शांतिधारा
- सामूहिक पूजन
- मुनिसंघ की मंगल देशना
- कलशारोहण
- ध्वजारोहण
महोत्सव के अंतिम दिन मुख्य आकर्षण रहेगा, जब मुनिसंघ की मंगल देशना के पश्चात शिखर पर कलशारोहण और ध्वजारोहण का पावन कार्य संपन्न किया जाएगा। यह क्षण अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
संतों का सान्निध्य: आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत
इस आयोजन में विभिन्न पूज्य संतों का सान्निध्य विशेष आकर्षण रहेगा। आचार्य एवं मुनिसंघ की उपस्थिति से पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा। उनके प्रवचनों और मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं को धर्म की गहराई को समझने का अवसर मिलेगा।
मुनियों की मंगल देशना श्रद्धालुओं को जीवन में संयम, शांति और आत्मकल्याण की दिशा में प्रेरित करेगी।
आयोजन का उद्देश्य
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करना नहीं है, बल्कि समाज में धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी है। यह आयोजन लोगों को अपने जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।
इसके माध्यम से समाज में एकता, सहयोग और सामूहिकता की भावना भी मजबूत होती है।
आयोजक और व्यवस्थाएं
इस भव्य महोत्सव का आयोजन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, विद्या पैलेस एवं सकल जैन समाज, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित होने वाला यह मंगल शिखर कलशारोहण एवं ध्वज स्थापना महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम होगा। यह आयोजन न केवल जैन समाज के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे शहर के लिए एक प्रेरणादायक अवसर है।
श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस महोत्सव को सफल बनाएं।
यह आयोजन निश्चित रूप से इंदौर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करेगा तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
