विधान पात्रों का चयन
राजेश जैन दद्दू
प्रस्तावना
Indore के अंजनी नगर में धर्म और संस्कृति से जुड़े एक अत्यंत भव्य और पावन आयोजन की तैयारी की जा रही है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि जैन समाज की परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। आगामी कार्यक्रम “विधान पात्रों चयन विधान महोत्सव” एवं पंच दिवसीय “आदित्योत्सव” के रूप में बड़े ही हर्ष, उल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाएगा।
यह संपूर्ण आयोजन धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू द्वारा जारी जानकारी के अनुसार श्री चंद्रप्रभु माँगलिक भवन, अंजनी नगर, इंदौर में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जैन धर्म की गहरी परंपराओं और आध्यात्मिक साधना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।
विधान पात्रों चयन का महत्व
धार्मिक आयोजनों में “विधान पात्रों का चयन” अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। यह केवल एक औपचारिक चयन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जिम्मेदारी और धार्मिक अनुष्ठानों में भागीदारी का एक विशेष अवसर होता है। इस चयन के माध्यम से उन श्रद्धालुओं को अवसर दिया जाता है, जो आगामी विधान महोत्सव में धार्मिक क्रियाओं और अनुष्ठानों का हिस्सा बनेंगे।
यह प्रक्रिया समाज में श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत करती है।
चयन कार्यक्रम की तिथि एवं समय
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि पंच दिवसीय महोत्सव “आदित्योत्सव” के अंतर्गत विधान पात्रों का चयन कार्यक्रम रविवार, 10 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगा।
यह आयोजन श्री चंद्रप्रभु माँगलिक भवन, अंजनी नगर, इंदौर में पावन वातावरण में सम्पन्न होगा, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजजन उपस्थित रहेंगे।
आध्यात्मिक सान्निध्य एवं गुरु परंपरा
इस पावन आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विशुद्ध कुल गौरव श्रुत संवेगी महाश्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी, श्रुतप्रिय मुनि श्री अप्रमित सागर जी, सहजानंदी मुनि श्री सहज सागर जी एवं छुल्लक श्रेयस सागर जी संसघ का सानिध्य प्राप्त होगा।
इन सभी पूज्य संतों के पावन प्रवचन एवं मंगल देशना के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होगी।
आशीर्वाद प्रदाता आचार्य श्री
आगामी विधान महोत्सव के लिए श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का पावन आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। उनका आशीर्वाद इस आयोजन को और अधिक दिव्यता एवं आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान करेगा।
पंच दिवसीय आदित्योत्सव कार्यक्रम
यह पंच दिवसीय महोत्सव 20 मई 2026 से 24 मई 2026 तक बड़े ही भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक दिवस का विशेष धार्मिक महत्व निर्धारित किया गया है, जिसमें विभिन्न विधान और अनुष्ठान संपन्न होंगे।
20 मई 2026 (बुधवार)
7वाँ जैनत्व दाम्पत्य संस्कार
प्रातः 6:30 बजे से
इस दिन दाम्पत्य जीवन में जैन संस्कारों के महत्व को दर्शाने वाला विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह संस्कार जीवन में धर्म और परिवार मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देगा।
21 मई 2026 (गुरुवार)
सर्वोदय सर्व विघ्नहरण श्री भक्तामर विधान
प्रातः 6:30 बजे
इस विधान का उद्देश्य जीवन के सभी विघ्नों को दूर कर आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होना है। भक्तामर स्तोत्र के माध्यम से साधना और भक्ति का वातावरण निर्मित होगा।
22 मई 2026 (शुक्रवार)
शांति करण-मनोरथ पूरण श्री शांतिनाथ ऋद्धि विधान
प्रातः 6:30 बजे
इस दिन शांति, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु विशेष पूजा-अर्चना एवं विधान संपन्न होगा। यह दिन आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक रहेगा।
23 मई 2026 (शनिवार)
सर्वदोष-निवारक कल्पतरू कल्याण मंदिर विधान
प्रातः 6:30 बजे
इस विधान के माध्यम से जीवन के सभी दोषों के निवारण और कल्याण की कामना की जाएगी। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक शुद्धि और सकारात्मक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
24 मई 2026 (रविवार)
श्रुत संवेगी परम पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज का 40वाँ अवतरण दिवस
प्रातः 8:00 बजे
यह दिन अत्यंत विशेष और ऐतिहासिक माना जाएगा, क्योंकि इस दिन मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज का 40वाँ अवतरण दिवस सकल जैन समाज एवं गुरु भक्तों के सानिध्य में बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा।
आयोजन का उद्देश्य
इस संपूर्ण महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म की परंपराओं को जीवंत रखना, युवा पीढ़ी को धार्मिक संस्कारों से जोड़ना और समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना है।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल धार्मिक शिक्षा मिलती है, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।
समाजजन और आयोजकों की भूमिका
इस भव्य आयोजन में देवेंद्र सोगानी, ऋषभ पाटनी एवं राजेश काला ने सर्व समाज से अपील की है कि सभी श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।
आयोजन स्थल एवं व्यवस्था
संपूर्ण कार्यक्रम श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर, अंजनी नगर, इंदौर में आयोजित किया जाएगा। आयोजन स्थल को अत्यंत भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण से सजाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को दिव्यता का अनुभव हो सके।
समापन संदेश
यह संपूर्ण विधान महोत्सव एवं आदित्योत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह जैन समाज की आस्था, परंपरा और संस्कृति का एक सशक्त प्रतीक भी है। ऐसे आयोजन समाज में धर्म, एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं।
आयोजक विवरण
आयोजक:
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर, अंजनी नगर, इंदौर
धर्म प्रचारक का संदेश
राजेश जैन दद्दू
धर्म समाज प्रचारक, इंदौर
मो. 9425321169
निष्कर्ष
यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और संस्कारों के प्रसार का एक सशक्त माध्यम भी है। विधान पात्रों का चयन से लेकर पंच दिवसीय आदित्योत्सव तक हर चरण श्रद्धा, भक्ति और धर्म के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
