Indore में ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक 9 जून से: खाद्य सुरक्षा और नई तकनीकों पर होगा मंथन,
Indore अब अंतरराष्ट्रीय कृषि संवाद का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। शहर में 9 जून 2026 से ब्रिक्स कृषि समूह (BRICS Agriculture Working Group) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है, जो लगभग पांच दिनों तक चलेगी। इस वैश्विक आयोजन में खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, तकनीक आधारित खेती और किसानों की आय बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
इस बैठक में ब्रिक्स देशों के साथ-साथ साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जिससे कुल मिलाकर लगभग 21 देशों के प्रतिनिधियों के आने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है।
9 से 11 जून तक होगी कृषि कार्य समूह की बैठक
सम्मेलन की शुरुआत 9 जून से 11 जून के बीच कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group – AWG) की बैठकों से होगी। इन तीन दिनों में वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और तकनीकी प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
इन बैठकों में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर फोकस रहेगा—
- कृषि उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकें
- खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला
- टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती
- कृषि अनुसंधान और नवाचार
- डिजिटल कृषि और डेटा आधारित खेती
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि क्षेत्र के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, जिन्हें तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ही हल किया जा सकता है।
12 और 13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक
कार्य समूह की बैठकों के बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सदस्य देशों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
इस बैठक में वैश्विक कृषि नीतियों, खाद्य सुरक्षा रणनीति, कृषि व्यापार में सहयोग और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा होगी।
बैठक का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कृषि क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और एक साझा रणनीति तैयार करना है, जिससे आने वाले समय में खाद्य संकट जैसी चुनौतियों से निपटा जा सके।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां, मुख्य सचिव ने की समीक्षा
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्य सचिव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की समीक्षा की और सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी बताया कि आयोजन की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, अतिथि सत्कार, यातायात प्रबंधन और तकनीकी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि यह आयोजन इंदौर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करे।
जलवायु अनुकूल खेती पर रहेगा विशेष फोकस
इस सम्मेलन का एक प्रमुख विषय जलवायु परिवर्तन और उससे कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, अनियमित वर्षा, बढ़ता तापमान और मौसम में अस्थिरता ने कृषि उत्पादन पर गंभीर असर डाला है।
इसी को देखते हुए बैठक में जलवायु अनुकूल खेती (Climate Resilient Agriculture) पर विशेष चर्चा होगी।
इसके अलावा इन विषयों पर भी फोकस रहेगा—
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खेती
- मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग
- रोबोटिक्स और ऑटोमेशन
- प्रिसिजन फार्मिंग
- कृषि नवाचार और शोध सहयोग
इन तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने पर विचार किया जाएगा।
Indore में दिखेगी मालवा की संस्कृति और परंपरा
विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए इंदौर शहर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। एयरपोर्ट पर मालवी संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक स्वागत किया जाएगा, जिससे मेहमानों को स्थानीय संस्कृति की झलक मिल सके।
इसके अलावा प्रतिनिधियों को इंदौर और आसपास के प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इनमें राजवाड़ा, छप्पन दुकान, मांडू और उज्जैन जैसे स्थान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का रात्रिभोज और प्रदर्शनी का आयोजन
11 जून को मुख्यमंत्री की ओर से एक विशेष रात्रिभोज (Dinner) का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें विदेशी प्रतिनिधियों का औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश की कृषि उपलब्धियों, नवाचारों और प्रमुख उत्पादों की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य राज्य की कृषि क्षमता और तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।
इंदौर बनेगा वैश्विक कृषि चर्चा का केंद्र
यह सम्मेलन इंदौर को अंतरराष्ट्रीय कृषि संवाद के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिला सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल कृषि क्षेत्र में नई नीतियों को दिशा मिलेगी, बल्कि राज्य और देश को वैश्विक निवेश और सहयोग के अवसर भी प्राप्त होंगे।
तैयारियों पर प्रशासन सतर्क
आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा, आवागमन, होटल व्यवस्था और अतिथि सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे और आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफल बनाया जाए।
निष्कर्ष
इंदौर में 9 जून से होने जा रही ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक न केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, बल्कि यह कृषि क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी साबित हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, आधुनिक तकनीक और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चाएं आने वाले वर्षों में कृषि नीति और उत्पादन प्रणाली को नई दिशा दे सकती हैं।
इंदौर की मेहमाननवाजी, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक तैयारियां इस आयोजन को और भी खास बनाएंगी, जिससे यह सम्मेलन राज्य और देश दोनों के लिए गौरव का विषय बन जाएगा।
