संत-महात्माओं ने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की उठाई मांग, पृथक गौ मंत्रालय के गठन पर दिया जोर
Indore में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की संभागीय संगोष्ठी, 15 जिलों से पहुंचे संत-महात्मा और गौभक्त
Indore । गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर चलाए जा रहे ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत इंदौर में संभागीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों से संत-महात्माओं, गौभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। संगोष्ठी में गौ संरक्षण को लेकर समाज और सरकार की भूमिका पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
कार्यक्रम के दौरान संत-महात्माओं ने एक स्वर में गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग का समर्थन किया। इसके साथ ही केंद्र सरकार से गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पृथक गौ मंत्रालय गठित करने की मांग भी रखी गई।
गौ संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान
संगोष्ठी में परम पूज्य ग्वाल संत श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने गौ संरक्षण की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर प्रभावी प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने गौ संरक्षण को केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने का आह्वान किया। संत ने कहा कि गौ माता के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
17 दिसंबर को सौंपे जाएंगे 31 करोड़ हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
कार्यक्रम में परम पूज्य स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने अभियान के आगामी चरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को 31 करोड़ हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपने की योजना है।
उन्होंने कहा कि ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गौ माता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन को लेकर देशभर में जनजागरूकता पैदा करना तथा सरकार के सामने समाज की मांगों को मजबूती से रखना है।
‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग
संगोष्ठी में मौजूद संत-महात्माओं ने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग का सामूहिक रूप से समर्थन किया। संतों का कहना था कि भारतीय समाज और संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान रहा है। ऐसे में उनके संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी नीति और व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।
आयोजकों के अनुसार, गौ संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों को एक मंच पर लाकर सरकार और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में अभियान काम कर रहा है।
पृथक गौ मंत्रालय बनाने पर जोर
कार्यक्रम में केंद्र सरकार से पृथक गौ मंत्रालय स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संतों और अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गौ संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित योजनाओं और गतिविधियों के बेहतर समन्वय के लिए अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।
उनका मानना है कि एक अलग मंत्रालय के माध्यम से गौ संरक्षण, गौशालाओं, पशु कल्याण, जागरूकता और संबंधित योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकता है।
देशव्यापी जनअभियान बनाने का आह्वान
संगोष्ठी में अभियान के आगामी चरणों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। संत-महात्माओं ने गौभक्तों, सामाजिक संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण का संदेश केवल धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों तक सीमित न रहकर देश के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए जनजागरूकता कार्यक्रमों और हस्ताक्षर अभियानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विश्व रिकॉर्ड प्रमाण-पत्र का भी हुआ उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की उपलब्धि के लिए प्रदान किए गए विश्व रिकॉर्ड प्रमाण-पत्र का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने इसे अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं और गौभक्तों के प्रयासों का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बाद अभियान को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
15 जिलों के संत-महात्माओं की रही सहभागिता
इंदौर में आयोजित संभागीय संगोष्ठी में इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों से संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। इसके अलावा बड़ी संख्या में गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गौ संरक्षण के साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
अभियान को व्यापक बनाने का संकल्प
संगोष्ठी के अंत में संत-महात्माओं और उपस्थित गौभक्तों ने गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चलाए जा रहे अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़कर सरकार के समक्ष जनभावनाओं और मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक मनोज तिवारी ने किया। आयोजकों ने संत-महात्माओं, गौभक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अभियान के आगामी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।
