Indore संपत्ति कर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बिजली विभाग के व्यावसायिक कनेक्शनों की जांच में 7189 मामलों का पता चला, जबकि 6100 संपत्तियों पर टैक्स चोरी और जुर्माने की कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जानिए पूरा मामला।
Indore संपत्ति कर जांच: बिजली के बिल से खुली 7189 लोगों की पोल, 6100 पर जुर्माने की तैयारी
Indore संपत्ति कर जांच के तहत नगर निगम ने शहर में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बिजली कंपनी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नगर निगम ने ऐसे हजारों लोगों की पहचान की है जो व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के बावजूद आवासीय दरों पर संपत्ति कर जमा कर रहे थे। जांच में अब तक 7189 मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें से 6100 लोगों पर जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
Indore संपत्ति कर जांच में बड़ा खुलासा
नगर निगम द्वारा हाल ही में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से शहर के सभी बिजली कनेक्शनों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई थी। इस जानकारी में यह पता लगाया गया कि किस पते पर किस प्रकार का बिजली कनेक्शन संचालित हो रहा है।जांच के दौरान यह देखा गया कि कई स्थानों पर व्यावसायिक बिजली कनेक्शन तो लिए गए हैं, लेकिन संपत्ति कर आवासीय दरों पर जमा किया जा रहा है। इसी आधार पर नगर निगम ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान शुरू किया।
बिजली बिल बना टैक्स चोरी पकड़ने का सबसे बड़ा माध्यम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बिजली कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा में प्रत्येक कनेक्शन का प्रकार स्पष्ट रूप से दर्ज था। इसके बाद निगम के सहायक राजस्व अधिकारियों और बिल कलेक्टरों को क्षेत्रवार सूची सौंपी गई।अधिकारियों ने मौके पर जाकर यह जांच की कि संबंधित संपत्ति पर किस प्रकार की गतिविधि संचालित हो रही है और नगर निगम को किस श्रेणी में कर जमा किया जा रहा है।
1.08 लाख व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों की जांच
नगर निगम को बिजली कंपनी से कुल 1.08 लाख व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों की सूची प्राप्त हुई थी।अब तक:
- 63,000 से अधिक स्थानों का भौतिक सत्यापन
- 7,189 संदिग्ध मामलों की पहचान
- 6,100 मामलों में टैक्स श्रेणी परिवर्तन की तैयारी
- 1,089 संपत्तियों का निगम रिकॉर्ड में खाता नहीं मिला
जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
7189 मामलों में मिली गड़बड़ी
नगर निगम की जांच में सामने आया कि हजारों लोग दुकान, कार्यालय, क्लिनिक, गोदाम, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे, लेकिन संपत्ति कर आवासीय दरों पर जमा कर रहे थे।इससे निगम को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूरी जांच पूरी हो जाती है तो नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व के रूप में बड़ी राशि प्राप्त हो सकती है।
6100 संपत्तियों पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम के अपर आयुक्त राजस्व आकाश सिंह के अनुसार 6100 संपत्तियों को आवासीय श्रेणी से व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इन मामलों में:
- व्यावसायिक दर से नया कर निर्धारण
- पिछली अवधि का बकाया कर
- कर अंतर की वसूली
- तीन वर्ष तक का जुर्माना
लगाया जाएगा।
तीन साल से अधिक नहीं लगाया जा सकता जुर्माना
मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार टैक्स चोरी के मामलों में अधिकतम तीन वर्षों तक की अवधि का जुर्माना लगाया जा सकता है।इसी नियम के तहत नगर निगम प्रत्येक मामले की अलग फाइल तैयार कर रहा है।जांच के बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वसूली की जाएगी।
1089 संपत्तियों का रिकॉर्ड नहीं मिला
जांच के दौरान 1089 ऐसे पते भी सामने आए जहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में उनका कोई संपत्ति कर खाता ही दर्ज नहीं था।इन मामलों में निगम:
- नया संपत्ति कर खाता खोलेगा
- उपयोग अवधि की जानकारी जुटाएगा
- पूर्व अवधि का कर निर्धारित करेगा
- नियमों के अनुसार वसूली करेगा
गूगल अर्थ से होगी पुरानी जानकारी की जांच
नगर निगम इस बार तकनीक का उपयोग करते हुए गूगल अर्थ की सहायता लेने जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार:
- पुरानी सैटेलाइट इमेज देखी जाएंगी
- निर्माण कब से मौजूद है, इसकी जांच होगी
- नक्शा स्वीकृति रिकॉर्ड का मिलान होगा
- उसी आधार पर कर निर्धारण किया जाएगा
यह तरीका टैक्स चोरी की अवधि का सटीक अनुमान लगाने में मदद करेगा।
जनगणना के आंकड़ों का भी मिलेगा लाभ
नगर निगम अब हाल ही में हुई मकान गणना के आंकड़ों का भी उपयोग करेगा।मकान गणना के दौरान शहर की प्रत्येक संपत्ति की जानकारी एकत्रित की गई है। इससे निगम को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सी संपत्तियां आवासीय हैं और कौन सी व्यावसायिक उपयोग में हैं।इस डेटा का उपयोग भविष्य में संपत्ति कर सुधार और राजस्व बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
निगम की आगे की रणनीति
नगर निगम आने वाले महीनों में निम्न कदम उठाने जा रहा है:
टैक्स रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण
सभी संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट किया जाएगा।
बिजली और कर डेटा का मिलान
बिजली कनेक्शन और संपत्ति कर रिकॉर्ड को नियमित रूप से क्रॉस-चेक किया जाएगा।
अवैध कर छूट पर कार्रवाई
जिन लोगों ने गलत जानकारी देकर कर लाभ लिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजस्व बढ़ाने की योजना
नगर निगम का लक्ष्य कर आधार बढ़ाकर शहर के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना है।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
यदि किसी संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य से किया जा रहा है तो संबंधित मालिकों को अपनी संपत्ति की श्रेणी सही करवानी चाहिए।गलत जानकारी देकर कम कर जमा करना भविष्य में भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।नगर निगम द्वारा जारी होने वाले नोटिसों का समय पर जवाब देना भी जरूरी होगा।
निष्कर्ष
Indore संपत्ति कर जांच ने शहर में बड़े स्तर पर टैक्स चोरी के मामलों का खुलासा किया है। बिजली के व्यावसायिक कनेक्शनों और संपत्ति कर रिकॉर्ड के मिलान से 7189 मामलों की पहचान हुई है। इनमें से 6100 लोगों पर जुर्माने और कर वसूली की कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। गूगल अर्थ, जनगणना डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए नगर निगम भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्ती से निगरानी रखने की तैयारी कर रहा है।
