इंदौर की प्रसिद्ध सराफा चौपाटी जल्द ही नए नियमों के साथ दिखाई देगी। मंगलवार रात इस क्षेत्र में खाने-पीने की दुकानों और स्टॉलों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई सख्त फैसले लिए गए। यह निर्णय हाल के दिनों में सराफा में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया गया।
बैठक में यह तय किया गया कि अब केवल पहचानी गई 80 पारंपरिक दुकानों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, मोमोज और अन्य चाइनीज व्यंजन बेचने वाली नई दुकानें, ठेले और खोमचे हटा दिए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि इन नई दुकानों के कारण न सिर्फ भीड़ बढ़ रही थी, बल्कि सराफा की ऐतिहासिक और पारंपरिक पहचान प्रभावित हो रही थी।

नगर निगम और व्यापारी एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह कदम सराफा चौपाटी की मूल पहचान और वहां के प्रसिद्ध मिठाइयों और व्यंजनों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नियम का पालन सख्ती से कराया जाएगा।
नगर निगम ने मंगलवार रात से ही दुकानदारों को मुनादी के जरिए चेतावनी दी। बुधवार रात से कार्रवाई शुरू होगी, जिसमें तय 80 पारंपरिक दुकानों को छोड़कर अन्य सभी अनधिकृत स्टॉल हटाए जाएंगे। प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र में व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने और आगंतुकों को बेहतर अनुभव देने के लिए लिया गया है।
सराफा चौपाटी अब केवल पारंपरिक व्यंजनों और स्थिर दुकानों के लिए प्रसिद्ध जगह बनी रहेगी। नए नियम के लागू होने के बाद यहां आने वाले लोग पारंपरिक स्वाद का आनंद पूरी तरह ले सकेंगे और भीड़-भाड़ तथा अव्यवस्था में कमी आएगी।
